Robotic Surgery से हो पाएगा बॉर्डर पर घायल सैनिकों का इलाज, ऐसा करेगा रोबोट सर्जरी

भारत तेजी से मेडिकल टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र काफी आगे बढ़ रहा है। हाल ही में SS Innovations International द्वारा दो शानदार प्रोजेक्ट लॉन्च किया गया है, जो स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है। आइए जानते हैं इन दो प्रोजेक्ट के बारे में-

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Written By: Kishori Mishra | Published : April 10, 2026 2:45 PM IST

Robotic Surgery : हमारा देश अब तेजी से मेडिकल टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में विश्व स्तर पर काफी आगे बढ़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में मेडिकल क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा हैं। बेहतर तकनीक, अनुभवी डॉक्टर, किफायती इलाज और सरकार द्वारा उठाए गए पहल से आज हमारा देश वैश्विक हेल्थकेयर हब बनने की ओर बढ़ रहा है। अब भारत में सिर्फ डॉक्टर ही नहीं, रोबोट भी सर्जरी करते हैं। इस बात से आप अच्छी तरह से वाकिफ होंगे, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अब युद्ध क्षेत्र में घायल हुए सैनिकों की सर्जरी भी रोबोट के द्वारा करना आसान हो गया है। जी हां, हाल ही में दिल्ली के भारत मंडपम में SS Innovations International द्वारा तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया है। इस दौरान दो शानदार प्रोजेक्ट, प्रोजेक्ट विमाना और प्रोजेक्ट ऑपेरियन लॉन्च किए, जो मेडिकल क्षेत्र में काफी बड़ी उपलब्धि बताई जा रही है।

क्या है प्रोजेक्ट विमाना?

प्रोजेक्ट विमाना एक आधुनिक बैटलफील्ड सर्जिकल सिस्टम है, जिसे भारी क्षमता वाले ऑटोनोमस ड्रोन के माध्यम से युद्धक्षेत्र या आपात स्थिति वाले क्षेत्रों तक पहुंचाया जा सकता है। इस तकनीक में 7-डिग्री फ्रीडम वाले मिनिएचर रोबोटिक आर्म्स लगे हैं, जो एक्सपर्ट ट्रॉमा सर्जनों को दूर बैठकर गंभीर रूप से घायल मरीजों का ऑपरेशन करने की सुविधा देते हैं।

इस सर्जिकल सिस्टम की मदद से ब्लीडिंग को कंट्रोल किया जा सकता है। इसके साथ ही चेस्ट का डीकंप्रेशन, शरीर में फंसे मेटल के टुकड़ों को निकालने में और घाव की मरम्मत करने में मदद मिल सकती है। इस टेक्नीक की मदद से युद्ध या फिर किसी तरह के आवदा के समय गोल्डन ऑवर में इलाज सुनिश्चित कर सकती है, जिससे जान बचाने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

क्या है प्रोजेक्ट ऑपेरियन

प्रोजेक्ट ऑपेरियन एक मोबाइल और प्लेटफॉर्म-एग्नोस्टिक ऑपरेटिंग रूम सिस्टम है, जिसे हॉस्पिटल के बाहर जैसे दूरदराज के गांवों, आपदा प्रभावित क्षेत्रों या फील्ड सेटअप में आसानी से स्थापित किया जा सकता है।

इसकी खासियत है कि यह ओवरहेड-इंटीग्रेटेड रोबोटिक्स, जीरो-फुटप्रिंट आर्किटेक्चर, 360 डिग्री एक्सेस और रियल-टाइम कॉन्फिगरेशन, टेली-सर्जरी की सुविधा प्रदान करता है। इसका मतलब यह है कि इसके जरिए एक्सपर्ट किसी भी लोकेशन से मरीजों का ऑपरेशन कर सकते हैं, जिससे हेल्थकेयर की पहुंच काफी बढ़ेगी।

अब हॉस्पिटल तक ही सीमित नहीं रहेगा इलाज

इन दोनों प्रोजेक्ट की मदद से फ्यूचर में मेडिकल हेल्थ के लिए सिर्फ अस्पतालों पर सीमित नहीं रहना पड़ेगा। क्योंकि अब सर्जरी ड्रोन, रोबोट और AI की मदद से युद्धक्षेत्र, आपदा क्षेत्रों और दूरदराज के इलाकों तक पहुंच सकेगी। ये प्रोजेक्ट न सिर्फ इलाज को तेज और सटीक बनाएगा, बल्कि लाखों लोगों की जान बचाने में भी अहम भूमिका निभा सकता है।

Highlights

  • प्रोजेक्ट विमाना के जरिए घायल सैनिकों का इलाज आसान हो सकता है।
  • सर्जिकल सिस्टम की मदद से शरीर में फंसे मेटल निकाला जा सकता है।
  • प्रोजेक्ट ऑपेरियर की मदद से दूर-दराज के गांवों में आपा प्रभावी फील्टसेप लगाना आसान हो सकता है।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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