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Written By: Yogita Yadav | Published : September 21, 2019 8:22 PM IST
The World Health Organisation established a target for countries to reduce sodium intake by 30% by 2025, and governments and the food industry have been working together to reduce salt in processed foods. © Shutterstock
भुना हुआ नमक औषधि का काम करता है। इससे आप कई बीमारियों का भी इलाज कर सकते हैं। मौसम बदलने के साथ ही बच्चों को जुखाम-बुखार पकड़ लेता है। बच्चे ही नहीं, बुजुर्ग और वे लोग जिनकी इम्यूनिटी वीक होती है, वे भी बुखार अथवा किसी भी संक्रमण की चपेट में जल्दी आ जाते हैं। इससे बचने के लिए दवा लेने की बजाए आप कुछ घरेलू उपचार (Home remedies for fever) भी कर सकते हैं।
मॉनसून और बदलते मौसम में होने वाली कई बीमारियों का संकेत है बुखार। फिर चाहें वह वायरल बुखार हो या फिर डेंगू बुखार। मलेरिया की दस्तक भी बुखार के साथ ही होती है। कई बार बच्चे जब ज्यादा थक जाते हैं तब भी उन्हें बुखार आ जाता है। ऐसे में कोई भी उपचार करने से पहले यह जानना जरूरी है कि आखिर बुखार है किस चीज का। विशेषज्ञ मानते हैं कि बुखार की सौ से भी ज्यादा वजह हो सकती हैं।
नमक स्वास्थ्य के लिए बहुत ज्यादा जरूरी है। नमक की कमी होने पर शरीर में कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। पर नमक की अधिकता भी कई बीमारियों का सबब बन सकती है। इसलिए जरूरी है कि हर रोज अपनी डाइट में संतुलित मात्रा में ही नमक का इस्तेमाल करें। यहां हम आपको नमक का एक ऐसा उपचार बता रहे हैं, जिससे आप बुखार का इलाज कर सकते हैं।
भुना हुआ नमक बनाने की विधि बहुत आसान है। आपको बस इतना करना है कि नमक को गर्म तवे पर डालना है और चम्मच की सहायता से उसे धीमी आंच पर भून लेना है। जब इसका रंग चाय या कॉफी की तरह गहरा हो जाए तो समझिए नमक भुन गया। आप इसे किसी जार में स्टोर करके भी रख सकते हैं।
जब भी आपको हरारत हो और ऐसा महसूस हो रहा हो कि बुखार हो रहा है तो सुबह खाली पेट इस नमक का सेवन करें। इसके लिए एक कप पानी में एक चम्मच नमक मिलाएं और पी जाएं। इसके कुछ घंटों बाद तक आपको कुछ नहीं खाना है। अगर नमक वाला पानी पीने के बाद प्यास लगती है तो केवल उबला हुआ गुनगुना पानी ही पिएं। पर ध्यान रहें यदि आप हाई बीपी यानी हाइपरटेंशन के मरीज हैं तो इस नुस्खे को न करें।
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