
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : September 23, 2022 11:51 PM IST
Risk Of Lung Cancer In Non-Smokers: विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) की एक रिपोर्ट के अनुसार साल 2020 में कैंसर की वजह से होनेवाले मौतों में लंग कैसर के मरीजों की संख्या बहुत अधिक थी। आंकड़ों के अनुसार लगभग 18 लाख लोगों की मृत्यु फेफड़ों के कैंसर के कारण (most common cause of cancer death) हो गयी । इन आंकड़ों से समझा जा सकता है कि लंग कैंसर एक गम्भीर प्रकार का कैंसर है। फेफड़ों के कैंसर के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए दुनियाभर में हर साल 25 सितंबर को वैश्विक फेफड़ा दिवस या वर्ल्ड लंग डे मनाया जाता है। इस दिन का मकसद दुनियाभर में लोगों को फेफड़ों के स्वास्थ्य और लंग कैंसर के खतरे के प्रति जागरूक किया जा सके और उन्हें अपने फेफड़ों को बीमार बनने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। साल 2022 के लिए वर्ल्ड लंग डे की थीम (World Lung Day 2022) है- लंग हेल्थ फॉर ऑल ( Lung Health for All) यानि सभी के लिए स्वस्थ फेफड़ों की उम्मीद।
गौरतलब है कि बीते 3 वर्षों में दुनियाभर में कोरोना महामारी का प्रभाव देखा गया। कोविड-19 संक्रमण फैलाने वाला वायरस सार्स-कोवि-2 फेफड़ों पर सीधा हमला करने वाला वायरस है और इसीलिए, कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए फेफड़ों को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखना प्राथमिकता थी। इस वर्ष वर्ल्ड लंग डे का उद्देश्य यही है कि लोगों को इस तरह से जागरूक किया जाए कि वे अपने लंग्स को स्वस्थ रखने के लिए खुद प्रयास करें और समय रहते फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों के लक्षणों की समय पर पहचान की जा सके। इसके लिए ऐसी स्थितियों से बचने के लिए भी लोगों की मदद की जा सके जो फेफड़ों के कैंसर की वजह बनते हैं। इस लेख में फेफड़ों के कैंसर या लंग कैंसर के कारणों और रिस्क फैक्टर्स के बारे में।
सिगरेट पीने के कारण लोगों में लंग कैंसर का रिस्क बहुत अधिक होता है। लेकिन, हाल ही में सामने आयी कुछ स्टडीज में यह पाया गया कि स्मोकिंग ना करने वाले लोगों को भी लंग कैंसर का खतरा हो सकता है। लंग कैंसर का खतरा इस बात पर भी निर्भर करता है कि कोई व्यक्ति कितने समय से धू्म्रपान कर रहा है या दिन में कितने सिगरेट पीता है। इसीलिए, ऐसे लोग जो कई वर्षों तक स्मोकिंग करने के बाद सिगरेट पीना छोड़ देते हैं उनमें लंग कैंसर का रिस्क कम हो सकता है। (chances of developing lung cancer after quitting smoking)
यह स्टडी लंदन के फ्रांसिस क्रिक इंस्टीट्यूट और यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं द्वारा की गयी जिसमें पाया गया कि नॉन-स्मोकर्स या धूम्रपान ना करने वाले लोगों को भी फेफड़ों का कैंसर हो सकता है। इस स्टडी के अनुसार, लंग कैंसर के कारण होने वाली मौतों में कई लोग ऐसे भी थे जिन्होंने कभी स्मोकिंग नहीं की थी।
कुछ स्टडीज में यह पाया गया कि लंग कैंसर के कुछ मरीजों ने दावा किया कि उन्होंने जिंदगी में कभी भी सिगरेट या तम्बाकू उत्पादों को हाथ नहीं लगाया लेकिन, उन्हें लंग कैंसर हो गया। जानकार इसकी वजह वायु प्रदूषण को मानते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनियाभर में 99 प्रतिशत से अधिक लोग ऐसे स्थानों में पर रहते हैं जहां हवा की गुणवत्ता सांस लेने के लिहाज से बहुत कम थी। इसी खराब एयर क्वालिटी को लंग कैंसर का एक बड़ा रिस्क फैक्टर माना जा रहा है।