
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Updated : April 30, 2026 4:55 PM IST
Medically Verified By: Dr. Varun Mittal
Image credits by: Risk of kidney stone recurrence (This image was generated by chatgpt)
गुर्दे में पथरी होना आजकल लोगों में कोई बड़ी बात नहीं रही है, क्योंकि ज्यादातर लोगों को लाइफस्टाइल और खानपान ऐसा हो चुका है कि किडनी स्टोन एक आम समस्या बन चुकी है। किडनी स्टोन के अलग-अलग तरह के इलाज भी हैं, जिनमें दवाओं से लेकर सर्जरी आदि शामिल हैं। किडनी स्टोन निकालने के ट्रीटमेंट तो हैं, लेकिन किडनी स्टोन को फिर से होने से रोकने के लिए अभी तक कोई इलाज या दवा नहीं बनी है। सरल शब्दों में कहें तो अगर आपने किडनी स्टोन का इलाज करा लिया है और अब ठीक हैं, लेकिन इसके बाद यह गारंटी नहीं है कि आपको दोबारा से किडनी स्टोन नहीं होगा। इसलिए हम इस बात पर भी ध्यान देना चाहिए कि अगर आपने एक बार किडनी स्टोन का इलाज करा लिया है, तो फिर से आपको किडनी स्टोन होने का कितना खतरा है।
जी हां, यह जोखिम काफी आम है। जिन लोगों को एक बार किडनी स्टोन हो चुका है, उनमें अगले 5 साल के भीतर दोबारा पथरी बनने की संभावना लगभग 30 से 50 फीसदी तक हो सकती है। अगर सही सावधानी न बरती जाए, तो यह खतरा और भी बढ़ सकता है।
Dr. Varun Mittal, Head - Kidney Transplant & Associate Chief - Uro-Oncology & Robotic Surgery (Unit I)
सबसे पहले हमें यह समझना होगा कि पहली बार गुर्दे में पथरी होने और दूसरी बार गुर्दे में पथरी होने में काफी अंतर है, क्योंकि दूसरी बार में खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है। डॉ. वरुण मित्तल ने बताया कि गुर्दे में पथरी दोबारा बनने का कारण प्रमुख रूप से तो यह है कि पहली बार जब किडनी स्टोन का इलाज करके उसे निकाला जाता है, तो किडनी के अंदर कई बार छोटी-छोटी क्रिस्टल्स रह सकती हैं, जो बाद में बड़े स्टोन बन जाती हैं।
इसके अलावा खराब लाइफस्टाइल और खानपान भी फिर से किडनी स्टोन बनने का एक मुख्य कारणों में से एक है। ऐसा इसलिए क्योंकि जब किडनी स्टोन की समस्या खत्म होती है, तो कुछ समय बाद फिर खराब लाइफस्टाइल में ही आराम ढूंढ लेते हैं जैसे कि कम पानी पीने की आदत।
गुर्दे की पथरी पहली बार हो या दूसरी बार, कम पानी पीने की आदत इसका एक बड़ा कारण हो सकती है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो यूरिन ज्यादा कंसन्ट्रेटेड हो जाता है, जिससे मिनरल्स जमा होकर स्टोन बनने लग सकते हैं। इसके अलावा भी कुछ आदतें हो सकती हैं जो अक्सर फिर से किडनी में पथरी बनने का कारण बन सकती हैं जैसे -
जेनेटिक कंडीशन का मतलब है कि अगर आपके परिवार में किसी को किडनी में पथरी है या पहले हो चुकी है, जैसे माता-पिता या सगे भाई-बहन तो आपके लिए भी पहली या दूसरी बार किडनी में पथरी होने का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि, इस बात पर भी ध्यान देना होगा कि हम खतरा बढ़ने की बात कर रहे हैं। उदाहरण के लिए अगर आपके परिवार में पहले किसी को पथरी हुई है, लेकिन आप अपनी लाइफस्टाइल और डाइट का ध्यान रखते हैं, तो हो सकता है आपको यह समस्या न हो।
आपके लिए किडनी स्टोन का खतरा पहली बार हो या दूसरी बार, इनसे बचाव के तरीके एक ही हैं। कुछ बातों का ध्यान रखकर आप किडनी स्टोन होने के खतरे को कम कर सकते हैं जैसे -
हालांकि, जिन लोगों को पहले एक बार किडनी स्टोन हो चुका है, तो उन्हें हम कुछ खास सलाह जरूर देना चाहेंगे कि वे समय-समय पर जांच जरूरत कराते रहें और किडनी में दर्द होना आदि लक्षणों को इग्नोर न करें। ऐसा करके किडनी स्टोन को शुरुआती स्टेज में ही कंट्रोल किया जा सकता है।
डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य सिर्फ फिर से किडनी स्टोन होने के कारण और उससे बचाव से जुड़ी जानकारी देना है। इस लेख में दी गई किसी भी जानकारी किडनी का इस्तेमाल स्टोन या फिर किसी भी बीमारी के इलाज के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
जब पेशाब में मिनरल्स व अन्य विषाक्त पदार्थों की मात्रा बढ़ जाती है, तो किडनी में ये चीजें एक हिस्से में जमा होने लगते हैं और धीरे-धीरे एक क्रिस्टल या पथरी का रूप ले लेते हैं। ऐसा आमतौर पर खराब जीवनशैली, खराब खानपान और कम पानी पीने की आदत के कारण होता है।
पसलियों के नीचे एक हिस्से में दर्द होना, बार-बार पेशाब आना, पेशाब से बदबू आना, पेशाब में खून आना, बार-बार उल्टी जैसा मन होना और बुखार आदि।
किडनी डैमेज की स्थिति में शरीर में सूजन, थकान, पेशाब में झाग आने और स्किन से जुड़ी कुछ समस्याएं हो सकती हैं।
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