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How to help someone after electric shock- किसी वायर को जोड़ते हुए, बल्ब बदलते हुए या घर में छोटे-मोटे काम करते हुए कभी-कभार लोगों को बिजली का झटका (Electric shock) लग जाता है। इसी तरह बरसात के दिनों में अक्सर बिजली से चलने वाले उपकरणों से करंट लगने की घटनाएं हो जाती हैं। बिजली का झटका (Bijli ka jhatka) अगर तेजी से लगे तो इससे व्यक्ति के शरीर को काफी नुकसान हो सकता है। इसी तरह अगर बिजली का बहुत तेज झटका लगे तो व्यक्ति की मौत भी हो सकती है। दरअसल, तेज करंट लगने से हार्टबीट रूक सकती है और लोगों को सांस लेने में तकलीफ (breathing problem after electric shock) हो सकती है। ऐसे में करंट लगने से व्यक्ति की जान जाने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में करंट लगने के बाद लोगों की जल्द से जल्द मदद करें। करंट लगने के बाद अगर किसी व्यक्ति को समय पर जरूरी उपचार मिल जाए तो उसके बचने की संभावना भी बढ़ सकती है। जानते हैं कि बिजली का करंट लगने के बाद प्रभावित व्यक्ति की मदद कैसे की जा सकती है और किन गलतियों से बचने से मरीज को बचाया जा सकता है।
अगर किसी व्यक्ति को बिजली का करंट लगा हो तो उसे किसी लकड़ी या छड़ी की मदद से छुड़ाएं। स्टील, लोहे या किसी भी प्रकार के मेटल की स्टिक या सीधे हाथों से उस व्यक्ति को ना छूएं या बचाने की कोशिश ना करें। क्योंकि इससे आपको भी बिजली का झटका लग सकता है।
करंट से अलग होने के बाद चेक करें कि व्यक्ति की सांस किस तरह चल रही है। फिर, तुरंत उसके इलाज की तैयारी करें। करंट लगने से अगर व्यक्ति बेहोश हो जाए तो उसे सीपीआर दें। मरीज को जल्द से जल्द से अस्पताल पहुंचाएं।
बिजली का करंट लगने से जहां हाथों-पैरों में झटके लगते हैं। वहीं, करंट से शरीर को अंदर तक नुकसान भी पहुंचता है। बिजली का झटका लगने के बाद ये गम्भीर लक्षण दिखायी दे सकते हैं, जैसे-
अगर ये लक्षण लम्बे समय तक दिखें तो तुरंत मरीज को डॉक्टर के पास ले जाएं। क्योंकि इन लक्षणों को हल्के में लेने से प्रभावित व्यक्ति के शरीर को डैमेज पहुंच सकता है और मरीज की जान जाने का रिस्क भी बढ़ सकता है।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
अगर बिजली का झटका लगने के बाद व्यक्ति होश में है और उसके किसी तरह की चोट ना लगी हो तो हल्का गर्म या गुनगुना पानी पिलाया जा सकता है।
बिजली का तेज करंट लगने से हार्टबीट रूक सकती है और लोगों को सांस लेने में तकलीफ होती है। इसके साथ ही हाथ-पैर कांपने लगते हैं और नर्वस सिस्टम को नुकसान होता है।