... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Jitendra Gupta | Published : October 6, 2022 2:02 PM IST
20, 30 या 40 किस उम्र में बढ़ता है सबसे ज्यादा ब्लड शुगर! जानें कितने मिनट की वॉक कंट्रोल रखती है ब्लड शुगर
डायबिटीज बुजुर्गों को होने वाली एक समस्या है लेकिन इसके बढ़ते रोगियों की संख्या ने देश को दुनिया की डायबिटीज की राजधानी बना दिया है। दरअसल भारत की 10 फीसदी से ज्यादा आबादी इस वक्त डायबिटीज से पीड़ित है। दुनिया में डायबिटीज से पीड़ित लोगों का करीब 17 फीसदी हिस्सा भारत में है। डायबिटीज होने के जोखिम कारकों में शामिल है उम्र, पारिवारिक इतिहास, मोटापा, कम शारीरिक गतिविधि और तमाम चीजें। चूंकि ये बुजुर्गों में ये बहुत आम है और इसके संकेतों व लक्षणों को जानना बहुत ही जरूरी है। इससे ज्यादा जरूरी है कि हमें पता हो कि किस उम्र में इस बीमारी का खतरा सबसे ज्यादा है।
डायबिटीज के संकेतों और लक्षणों में शामिल हैंः
बहुत ज्यादा प्यास लगना
बार-बार पेशाब आना
भूख बढ़ना
वजन का कम होना
बुजुर्ग लोग आमतौर पर टाइप-2 डायबिटीज का शिकार होते हैं। इसे मैच्योरिटी ऑनसेट डायबिटीज भी कहा जाता है और ये आमतौर पर 45 से 50 साल के बीच होती है।
डायबिटीज के उपचार में आमतौर पर इंसुलिन की जरूरत नहीं पड़ती है लेकिन इसके उपचार में दवाओं का इस्तेमाल आम है। हालांकि इंसुलिन का इस्तेमाल किसी भी कारण से पैदा हुई गंभीर स्थिति से निपटने में मदद करता है।
ये जानना बहुत ही जरूरी है कि डायबिटीज के कारण बुजुर्गों को ढेर सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसकी वजह से रोगी को हार्ट अटैक, स्ट्रोक, पेरिफेरल वास्कुलर डिजिज, किडनी फेल्योर और अंधापन भी शामिल है। इसलिए डायबिटीज के उपचार के साथ-साथ ब्लड शुगर की जांच करना भी जरूरी है ताकि दूसरी समस्याओं से बचा जा सके। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है डायबिटीज का खतरा और लक्षण दोनों बढ़ते जाते हैं, जिसकी वजह से अंगों के खराबहोने का खतरा बढ़ जाता है। उम्र के साथ-साथ शरीर इंसुलिन प्रतिरोधी हो जाता है और 74 साल तक पहुंचते-पहुंचते आपके कई अंग खराब हो जाते हैं।
जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है डायबिटीज कई गंभीर बीमारियों जैसे किडनी रोगों, स्ट्रोक, हार्ट डिजीज, आंखों की समस्या और तंत्रिका क्षति का प्रमुख कारण बन जाता है। इतना ही नहीं ये डायबिटीज की वजह अंग काटने और कैंसर के होने व अल्जाइमर का भी कारण हो सकता है।
ये बहुत ही जरूरी है कि डायबिटीज के बुजुर्ग रोगियों को अपने साथ थोड़ी बहुत मात्रा में शुगर रखनी चाहिए ताकि उनकी जान बची रहे। दवाओं के साथ नियमित रूप से वॉक करना जैसी एक्सरसाइज और कंट्रोल्ड डाइट ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखने में मदद करता है। अगर आप नियमित रूप से 45 मिनट तक चलते हैं तो ये आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।