
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Medically Verified By: Dr. Ajeet Singh
Diabetes Risk at Young Age: हर किसी के पास समय की किल्लत होती जा रही है और वह किल्लत इतनी ज्यादा है कि लोग खुद अपनी हेल्थ का ध्यान नहीं रख पा रहे हैं। घर पर बना खाना खाने की बजाय ऑफिस में ही ऑनलाइन ऑर्डर कर लेते हैं तो कभी-कभी रास्ते में से ही ठेले या ढाबे से खाना पैक करा लिया जाता है। यह खाना किफायती होता है और टेस्टी भी, लेकिन हेल्दी आप इसे नहीं कह सकते हैं। मोमोज, चाऊमीन, बर्गर और पिज्जा जैसे फूड युवाओं से लेकर बच्चों तक की पहली पसंद बन चुके हैं। आजकल ये सभी फास्ट फूड हर गली-नुक्कड़ पर आसानी से मिल जाते हैं, फिर चाहे आप गांव में हो या शहर में। मगर यह स्वादिष्ट जंक फूड भले ही आपकी जीभ को खुश कर रहा हो, लेकिन सेहत के लिए धीरे-धीरे जहर का काम कर रहा है। डॉक्टर अजीत सिंह सीनियर कंसल्टेंट एंड हेड ऑफ कार्डियक साइंसेज, शारदा केयर हेल्थ सिटी के ने इस बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी, जिनके बारे में हम आपको इश लेख में बताने वाले हैं।
मोमोज और चाऊमीन जैसी चीजों में रिफाइंड मैदा, ज्यादा तेल और हाई कार्बोहाइड्रेट पाए जाते हैं। ये सभी चीजें ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा देती हैं। ऐसे में लगातार इसका सेवन करने से इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ जाता है, जिससे टाइप-2 डायबिटीज का खतरा कई गुना हो जाता है। ये खतरा उन लोगों में ज्यादा बढ़ जाता है, जो लोग शारीरिक रूप से कम एक्टिव होते हैं।
फास्ट फूड को बनाने में इस्तेमाल होने वाला रिफाइंड ऑयल और बार-बार गर्म किया जाता है, जिससे ये तेल ट्रांस फैट को बढ़ाने का काम करता है। इससे बेड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है और गुड़ कोलेस्ट्रॉल घट जाता है। नतीजा, दिल की नसों में ब्लॉकेज, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट अटैक का खतरा कई गुना अधिक बढ़ जाता है।
फास्ट फूड में कैलोरी की मात्रा गई गुना अधिक होती है और पोषण की मात्रा बेहद कम। ऐसे में जब आप इसका सेवन अधिक मात्रा में करते हैं तो शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल नहीं मिल पाते और अतिरिक्त कैलोरी फैट के रूप में शरीर में जमा होने जाती है। ये फैट पेट, कमर और जांघों पर जमा होता है और मोटापे के रूप में दिखाई देता है।
जब आपको फास्ट फूड आसानी से उपलब्ध होता है, तो दाल-चावल, सब्जी और रोटी जैसे पौष्टिक घरेलू भोजन खाने का मन नहीं करता। इसका। नुकसान ये होता है कि आपके शरीर को फाइबर, प्रोटीन और जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते। वहीं जब ये स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ देती है और आपके पूरे सिस्टम के साथ ही मस्तिष्क को भी नुकसान होता है।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।