वायु प्रदूषण से नवजात बच्चों पर मौत का खतरा, जानें बचाव के उपाय

वायु प्रदूषण की वजह से नवजात बच्चों की मौत हो सकती है. एक साल से कम के बच्चों पर वायु प्रदूषण का असर बहुत बुरा होता है. हाल ही में आये एक शोध के अनुसार एक साल से कम के बच्चे वायु प्रदूषण की वजह से 20 से 50 प्रतिशत मौत के करीब होते हैं.

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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : September 30, 2019 4:59 PM IST

वायु प्रदूषण से लोगों की जिंदगी में मौत का साया जल्दी मंडराने लगा है. आंकड़े के अनुसार हर साल 70 लाख से अधिक बच्चे वाय प्रदूषण की वजह से मर जाते हैं. वायु प्रदूषण की वजह से मरने वाले बच्चों की उम्र 5 साल से भी कम होती है. अगर खतरे के हिसाब से देखा जाये तो 1 साल से कम के बच्चों में वायु प्रदूषण का सबसे बुरा असर पड़ता है. कार्डिफ यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन में हुए एक शोध के अनुसार 1 साल के कम के बच्चों पर वायु प्रदूषण का इतना बुरा असर होता है कि उनकी मौत तक हो जाती है.

पूर्व के कई शोध बता चुके हैं कि दूषित हवा में सांस लेने से हार्ट और फेफड़े की बीमारियों का खतरा होता है. वायु प्रदूषण की वजह से लोगों की जल्दी मौत होने लगी है. अभी तक यह जानकारी नहीं थी कि कौन से प्रदूषण नवजात बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक हैं.

बच्चों की मौत के कारक जहरीले तत्व

हवा में व्याप्त जहरीले तत्व बच्चों को मौत के नजदीक ले जाते हैं. शोध के अनुसार बच्चों को सबसे ज्यादा 3 चीजों से खतरा रहता है. PM10 , नाइट्रोजन डाईऑक्साइड और सल्फर डाई ऑक्साइड वो तीन जहरीले तत्व हैं जो बच्चों की मौत का कारण बनते हैं. जहां की हवा में इन तत्वों की अधिकता होती है वहां के बच्चों की मौत का खतरा 20 से 50 प्रतिशत तक बढ़ जाती है.

शहरी बच्चों को ज्यादा खतरा

पूर्व के हुए एक शोध के अनुसार शहर के बच्चों में वायु प्रदूषण का असर ज्यादा होता है. कई बार गाड़ी का धुंआ बच्चों के सीधे संपर्क में आता है. एक शोध के अनुसार 3 महीने के अंदर अगर बच्चे को गाड़ी का धुंआ मिलता है, तो उसके फेफड़ों का फंक्शन खराब होने लगता है. वायु प्रदूषण की वजह से बड़े होने पर बच्चे में अस्थमा या फेफड़े से जुड़ी अन्य बीमारी का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.

वायु प्रदूषण से बच्चों को बचाने का उपाय

वायु प्रदूषण से बच्चों को बचाने के लिए माता-पिता को विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है. आइए जानते हैं कुछ खास टिप्स.

अगर आप शहर में रहते हैं तो नवजात बच्चे को घर से बाहर कम से कम ले जाएं. घर पर भी वायु प्रदूषण दूर करने वाले पौधे लगाकर रखें.

छोटे बच्चे की इम्यूनिटी मजबूत रहे इसके लिए स्तनपान जरूर कराएं.

घर के अंदर मच्छर भगाने के लिए उपयोग किये जाने वाले धुंए वाले पदार्थ का उपयोग न करें.

बच्चे को सड़क पर ले जाने से पहले उसे पूरी तरह से सुरक्षित कर लें. बाहर गाडियों का धुआं बच्चे को बीमार कर सकते हैं.

घर के अंदर धुंआ करने वाले पदार्थों न जालाएं.

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