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मोटापा से ग्रसित लोगों को 70 प्रतिशत तक अधिक होता है ब्लड कैंसर का खतरा, रिपोर्ट में सामने आए आंकड़े

मोटापे से ग्रस्त लोगों में ब्लड कैंसर का खतरा काफी अधिक हो जाता है। दरअसल मोटापे से पीड़ित लोगों में monoclonal gammopathy of undetermined significance (MGUS) की संभावना काफी अधिक हो जाती है, जो एक क्रिटिकल ब्लड कंडीशन है। जिसके कारण ब्लड कैंसर का खतरा पैदा हो जाता है।

मोटापा से ग्रसित लोगों को 70 प्रतिशत तक अधिक होता है ब्लड कैंसर का खतरा, रिपोर्ट में सामने आए आंकड़े
fat people in under risk of blood cancer

Written by intern23.seo |Published : January 16, 2024 6:01 PM IST

हाल ही में हुए एक शोध में ये बात सामने आई है कि मोटापा से ग्रस्त लोगों में अन्य लोगों की तुलना में ब्लड कैंसर होने का खतरा ज्यादा होता है। मोटापा अपने आप में कोई रोग नहीं है लेकिन क्या आप जानते हैं कि मोटापा कई गंभीर समस्याओं का कारण बन जाता है। इतना ही नहीं मोटापा के कारण मल्टीपल मायलोमा यानी 'प्लाज्मा सेल का ब्लड कैंसर' होने का खतरा 70% तक बढ़ जाता है। अमेरिका में मैसाचुसेट्स जनरल हॉस्पिटल की एक टीम ने बताया कि "धूम्रपान की आदतें और व्यायाम में कमी भी मल्टीपल मायलोमा के विकसित होने कारण बन जाते हैं।

इन लोगों को है ज्यादा खतरा

इसके अलावा ब्लड एडवांसेज में छपे एक शोध के मुताबिक मोटापा से परेशान लोगों में मोनोक्लोनल गैमोपैथी ऑफ अनडिटरमाइंड सिग्निफिकेंस (एमजीयूएस) होने की संभावना ज्यादा होती है। (MGUS) एक सौम्य ब्लड कंडीशन है, जो अक्सर मल्टीपल मायलोमा से पहले देखने को मिलती है। मैसाचुसेट्स हॉस्पिटल के डॉक्टर डेविड ली ने बताया कि 'मल्टीपल मायलोमा' के इलाज में काफी सुधार देखने को मिला है लेकिन अब भी यह बीमारी लाइलाज बनी हुई है। हालांकि इस बीमारी का पता ही तब चल पाता है जब यह अपने आखिरी स्टेज पर पहुंच जाती है।

मोटे लोगों को कितना है खतरा

इस शोध के लिए फरवरी 2019 से मार्च 2022 तक पूरे अमेरिका में अलग अलग जगहों पर जाकर 2628 व्यक्तियों को इस शोध में शामिल किया गया। इस शोध में पहचान किए गए मोटे लोगों में मल्टीपल मायलोमा का खतरा काफी हद तक बढ़ा हुआ मिला। आंकड़ों की बात करें तो सामान्य वजन वाले व्यक्तियों की तुलना में मोटे लोगों में इस समस्या के होने की तुलना लगभग 73% अधिक थी। हालांकि यह कोई निश्चित प्रतिशत नहीं है शारीरिक गतिविधियों के हिसाब से यह आंकड़ा ऊपर नीचे हो सकता है।

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शोध में ये बात भी आई सामने

इसमें ये बात भी सामने आई कि जो व्यक्ति रोजाना 45-60 मिनट या उससे भी अधिक दौड़ लगाता या जॉगिंग करता है, उसमें (एमजीयूएस) होने की संभावना काफी कम हो जाती है। जबकि जो लोग मोटापा के साथ धूम्रपान करते हैं और भरपूर नींद नहीं ले पाते हैं। उनमें इस समस्या के होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

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Disclaimer- यह लेख आपकी सामान्य जानकारी के लिए है इसे किसी विशेषज्ञ की राय का विकल्प न समझें। इस लेख में साझा की गई जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध विभिन्न स्रोतों के आधार पर है। किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले एक बार हेल्थ एक्सपर्ट की राय जरूर लें।

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