गर्मी से बढ़ सकता है ब्लैडर और किडनी में इंफेक्शन का रिस्क, जानिए क्या हैं ब्लैडर स्टोन्स के लक्षण

अगर ब्लैडर में पथरी बनने की स्थिति को नजरअंदाज किया जाता है या इलाज में देर की जाती है तो इससे किडनी में इंफेक्शन और किडनी डैमेज जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : May 28, 2024 12:13 PM IST

Bladder stone in Summer season:  गर्मियों में लू लगने (Heat Wave) की वजह से डिहाइड्रेशन और कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं, डॉक्टरों ने बताया कि प्रचंड गर्मी से लोगों में यूरिनरी ट्रैक्ट से जुड़े इन्फेक्शन (Urinary Tract Infection) और किडनी की पथरी (Kidney Stones) जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। बता दें कि यूरिनरी ट्रैक्ट में पथरी बनने पर खनिज और एसिड के छोटे-छोटे क्रिस्टल्स जमा होने लगते हैं। जब पेशाब गाढ़ा हो जाता है तो ये क्रिस्टल्स बनने और जमा होने लगते हैं।

गर्मियों में क्यों बढ़ जाती है ब्लैडर में पथरी

यूरोलॉजिस्ट डॉ. पवन रहांगडाले (अपोलो स्पेक्ट्रा पुणे) ने आईएएनएस से बात करते हुए बताया, "गर्मियों के मौसम में मूत्राशय में स्टोन्स की समस्या बढ़ने की संभावना अधिक रहती है। यह समस्या तब होती है जब गर्मी के कारण शरीर में पानी की मात्रा कमहोने लगती है। इन दिनों अस्पताल में हर दिन 2 से 3 मरीज पेट दर्द की शिकायत लेकर इलाज के लिए आते हैं।''

डॉक्टरों ने गर्मियों में इस प्रॉब्लम से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है। ऐसे में बॉडी को हाइड्रेट रखना जरूरी हो जाता है।

पानी ना पीने से हो सकती है मूत्राशय और किडनी से जुड़ी ये समस्याएं

डॉक्टर ने कहा, "गर्मियों में तापमान बढ़ने पर लोगों को जल्दी-जल्दी और बार-बार पानी पीना चाहिए। इससे पेशाब का रंग साफ होता है। ध्यान देने वाली बात ये है कि पेशाब का रंग पीला होने का मतलब है कि आपके शरीर में पानी की कमी हो रही है और डिहाइड्रेशन की स्थिति बन गयी है। "

डॉक्टर ने कहा कि बहुत अधिक पसीना आने से हमारे शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इससे शरीर में पानी का स्तर तेजी से कम होता है। इसीलिए आपको अधिक से अधिक मात्रा में पानी पीना चाहिए।

पानी की कमी से पेशाब गाढ़ा होता है जिससे पथरी बन सकती है। उन्होंने कहा, "अगर ब्लैडर में पथरी बनने की इस स्थिति को नजरअंदाज किया जाता है या इलाज में देर की जाती है तो इससे किडनी में इंफेक्शन और किडनी डैमेज (Kidney Damage) जैसी समस्याएं हो सकती हैं।"

मूत्राशय (ब्लैडर)में पथरी के लक्षण क्या हैं?

  • पीठ और पेट में तेज दर्द
  • उल्टी और मतली
  • पेशाब में खून आना
  • बार-बार पेशाब आना

यूरीनरी ट्रैक्ट की पथरी का इलाज

यूरोलॉजिस्ट डॉ. रविंदर होदरकर (जि‍नोवा शाल्बी हॉस्पिटल, मुंबई) के अनुसार यूरीनरी ट्रैक्ट में पथरी का आकार कुछ सेंटीमीटर तक बढ़ सकता है। उन्होंने बताया, "कुछ मामलों में पथरी बिना किसी उपचार के ही धीरे-धीरे पिघल जाती है। वहीं, अगर पथरी का आकार बड़ा हो तो ऐसे में सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।''

बचाव के उपाय

एक्सपर्ट्स के अनुसार, चूंकि गर्मियों के मौसम में पेशाब के रास्ते में पथरी होने की संभावना होती है। ऐसे में लोगों को कुछ विशेष सावधानियां बरतने की जरूरत पड़ सकती है। जैसे,

  • पथरी का खतरा बढ़ानेवाले फूड्स कम खाएं।
  • पालक, शकरकंद, चुकंदर और बादाम का सेवन कम करनें। इन फूड्स में ऑक्सलेट पाए जाते हैं जो पथरी का रिस्क बढ़ा सकते हैं।
  • हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं।
  • अधिक से अधिक मात्रा में पानी पीएं।

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