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Written By: Jitendra Gupta | Published : November 11, 2021 1:28 PM IST
बढ़ता प्रदूषण इस उम्र के लोगों के लिए बढ़ा सकता है अस्थमा की परेशानी, एक्सपर्ट से जानें बचाव के आसान उपाय
दिवाली के बाद वायु प्रदूषण से जन जीवन में स्वास्थ्य संकट पैदा हो गया है और इस विकट समस्या का निदान कैसे करें यह हमारे समाज के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। हाल में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) ने 450-500 का निशान पार कर लिया है जो मान्य स्तरों से बहुत अधिक खतरनाक स्तर है। उच्च जोखिम वाले लोग जिन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है, जिनमें ब्रोन्कियल अस्थमा या ब्रोंकाइटिस के इतिहास वाले लोग सह-रुग्णता के साथ 65 वर्ष से अधिक आयु के लोग, और जिनके फेफड़े कोविड या एलर्जी से प्रभावित थे, शामिल हैं।
गुरुग्राम स्थित मैक्स अस्पताल के आंतरिक चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ निदेशक- एवं चिकित्सा सलाहकार डॉ. आशुतोष शुक्ला उच्च जोखिम वाले लोगों को कुछ ऐसे टिप्स के बारे में बता रहे हैं, जो उन्हें इन समस्याओं से बचाने में मदद कर सकते हैं।
1-प्रदूषण जिन दिनों अधिक हो आपके लिए सबसे सही उपाय प्रदूषित हवासे खुद को बचाना है।
2-महामारी के बीच फेस-मास्क पहनना एक दिनचर्या बन गई है, और यह प्रदूषण के प्रभाव से बचने में भी मददगार है।
3-घर, ऑफिस और अपनी कार में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें।
4-अत्यधिक प्रदूषण के दौरान खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें।
5- कुछ इनडोर पौधों का उपयोग करें जो हवा को शुद्ध करते हैं जैसे मनी प्लांट, एरेका पाम, फिलोडेंड्रोन, पीस लिली, ड्रैकेना, बोस्टन फर्न और एलोवेरा।
लोगों को अपने क्षेत्रों में प्रदूषण के स्तर के बारे में सूचित और इस चरण के दौरान अतिरिक्त सतर्क रहने की आवश्यकता है क्योंकि दिल्ली एनसीआर में खराब एक्यूआई में एक सप्ताह के बाद ही सुधार होने की संभावना है।
1-आंखों में जलन
2-पानी आना और लाल होना
3-नाक बंद रहना
4- नाक बहना
5- बार-बार छींक
6-सिरदर्द
7- सांस फूलना
8-खांसी
9- छाती में भारीपन
इन लक्षणों से आप समझ सकते हैं कि हवा की गुणवत्ता में गिरावट आई है और इससे बचने की जरूरत है। ये लक्षण कितने गंभीर होंगे यह प्रदूषण के स्तर, एक्सपोजर (प्रत्यक्ष सामना) और निजी स्वास्थ्य की स्थिति पर निर्भर करेगा। परिवेश में प्रदूषण की अधिकता से दिल का दौरा, स्ट्रोक और सीओपीडी का खतरा भी बढ़ता है।