किन लोगों को ज्यादा है इबोला वायरस का खतरा? जानें बचाव के लिए क्या करें

कुछ लोगों में इबोला वायरस का खतरा ज्यादा हो सकता है। इसलिए इन लोगों को बचाव के लिए कुछ टिप्स जरूर फॉलो करने चाहिए और लक्षण दिखते ही डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए।

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Written By: Anju Rawat | Published : May 18, 2026 3:49 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Manav Manchanda

Ebola Virus: कांगो और युगांडा में इबोला वायरस का कहर ठमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए WHO ने इस संक्रामक बीमारी को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया है। यह इंसानों और कुछ जानवरों (बंदर, चिंपैंजी और गोरिल्ला आदि) को प्रभावित करने वाला एक बेहद गंभीर और जानलेवा वायरस है। यह एक से दूसरे व्यक्ति में रक्त, स्त्राव या शरीर के तरल पदार्थों के सीधे संपर्क में आने से फैल सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, इबोला रोग की औसत मृत्यु दर लगभग 50 फीसदी है। वैसे तो यह वायरस, संक्रमित व्यक्ति की चपेट में आने से किसी भी हो सकता है। लेकिन, कुछ लोगों में इसका खतरा ज्यादा रहता है। आइए, एशियन हॉस्पिटल, फरीदाबाद के डायरेक्टर एंड हेड रेस्पिरेटरी, क्रिटिकल केयर एंड स्लीप मेडिसिन डॉ. मानव मनचंदा(Dr. Manav Manchanda, Director & Head- Respiratory, Critical Care & Sleep Medicine, Asian Hospital, Faridabad)  से जानते हैं-

इबोला वायरस के लक्षण क्या हैं?

जब कोई व्यक्ति इस वायरस की चपेट में आता है, तो उसे कुछ लक्षण महसूस हो सकते हैं। इसमें शामिल हैं-

किन लोगों में होता है इबोला वायरस का ज्यादा खतरा?

कुछ लोगों में इबोला वायरस का खतरा ज्यादा हो सकता है। इनमें शामिल हैं-

कमजोर इम्यूनिटी

इबोला वायरस एक गंभीर वायरल संक्रमण है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता और कई अंगों को प्रभावित कर सकता है। इसलिए जिन लोगों की इम्यूनिटी पहले से कमजोर होती है, उनमें इस वायरस का खतरा ज्यादा होता है। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं की इम्यूनिटी कमजोर होती है। ऐसे में इन लोगों में इबोला वायरस का जोखिम ज्यादा हो सकता है। इसलिए अगर आपकी इम्यूनिटी कमजोर है, तो अपनी डाइट का ख्याल रखें और विटामिन-सी को शामिल करें।

हेल्थकेयर वर्कर्स

हेल्थकेयर वर्कर्स में भी इबोला वायरस का खतरा ज्यादा हो सकता है। स्वास्थ्यकर्मी और लैब में काम करने वाले लोग, संक्रमित लोगों के काफी करीब रहते हैं, इससे उनमें भी जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए हेल्थकेयर वर्कर्स हमेशा मास्क का इस्तेमाल करते हैं और समय-समय पर हैंड वॉश जरूर करें।

इनके अलावा, जो लोग ज्यादा भीड़भाड़ वाली जगहों पर रहते हैं या किसी सतह या चीज को छूने के बाद हाथ नहीं धोते हैं, तो उनमें भी इबोला वायरस का खतरा ज्यादा हो सकता है। जिन लोगों का शरीर कमजोर है या जो लंबे समय से तनाव में है, उनमें भी इसका खतरा ज्यादा हो सकता है।

इबालो वायरस से बचाव के लिए क्या करें?

  • इबालो वायरस से बचने के लिए खाना खाने से पहले या किसी चीज को छूने के बाद हाथ जरूर धोएं।
  • भीड़भाड़ वाली जगहों में जाने से बचें। अगर जा रहे हैं, तो मास्क का इस्तेमाल जरूर करें।
  • संक्रमित लोगों के संपर्क में आने से बचें। इससे संक्रमण का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है।
  • तेज बुखार, ज्यादा कमजोरी या थकान महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। बिना सलाह के दवाइयों का सेवन न करें।
  • इम्यूनिटी बूस्ट करने के लिए विटामिन सी, प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर डाइट लें।

Disclaimer: इस समय कांगो में इबोला वायरस के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में विश्व स्वास्थ्य संगठन से भी इसे ग्लोबल इमरजेंसी घोषित कर दिया है। इसलिए सभी को इससे बचाव के लिए हेल्दी डाइट लेना बहुत जरूरी है। साथ ही, संक्रमित लोगों से दूरी बनाए रखें। अगर कोई लक्षण महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें।

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