दाएं ब्रेस्ट में हल्का सा दर्द क्यों महसूस होता है? कब घबराने की होती है जरूरत
कुछ महिलाओं को ब्रेस्ट के दाईं ओर दर्द होने लगता है। क्या यह सामान्य कारणों से होता है या फिर कोई गंभीर कारण हैं? आइए इस विषय को इस लेख के जरिए अच्छे से समझते हैं-
कई बार महिलाओं को सिर्फ एक ही ब्रेस्ट में हल्का-हल्का सा दर्द महसूस होता है। कुछ महिलाएं इस स्थिति को इग्नोर कर देती हैं। वहीं, कुछ महिलाएं ऐसी परेशानी को लेकर बार-बार सोचने लग जाती हैं कि 'कहीं उन्हें ब्रेस्ट कैंसर तो नहीं हो गया?' ऐसे में इस स्थिति को समझना बहुत ही जरूरी है। इस विषय की अधिक जानकारी के लिए हमने गुरुग्राम स्थित सीके बिड़ला हॉस्पिटल के डायरेक्टर - द ब्रेस्ट सेंटर डॉ. रोहन खंडेलवाल से बातचीत की है। डॉक्टर का कहना है कि महिलाओं में ब्रेस्ट दर्द एक आम समस्या है। कई बार यह दर्द सिर्फ कुछ समय के लिए होता है और अपने आप ठीक हो जाता है, लेकिन जब दर्द सिर्फ दाएं ब्रेस्ट में महसूस हो तो कई महिलाओं के मन में ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का डर बैठ जाता है। हालांकि, हर ब्रेस्ट दर्द कैंसर का संकेत नहीं होता। ज्यादातर मामलों में इसके पीछे हार्मोनल बदलाव, मांसपेशियों में खिंचाव या अन्य सामान्य कारण होते हैं। फिर भी कुछ लक्षण ऐसे हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
दाएं ब्रेस्ट में दर्द के सामान्य कारण क्या हैं?
डॉक्टर का कहना है कि अमेरिकन कॉलेज ऑफ ऑब्सटेट्रिशियन एंड गायनेकोलॉजिस्ट (ACOG) के मुताबिक, दाएं ब्रेस्ट में हल्का दर्द कई वजहों से हो सकता है, जिसपर हमें ध्यान देने की जरूरत होती है जैसे-
- मासिक धर्म से पहले हार्मोन में होने वाले बदलाव के कारण कई महिलाओं को एक या दोनों ब्रेस्ट में दर्द महसूस होता है।
- अगर आपने हाल ही में भारी सामान उठाया है, एक्सरसाइज की है या छाती की मांसपेशियों में खिंचाव आया है, तो दर्द सिर्फ एक तरफ भी हो सकता है।
- इसके अलावा ब्रेस्ट में सिस्ट, फाइब्रोसिस्टिक बदलाव, स्तनपान के दौरान दूध की नली में रुकावट और संक्रमण भी ब्रेस्ट में दर्द का कारण हो सकता है।
- कुछ स्थितियों में सही फिटिंग की ब्रा न पहनने से भी दर्द हो सकता है।
- कभी-कभी पसलियों या छाती की मांसपेशियों का दर्द भी ब्रेस्ट दर्द जैसा महसूस होता है।
क्या ब्रेस्ट दर्द का मतलब हमेशा कैंसर होता है?
नहीं, अधिकतर मामलों में सिर्फ दर्द होना ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण नहीं होता। ब्रेस्ट कैंसर अक्सर बिना दर्द वाली गांठ के रूप में सामने आता है। हालांकि, अगर दर्द के साथ ब्रेस्ट में नई गांठ महसूस हो, स्किन पर गड्ढे पड़ने लगें, निप्पल से खून या अन्य असामान्य डिस्चार्ज आए या ब्रेस्ट के आकार और रंग में बदलाव दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
कब घबराने की होती है जरूरत?
- डॉक्टर का कहना है कि अगर दाएं ब्रेस्ट का दर्द लगातार 2 से 3 सप्ताह तक बना रहे, समय के साथ बढ़ता जाए या रोजमर्रा के कामों में परेशानी पैदा करे, तो ऐसी स्थिति में फौरन आपको डॉक्टर की सलाह लेने की जरूरत होती है।
- इसके अलावा अगर दर्द के साथ बुखार, लालिमा, सूजन, निप्पल से डिस्चार्ज, गांठ या बगल में सूजी हुई गांठ महसूस हो, तो तुरंत जांच कराना जरूरी है।
- 40 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं या जिनके परिवार में ब्रेस्ट कैंसर का इतिहास है, उन्हें ऐसे लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
दर्द से राहत के लिए क्या करें?
अगर दर्द किसी गंभीर कारण से नहीं है, तो अच्छी सपोर्ट वाली ब्रा पहनें, कैफीन का सेवन सीमित करें, पर्याप्त पानी पिएं और संतुलित आहार लें। हल्के दर्द में डॉक्टर की सलाह से दर्द निवारक दवाएं ली जा सकती हैं। अगर दर्द बार-बार हो रहा है या लंबे समय तक बना रहता है, तो स्वयं दवा लेने के बजाय विशेषज्ञ से जांच कराना बेहतर है।
Disclaimer : यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। अगर ब्रेस्ट में लगातार दर्द, गांठ, निप्पल से असामान्य स्राव या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो स्वयं इलाज करने के बजाय स्त्री रोग विशेषज्ञ या ब्रेस्ट विशेषज्ञ से तुरंत परामर्श लें।