चावल और चीनी का सेवन सेहत के लिए खतरनाक! ICMR ने बताया: बढ़ाते हैं डायबिटीज का खतरा

अगर आप भी ज्यादा मात्रा में चावल और चीनी का सेवन करते हैं तो सर्तक हो जाएं। ये डायबिटीज के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।

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Written By: Anju Rawat | Published : May 6, 2026 1:51 PM IST

क्या आप हर रोज सफेद चावल और चीनी का सेवन करते हैं? अगर हां, तो सावधान हो जाएं क्योंकि ICMR की एक चौंकाने वाली रिसर्च सामने आई है। इसमें बताया गया है कि चावल, रोटी और चीनी का सेवन करने से डायबिटीज का खतरा काफी बढ़ जाता है। आपको बता दें कि यह रिसर्च जर्नल Nature Medicine में प्रकाशित हुई है, जिसमें पूरे भारत के लाखों लोगों के खान-पान और सेहत पर अध्ययन किया गया। इस रिसर्च में बताया गया है कि हमारी रोज की डाइट सीधे तौर पर डायबिटीज, मोटापा और दिल की बीमारियों से जुड़ी हुई है।

चावल और चीनी से कैसे बढ़ता है डायबिटीज का खतरा?

  • रिसर्च में साफ हुआ है कि ज्यादा कार्बोहाइड्रेट लेने वाले लोगों में टाइप-2 डायबिटीज का 30 फीसदी तक खतरा बढ़ सकता है।
  • सफेद चावल और चीनी बहुत जल्दी डाइजेस्ट हो जाते हैं। इससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है
  • इतना ही नहीं, अगर ज्यादा मात्रा में कार्ब्स का सेवन किया जाता है, तो शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस भी हो सकता है।
  • सिर्फ डायबिटीज ही नहीं, चावल और चीनी का ज्यादा सेवन मोटापा भी बढ़ाता है। हाई कार्ब डाइट लेने से पेट की चर्बी बढ़ सकती है।
  • चावल और चीनी का ज्यादा सेवन करने से पूरा मेटाबॉलिक हेल्थ प्रभावित हो सकता है।

शुगर लेवल कंट्रोल में रखने के लिए क्या करें?

ICMR के वैज्ञानिकों के अनुसार, डायबिटीज और शुगर लेवल कंट्रोल में रखने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

  • कार्बोहाइड्रेट का सेवन कम मात्रा में करना चाहिए।
  • प्रोटीन इनटेक बढ़ाएं। डाइट में दाल, दूध और अंडा शामिल करें।
  • कार्ब्स को प्रोटीन से बदलने पर डायबिटीज का खतरा कम हो सकता है।
स्टडी के मुताबिक, भारतीय लोग अपनी कुल कैलोरी का लगभग 62 फीसदी हिस्सा कार्ब्स से लेते हैं। इसमें सबसे ज्यादा सफेद चावल, रिफाइंड अनाज और चीनी शामिल होता है। यानी डाइट में लो-क्वालिटी कार्ब्स हैं, जो डायबिटीज, मोटापा और मेटाबॉलिज्म से जुड़े रोगों का कारण बन सकते हैं।

रिसर्च से क्या-क्या पता चला?

  • सफेद चावल, गेहूं के आटे की रोटी और चीनी डायबिटीज का खतरा बढ़ाते हैं।
  • देश के 21 राज्यों में चीनी का सेवन तय सीमा से काफी ज्यादा किया जाता है।
  • कई राज्यों में सैचुरेटेड फैट का भी ज्यादा मात्रा में सेवन किया जा रहा है।
  • ज्यादातर राज्यों में लोग प्रोटीन का सेवन बेहद कम मात्रा में कर रहे हैं।
  • कर्नाटक, गुजरात और महाराष्ट्र में मिलेट्स जैसे ज्वार, बाजरा और रागी का सेवन ज्यादा किया जाका है।
  • पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में सफेद चावल का सेवन ज्यादा किया जाता है।

Disclaimer: सफेद चावल और चीनी में कार्ब्स अधिक मात्रा में होते हैं, इन्हें लो क्वालिटी कार्ब्स में काउंट किया जाता है। इनका ज्यादा मात्रा में सेवन करने से ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है। ब्लड शुगर को नियंत्रण में रखने के लिए अपनी डाइट में प्रोटीन और फाइबर जरूर शामिल करें। वहीं, समय-समय पर ब्लड शुगर लेवल की जांच जरूर करें। 

FAQs

डायबिटीज किसकी कमी से होता है?

डायबिटीज में इंसुलिन की कमी की वजह से डायबिटीज रोग हो सकता है। इंसुलिन एक हार्मोन है, जो अग्न्याशय द्वारा बनाया जाता है।

डायबिटीज का इलाज क्या है?

डायबिटीज का इलाज दवाइयों के किया जाता है। इसके साथ रेगुलर एक्सरसाइज करें। साथ ही, तनाव कम करें और अपने खान-पान का विशेष ध्यान दें।

डायबिटीज के लक्षण क्या हैं?

बार-बार पेशाब आना, ज्यादा प्यास लगना, धुंधली दृष्टि और घावों का धीरे-धीरे भरना आदि डायबिटीज के लक्षण हैं।

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