रूमेटाइड अर्थराइटिस: डॉक्टर रोहित से जानिए इस रोग का कारण और उपचार

डॉक्टर रोहित लांबा ने बताया कि रूमेटोइड अर्थराइटिस आम अर्थराइटिस से अलग क्यों है, बीमारी का कारण और उपचार क्या है.

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Written By: Atul Modi | Published : May 24, 2023 5:07 PM IST

ऑटोइम्यून बीमारियां कई प्रकार की होती हैं और अन्य बीमारियों से अलग होती हैं. जहां एक ओर हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली विभिन्न बीमारियों से बचाव का काम करतीं हैं, वहीं ऑटोइम्यून बीमारियों में यह स्थिति ठीक उलट होती है, यानी एक ऐसी स्थिति जिसमें हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली ही हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाने लगती है. इन्हीं में से एक बीमारी है ऑटोइम्यून अर्थराइटिस या रूमेटोइड अर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis). हालांकि आमतौर पर अर्थराइटिस बढ़ती उम्र के साथ सामान्य माना जाता है लेकिन रूमेटोइड अर्थराइटिस युवाओं में भी देखने को मिल सकता है. इस रोग के सटीक कारण नहीं कहे जा सकते लेकिन कुछ संभव कारकों में से कुछ निम्नलिखित हैं:

रूमेटोइड अर्थराइटिस के कारण - (Causes Of Rheumatoid Arthritis In Hindi)

अनुवांशिक कारण

यदि आपके परिवार के किसी करीबी सदस्य या पिछली पीढ़ी में से किसी को रूमेटोइड अर्थराइटिस रहा है, या कोई अन्य ऑटोइम्यून बीमारी रही है तो आपको भी इस संदर्भ में सचेत रहने की आवश्यकता है.

अन्य ऑटोइम्यून बीमारी

यदि व्यक्ति पहले से किसी अन्य ऑटोइम्यून बीमारी से जूझ रहा है तो ऐसे में अन्य ऑटोइम्यून बीमारियां विकसित होने का भी जोखिम होता है, उन्हीं में से एक रूमेटोइड अर्थराइटिस है.

महिलाओं में अधिकता की संभावना

क्योंकि इस दुनिया की लगभग 70 फ़ीसदी से अधिक ऑटोइम्यून बीमारियां महिलाओं में देखने को मिलतीं हैं इसलिए बहुत मुमकिन है रूमेटोइड अर्थराइटिस का भी जोखिम हो, इसलिए महिलायें विशेष रूप से इस ओर ध्यान दें.

अनियंत्रित वजन

यदि व्यक्ति का वजन सामान्य से अधिक है तो ऐसे में रूमेटोइड अर्थराइटिस विकसित होने की संभावना होती है. इन सबके अलावा दवाओं का असर, धूम्रपान आदि भी बहुत हद तक रूमेटोइड अर्थराइटिस विकसित होने के कारणों में से हैं.

रूमेटाइड अर्थराइटिस का इलाज - Treatment of Rheumatoid Arthritis

रूमेटोइड अर्थराइटिस के इलाज की यदि बात करें तो इसका लक्षणों के आधार पर इलाज किया जाता है. रूमेटोइड अर्थराइटिस के कारण हड्डियों को हो चुके नुकसान को वापस ठीक नहीं किया जा सकता, लेकिन नियमित दवाओं व इलाज के ज़रिये आगे होने वाले नुकसान से बचाव सुनिश्चित किया जा सकता है, इसलिए इसके लक्षणों का पता चलते ही जल्द से जल्द इलाज शुरू करना ही उचित होता है.

रूमेटोइड अर्थराइटिस के इलाज में निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:

  • रोग का पता लगाने के लिए एक्स-रे, एमआरआई व खून की जांच की जा सकती है. यदि रूमेटोइड अर्थराइटिस की पुष्टि होती है तो उसी के अनुसार इलाज तय किया जाता है.
  • रुमेटोइड अर्थराइटिस के सन्दर्भ में कुछ विशेष ड्रग्स हैं, जैसे नॉनस्टेरोइडल एंटी-इन्फ्लामेट्री ड्रग्स (एनएसआईडी) और डिज़ीज़ मॉडिफाइंग एंटीरूमेटिक ड्रग्स (डीएमएआरडी). ये दवाएं प्रतिरक्षा प्रणाली के कुछ कंपोनेंट्स पर काम करता है. इन दवाओं की मात्रा या नियम केवल संबंधित डॉक्टर की सलाह पर ही तय किये जा सकते हैं.
  • इलाज के दौरान डॉक्टर समय-समय के अंतराल में रोग की स्थिति जानने के लिए रोगी की जांच करता है यदि रोग गंभीर हो रहा हो तो दवाएं देकर लक्षण नियंत्रित करने की दवाएं दी जाती हैं.
  • इसके अलावा डॉक्टर आपको जीवनशैली में बदलाव के लिए कह सकता है जिसमें नियमित व्यायाम, वजन को नियंत्रण में रखना, पोषक तत्वों का सेवन आदि शामिल हैं.
  • रोग के गंभीर मामलों में जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी की भी आवश्यकता पड़ सकती है, जिसके तहत रोग के कारण बेहद ख़राब हो चुके शरीर के कुछ जोड़ों का जॉइंट रिप्लेसमेंट किया जा सकता है.

उपरोक्त के अलावा याद रखें, रूमेटोइड अर्थराइटिस रोग को पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सकता, लेकिन इसके शुरुआती लक्षण पहचान कर इसकी गंभीरता को निश्चित रूप से नियंत्रित किया जा सकता है. इसलिए इसके लक्षणों को पहचान कर तुरंत जांच व इलाज शुरू करें, किसी भी लक्षण को नज़रंदाज़ न करें.

(Inputs: डॉक्टर रोहित लांबा, एचओडी एंड सीनियर कंसल्टेंट, बोन, जॉइंट रिप्लेसमेंट एंड ऑर्थोपेडिक्स, सनर इंटरनेशनल हॉस्पिटल्स)

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