Software की तरह दिमाग को भी करें अपडेट, न्यूरोलॉजिस्ट शेयर किए 5 टिप्स
Rewire your brain with simple tricks : एक समय के बाद हमारे दिमाग के सोचने और काम करने की क्षमता बेहतर बने, इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
Written by Ashu Kumar Das|Published : December 17, 2025 4:34 PM IST
Rewire your brain with simple tricks : लैपटॉप और मोबाइल की तरह ही दिमाग नए तरीके से काम करे, इसके लिए समय-समय पर आदतों में बदलाव जरूरी माना जाता है। दिमाग के सोचने, काम करने की क्षमता बेहतर बनाने की इस प्रक्रिया को Brain Rewiring कहा जाता है। एम्स की न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. प्रियंका शेरावत का कहना है कि Brain Rewiring का आसान भाषा में मतलब है दिमागके पुराने नेगेटिव पैटर्न, सोच और आदतों को बदलकर नए पॉजिटिव न्यूरो कनेक्शन बनाना। आसान शब्दों में कहे तो दिमाग को इस तरह से ट्रेन करना ताकि वो नेगेटिव सोच से बाहर आए और आपके अंदर आत्मविश्वास को बढ़ाए।
Brain Rewiring कैसे करें?- How to Do Brain Rewiring
डॉ. प्रियंका शेरावत ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर करके बताया है कि दिमाग की रिवायरिंगकरने के लिए सुबह उठकर सिर्फ 10 मिनट उल्टा चलना चाहिए। सुबह उल्टा चलने से दिमाग दोबारा से सोचने पर मजबूर हो जाता है कि अब अचानक से ऐसा क्यों हो रहा है और अब उसे खुद को सुरक्षित रखने के लिए क्या करना चाहिए।
डॉक्टर का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति सीधे हाथ से लिखता है, तो उसका उल्टे हाथ की तरफ का दिमाग धीरे काम करता है। इसको सही करने के लिए उल्टे हाथ से भी लिखने की कोशिश करें। जब आप दोनों हाथ से लिखते हैं तो दिमाग के दोनों हिस्से एक्टिव होते हैं और दिमाग के सोचने, याद करने की क्षमता बढ़ती है।
दिमाग के सोचने की क्षमता में बढ़ोतरी करने के लिए शीशे के सामने या आंख बंद करके बोले- मैं शांत और आत्मविश्वासी हूं, मेरा दिमाग मेरे कंट्रोल में है, मैं हर दिन बेहतर सोच रहा हूं और मैं डर नहीं, बल्कि सॉल्यूशन पर फोकस कर रहा हूं। इन शब्दों को जोर से बोलने से सेल्फ कॉन्फिडेंस बढ़ता है।
दिमाग की रिवायरिंग करने के लिए गहरी सांस लें। हर 3 मिनट तक गहरी सांस ले और फिर इसे छोड़े। इस प्रक्रिया को 10 से 15 बार दोहराएं। गहरी सांस लेने से दिमाग एकांत होता है और सोचने-समझने की क्षमता बढ़ती है। कई रिसर्च में ये बात सामने आ चुकी है कि जो लोग दिन में एक बार तेज गहरी सांस लेने और छोड़ने की प्रैक्टिस करते हैं, उनकी याद करने की शक्ति ज्यादा तेज होती है।
मानसिक लचीलापन और सहानुभूति बढ़ाने के लिए मिरर राइटिंग वर्क करें। डॉ. प्रियंका शेरावत का कहना है कि मिरर राइटिंग दिमाग को अलग-अलग एंगल से सोचने पर मजबूर करती है। इससे दिमाग का फोकस पहले से ज्यादा क्लियर होता है।
ये तकनीक समझने और याद करने की कार्यक्षमता को सुधारता है।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
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