
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : January 21, 2021 7:18 PM IST
Treating Diabetes with Ayurveda: डायबिटीज के मरीज़ों की बढ़ती संख्या भारत में इसे एक बड़ी चिंता का विषय बनाती है। इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन के अनुसार, फिलहाल भारत में 40.0 मिलियन लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं और यह संख्या 20265 तक 69.9 मिलियन हो जाएगी। वैसे भी भारतीय उपमहाद्वीप को दुनिया की डायबिटीज की राजधानी कहा जाता है। डायबिटीज एक ऐसी स्थिति है जिसमे शरीर में ब्लड शुगर लेवल बहुत अधिक होता है। ऐसा पैनक्रिया द्वारा अधिक मात्रा में इंसुलिन का उत्पादन ना करने की वजह से होता है। इंसुलिन शरीर में ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखता है और शरीर को इसका सही उपयोग करने में मदद करता है। (Treating Diabetes with Ayurveda)
डायबिटीज के मुख्य कारणों में सुस्त लाइफस्टाइल, कसरत ना करना और अनहेल्दी तरीके से खानपान जैसी आदतें शुमार हैं। अगर इस समस्या समय पर इलाज नहीं किया जाए तो यह शरीर में कई प्रकार की समस्याओं की वजह बन सकता है। जैसे कि यह बीमारी धीरे-धीरे गम्भीर होती है इसीलिए, शुरुआत में इसके लक्षण मामूली से महसूस होते हैं। ऐसे में कई बार लोगों को बीमारी का पता काफी देर से लगता है ।
डायबिटीज एक ऐसी स्थिति है जिसमे शरीर में ब्लड शुगर लेवल बहुत अधिक होता है। ऐसा पैनक्रिया द्वारा अधिक मात्रा में इंसुलिन का उत्पादन ना करने की वजह से होता है। इंसुलिन शरीर में ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखता है और शरीर को इसका सही उपयोग करने में मदद करता है।
मधुमेह या डायबिटीज के इलाज और मैनेजमेंट में आयुर्वेद के नियमों का पालन बहुत कारगर साबित हो सकता है । इसके लिए समय पर सोना-जागना, कसरत करना, समय पर भोजन करना और तनाव से बचने जैसे नियम शामिल हैं। इसके अलावा, कुछ आयुर्वेदिक औषधियों का नियमित सेवन भी ब्लड शुगर लेवल को कम करने में सहायक होता है। ऐसी ही कुछ चीज़ों के बारे में पढ़ें यहां-
फाइबर से भरपूर मेथी टाइप 2 डायबिटीज के मेटाबॉलिज्म संबंधित लक्षणों को कम करता है और ब्लड शुगर लेवल को निंयत्रण में रखता है। (Methi Health Benefits)
हमारे घरों में आमतौर पर पकायी जानेवाली यह साधाऱण सब्ज़ी अपने औषधिय गुणों की वजह से डायबिटीज का एक आयुर्वेदिक औषधी मानी गयी है। करेले (Karela) की खासियत यही है कि यह अचानक से ब्लड शुगर को बढ़ने नहीं देती। करेले के सेवन से ग्लाइसेमिक कंट्रोल भी बेहतर होता है ।
करेले का जूस डायबिटीज के मरीजों के लिए लाभकारी होता है क्योंकि, इससे, ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल होता है।
हरिद्रा या हल्दी भारत में घरेलू नुस्खों में इस्तेमाल होने वाली प्रमुख औषधियों में से एक है। यह कफ दोष कम करती है और डायबिटीज के लक्षणों को भी कम करती है। (Haldi or Turmeric for Diabetes)
यह 3 औषधियों का मिश्रण है जिसमें पिप्पली, सोंठ (सूखी अदरक) और काली मिर्च (Black Pepper) का चूर्ण होता है। इन तीनों औषधियों में मिलनेवाला पैपरिन (Piperine) डायबिटीज मरीज़ों के लीवर, किडनी, आंखों और न्यूरल सिस्टम से जुड़ी समस्याओं को कम करता है।