
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : February 10, 2023 7:31 AM IST
Restless Leg Syndrome: कुछ लोगों को कुर्सी पर बैठने के बाद या बेड पर लेटे हुए भी लगातार पांव हिलाते हुए आपने शायद देखा हो। ऐसे लोग थकान के बावजूद पूरे आराम से सो नहीं पाते और ना ही कहीं शांत होकर बैठ सकते हैं। लोग इसे मामूली थकान मानकर नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन, यह एक गम्भीर समस्या हो सकती है। लगातार पैर हिलाने की आदत दरअसल एक बीमारी का लक्षण हो सकती है जिसे रेस्टलेस लेग सिंड्रोम कहा जाता है। इस समस्या को नजरअंदाज करने से पार्किंसंस (Parkinson's) जैसी मानसिक बीमारी से जुड़ा हुआ हो सकता है। (Restless Leg Syndrome risk factors)
एक्सपर्ट्स के अनुसार शरीर में जब हार्मोन्स का स्तर बहुत अधिक उतार-चढ़ाव भरा हो जाए तो इसका प्रभाव शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर दिखायी देना लगता है। इसकी वजह से रेस्टलेस लेग सिंड्रोम की समस्या हो सकती है। इसी तरह हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोगों को भी रेस्टलेस लेग सिंड्रोम की समस्या हो सकती है। जबकि, कई बार एक ही परिवार के कई लोगों में रेस्टलेस लेग सिंड्रोम की समस्या देखी जाती है। जबकि, कुछ स्टडीज के अनुसार विटामिन बी12 जैसे पोषक तत्वों की कमी के कारण भी रेस्टलेस लेग सिंड्रोम की समस्या हो सकती है। इसके अलावा इन स्थितियों में भी रेस्टलेस लेग सिंड्रोम का रिस्क बढ़ सकता है-
वहीं, रेस्टलेस लेग सिंड्रोम होने पर इस तरह के लक्षण (symptoms of Restless leg syndrome in hindi) दिखायी दे सकते हैं-
तनाव और मानसिक परेशानियों की वजह से भी रेस्टलेस लेग सिंड्रोम की समस्या हो सकती है। इसीलिए, सबसे पहले तनाव को कंट्रोल करने के प्रयास करें। इसके लिए पर्याप्त नींद सोएं, डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइजया प्राणायाम करें और योगाभ्यास करें।
गर्म पानी से नहाएं या गर्म पोटली से सेंक लें। आइस पैक से सेंक देने से भी आपको आराम मिल सकता है।
स्मोकिंग करने की आदत को जितना जल्दी हो छोड़ दें क्योंकि, धूम्रपान से रेस्टलेस लेग सिंड्रोम की समस्या गम्भीर हो सकती है।
हाई ब्लड शुगर लेवल्स की वजह से पैर हिलने जैसे लक्षण बढ़ सकते हैं। इसीलिए, डायबिटीज के मरीज अपना ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रखें।