इस बीमारी में हट्टे-कट्टे लोगों के भी हिलते रहते हैं पांव, जानें Restless Leg सिंड्रोम के कारण, लक्षण और राहत के तरीके

लगातार पैर हिलाने की आदत दरअसल एक बीमारी का लक्षण हो सकती है जिसे रेस्टलेस लेग सिंड्रोम कहा जाता है। इस समस्या को नजरअंदाज करने से पार्किंसंस (Parkinson's) जैसी मानसिक बीमारी से जुड़ा हुआ हो सकता है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : February 10, 2023 7:31 AM IST

Restless Leg Syndrome: कुछ लोगों को कुर्सी पर बैठने के बाद या बेड पर लेटे हुए भी लगातार पांव हिलाते हुए आपने शायद देखा हो। ऐसे लोग थकान के बावजूद पूरे आराम से सो नहीं पाते और ना ही कहीं शांत होकर बैठ सकते हैं। लोग इसे मामूली थकान मानकर नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन, यह एक गम्भीर समस्या हो सकती है। लगातार पैर हिलाने की आदत दरअसल एक बीमारी का लक्षण हो सकती है जिसे रेस्टलेस लेग सिंड्रोम कहा जाता है। इस समस्या को नजरअंदाज करने से पार्किंसंस (Parkinson's) जैसी मानसिक बीमारी से जुड़ा हुआ हो सकता है। (Restless Leg Syndrome risk factors)

रेस्टलेस लेग सिंड्रोम क्यों होता है? (What is Restless Leg Syndrome and its symptoms)

एक्सपर्ट्स के अनुसार शरीर में जब हार्मोन्स का स्तर बहुत अधिक उतार-चढ़ाव भरा हो जाए तो इसका प्रभाव शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर दिखायी देना लगता है। इसकी वजह से रेस्टलेस लेग सिंड्रोम की समस्या हो सकती है। इसी तरह हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोगों को भी रेस्टलेस लेग सिंड्रोम की समस्या हो सकती है। जबकि, कई बार एक ही परिवार के कई लोगों में रेस्टलेस लेग सिंड्रोम की समस्या देखी जाती है। जबकि, कुछ स्टडीज के अनुसार विटामिन बी12 जैसे पोषक तत्वों की कमी के कारण भी रेस्टलेस लेग सिंड्रोम की समस्या हो सकती है। इसके अलावा इन स्थितियों में भी रेस्टलेस लेग सिंड्रोम का रिस्क बढ़ सकता है-

  • प्रेगनेंसी ( Pregnancy)
  • एनिमिया और आयरन की कमी(Iron deficiency)
  • रूमेटॉइड आर्थराइटिस ( Rheumatoid arthritis)
  • किडनी फेलियर ( Kidney failure)
  • स्ट्रेस (stress) या एंग्जायटी।

वहीं, रेस्टलेस लेग सिंड्रोम होने पर इस तरह के लक्षण (symptoms of Restless leg syndrome in hindi) दिखायी दे सकते हैं-

  • पैंरों पर हमेशा कुछ चलने का अहसास होना।
  • नींद न आने की समस्या (sleeplessness) और अन्य स्लीपिंग डिसॉर्डर्स।
  • मसल्स में खिंचाव।

रेस्टलेस लेग सिंड्रोम से राहत के उपाय क्या हैं? (Restless Leg Syndrome  treatment in Hindi.)

स्ट्रेस कंट्रोल करें

तनाव और मानसिक परेशानियों की वजह से भी रेस्टलेस लेग सिंड्रोम की समस्या हो सकती है। इसीलिए, सबसे पहले तनाव को कंट्रोल करने के प्रयास करें। इसके लिए पर्याप्त नींद सोएं, डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइजया प्राणायाम करें और योगाभ्यास करें।

गर्म या ठंडी सेंकाई करें

गर्म पानी से नहाएं या गर्म पोटली से सेंक लें। आइस पैक से सेंक देने से भी आपको आराम मिल सकता है।

सिगरेट ना पीएं

स्मोकिंग करने की आदत को जितना जल्दी हो छोड़ दें क्योंकि, धूम्रपान से रेस्टलेस लेग सिंड्रोम की समस्या गम्भीर हो सकती है।

डायबिटीज के मरीज रखें अपना खास ख्याल

हाई ब्लड शुगर लेवल्स की वजह से पैर हिलने जैसे लक्षण बढ़ सकते हैं। इसीलिए, डायबिटीज के मरीज अपना ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रखें।

इन बातों का भी रखें ख्याल

  • रोजाना एक्सरसाइज करें।
  • प्रभावित हिस्से की मालिश करें।
  • न्यूट्रिशनल सप्लीमेंट्स का सेवन करें।
  • डाइट में जरूरी बदलाव करें।
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