
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Updated : January 31, 2026 5:17 PM IST
Medically Verified By: Dr Ayush Pandey
Why Lung Cancer is Most Deadly Cancer: हमारे बड़े कहते हैं कि कैंसर का तो नाम ही किसी अपशकुन जैसा लगता है और कोई कैंसर किसी से कम नहीं है। लेकिन एक कैंसर जो सबसे ज्यादा खतरनाक माना जाता है, क्योंकि उससे सबसे ज्यादा मौत होती हैं। लेकिन लोग अभी भी उस कैंसर का कारण बनने वाली चीजों को बिना डरे इस्तेमाल कर रहे हैं। आप सोच रहे होंगे कि सबसे खतरनाक कैंसर तो ब्रेन कैंसर और ब्लड कैंसर जैसे होते हैं, लेकिन आपको बता दें कि कुछ फैक्ट्स के आधार पर लंग कैंसर को सबसे खतरनाक माना जाता है। ये फैक्ट्स कुछ और नहीं किसी भी कैंसर से होने वाली मौत है। जी हां! दुनिया में कैंसर से के कारण होने वाली सबसे ज्यादा मौतें लंग कैंसर के कारण होती है। लेकिन लोग अभी भी खुलेआम सिगरेट, हुक्का, बीड़ी और वेप जैसी चीजों का सेवन कर रहे हैं जो धीरे-धीरे उन्हें लंग कैंसर के नजदीक ला रही है। इस लेख में फेफड़ों की बीमारियों के एक्सपर्ट्स डॉ. आयुष पांडे ने लंग कैंसर के बारे में कुछ खास जानकारियां दी, जिनके बारे में हम आगे जानेंगे।
फेफड़ों में होने वाले कैंसर को कोई एक नहीं बल्कि कई अलग-अलग चीजें हैं जो सबसे खतरनाक बनाती हैं। चलिए कुछ पॉइंट्स के आधार पर जानते हैं कि फेफड़ों का कैंसर इतना घातक क्यों होता है -
लक्षण दिखने में देरी - फेफड़ों में होने वाले कैंसर के लक्षण दिखने में काफी देरी हो जाती है और तब तक कैंसर कि स्थिति गंभीर हो जाती है। कई मामलों में देखा जाता है कि इसके लक्षण आखिरी स्टेज में आकर दिखते हैं, जब तक यह अन्य अंगों में फैल जाता है।
तेजी से फैलना - कैंसर के एक अंग से दूसरे अंग तक फैलने की प्रक्रिया को मेटास्टेसिस कहते हैं और लंग कैंसर उन्हीं कैंसरों में से एक है जो तेजी से दूसरे अंगों तक फैल सकता है।
सांस लेने की प्रक्रिया को प्रभावित - धीरे-धीरे जब कैंसर अगली स्टेज की तरफ बढ़ता है, तो सांस लेने की प्रक्रिया भी प्रभावित होने लगती है जिससे जटिलताएं तेज हो जाती हैें और स्थिति गंभीर हो जाती है।
डॉ. आयुष पांडे के अनुसार स्मोकिंग जो आज के समय में बहुत आम हो गई है, वह लंग कैंसर के सबसे प्रमुख कारणों में से एक है। क्योंकि तंबाकू और उसके धुएं में अनगिनत ऐसे केमिकल होते हैं जो कैंसर कारण बनते हैं। ये केमिकल धुएं की मदद से सीधे फेफड़ों में जाते हैं और फिर एक समय ऐसा आता है कि फेफड़ों में इन केमिकलों के कारण कैंसर शुरु हो जाता है।
किसी कैंसर का इलाज कितना मुश्किल या कितना आसान है, वह कुछ हद तक इस बात पर भी निर्भर करता है कि कैंसर शरीर के किस हिस्से में है। उदाहरण के लिए स्किन कैंसर का इलाज करना ब्रेन कैंसर की तुलना में आसान हो सकता है। उसी प्रकार फेफड़ों के कैंसर का इलाज भी काफी मुश्किल होता है, क्योंकि फेफड़े एक बेहद जटिल और संवेदनशील अंग होते हैं और इसके आसपास हार्ट जैसे कई बेहद महत्वपूर्ण अंग भी होते हैं। इसलिए यह सच है कि लंग कैंसर का ट्रीटमेंट अपेक्षाकृत जटिल माना जाता है।
खासतौर पर जिन मरीजों का कैंसर गंभीर स्टेज में जा चुका है, उनका इलाज करना जटिल होने के साथ-साथ थोड़ा लंबा चलता है। ऐसी कंडीशन में ट्रीटमेंट का सस्केस रेट भी कम हो जाता है। हालांकि, अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं जो लंग कैंसर से जूझ रहा है, तो उसे किसी अच्छे और अनुभवी कैंसर विशेषज्ञ (Oncologist) से संपर्क करने की सलाह दें।
लंग कैंसर से बचने के लिए धूम्रपान छोड़ना बहुत जरूरी है, इसलिए अगर आप सिगरेट, हुक्का, बीड़ी या वेप जैसे किसी भी प्रकार की स्मोकिंग करते हैं तो उसे आज ही छोड़ दें। स्मोकिंग छोड़ने के लिए आप डॉक्टर्स की हेल्प भी ले सकते हैं। साथ ही जितना हो सके हानिकारक केमिकलकों, गैस और अन्य चीजों के संपर्क में आना बंद कर दें। शरीर को एक्टिव रखें, हेल्दी डाइट लें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
अगर किसी व्यक्ति का सगा भाई-बहन या माता-पिता में किसी को कैंसर है या पहले हो चुका है, तो उसे नियमित डॉक्टर से इस बारे में संपर्क करना चाहिए। आपकी फैमिली हिस्ट्री के अनुसार हो सकता है डॉक्टर आपको एक निश्चित उम्र के बाद नियमित रूप से जांच करवाते रहने की सलाह दे सकते हैं। इसके साथ-साथ आपको हेल्दी लाइफस्टाइल और डाइट से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां दी जा सकती हैं।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।