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Written By: Jitendra Gupta | Published : August 4, 2021 1:48 PM IST
वैक्सीन लगे लोग कैसे फैला सकते हैं कोरोना? शोधकर्ताओं का दावा रुके नहीं तो आ जाएगी तीसरी लहर
हम सभी जानते हैं कि कोरोनावायरस संक्रमण ने हमारे जीवन को किस कदर प्रभावित किया है और यही कारण है कि दुनिया भर के स्वास्थ्य अधिकारी लोगों से वैक्सीन लगवाने को कह रहे हैं। लेकिन नए-नए वेरिएंट के सामने आने से संक्रमण के और घातक होने की चिंता लोगों को सताने लगी है। हाल ही में देखा गया है कि वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने के बाद भी लोग कोरोनावायरस का शिकार हो रहे हैं। भले ही वैक्सीन को सुरक्षित विकल्प माना जा रहा हो लेकिन कुछ संभावना है कि कोरोना की दोनों डोज लगवा चुका व्यक्ति भी कोरोना फैला सकता है। आइए जानते हैं कैसे होता है ऐसा।
रोजाना नए-नए सामने आते वेरिएंट के बढ़ते जोखिम के बीच, वैक्सीन लगवाना बहुत ही जरूरी हो गया है। हाल ही में संक्रमण के घटते मामले भले ही आशा की नई किरण दिखा रहे हैं लेकिन इस बात को ध्यान में रखना जरूरी है कि कोविड वैक्सीन अस्पताल में भर्ती होने और गंभीर संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद जरूर कर सकते हैं, हालांकि यह किसी व्यक्ति को वायरस के संपर्क में आनेसे नहीं रोक सकती हैं।
शोधकर्ता इस बात को दोहरा रहे कि वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने के बाद भी व्यक्ति संक्रमण का शिकार हो सकता है। व्यक्ति में या तो कोई लक्षण नहीं दिखाई देते हैं या फिर उनमें हल्के से लेकर मध्यम प्रकार के लक्षण दिखाई देते हैं। कुछ मामलों में व्यक्ति वायरस की चपेट में भी आ सकता है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के अनुसार, व्यक्ति संक्रमण की चपेट में आ सकता है हालांकि ये दुर्लभ है और संक्रमित लोगों के बीमार होने की संभावना कम ही होती है।
कोविड वैक्सीन इस घातक वायरस से सुरक्षा प्रदान करने का एक माध्यम हैं, हालांकि दोनों डोज लगवाने के बाद भी कोरोना संक्रमण का शिकारहोने से वैक्सीन की प्रभावकारिता पर सवाल उठ रहे हैं, यही कारण है कि वैक्सीन लगवाने में लोग हिचकिचा रहे हैं। वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने के बाद भी लोगों में वायरस की आशंका बनी रहती है, जिसके कारण लोगों के मन में और अधिक संदेह पैदा हो रही है। हालांकि, इस बात पर ध्यान देने की जरूरत है कि वर्तमान में टीका लगवाना बहुत ही जरूरी है।
वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने के बाद संक्रमण का शिकार होने का मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि वैक्सीन प्रभावी नहीं हैं। अध्ययनों के मुताबिक, कोरोना वैक्सीन गंभीर संक्रमण और अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम को कम करने में बहुत मददगार है। यही वजह है कि लोगों की जान बच रही है और कोरोना से मृत्यु दर कम हो रही है।
डेल्टा वेरिएंट मामलों में वृद्धि और वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बाद भी संक्रमण की चपेट में आने के मामलों को देखते हुए, सीडीसी ने लोगों को मास्क पहनने की सलाह दी है फिर चाहे उन्होंने दोनों डोज ही क्यों न लगवा ली हों। अधिकारियों का मानना है कि अभी तक यह एकमात्र "अस्थायी उपाय" है।
इसके अलावा, सोशल डिस्टेंसिंग और हाथों को बार-बार धोना भी बहुत जरूरी है। वैक्सीनेशन को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए और लोगों को वैक्सीन जरूरी लगवानी चाहिए। कोविड वैक्सीन अभी भी कोरोना के गंभीर संक्रमण को कम करने में बहुत प्रभावी हैं। जिनकी इम्यूनिटी कमजोर है उन्हें सभी एहतियाती उपाय करना जारी रखना चाहिए, भले ही आपने वैक्सीन लगवाई हो।