
... Read More
Written By: Anshumala | Published : September 13, 2018 8:06 PM IST
फार्ट रोकने का नतीजा हो सकता है काफी बुरा। © Shutterstock
गैस यानी फार्ट कभी न कभी सभी पास करते हैं। दरअसल, यह एक सामान्य और प्राकृतिक प्रक्रिया है। कुछ लोगों को यह आदत अच्छी नहीं लगती, कुछ लोगों को ऐसा करने में शर्म आती है। कुछ लोग तो शर्म के मारे गैस पास करने को रोक लेते हैं लेकिन ऐसा करना सही नहीं है। एक रिपोर्ट के अनुसार, इसका नतीजा काफी खराब हो सकता है।
गैस पास करना भी है फायदेमंद
एक्सपर्ट्स की मानें तो अगर आप गैस रोकते हैं तो आपके शरीर के लिए सही नहीं है। ऑस्ट्रेलिया के न्यूट्रिशन और डायटेटिक्स प्रोफेसर क्लैयर कोलिन्स के अनुसार, जब आप फार्ट रोकते हैं तो उसे रोकने की बजाय बाहर निकालें। ऐसा करना आपके डाइजेस्टिव सिस्टम के लिए सही होता है। दरअसल, आंत की गैस से पेट फूलता है, साथ ही कुछ गैस सर्कुलेशन में दोबारा अवशोषित हो जाता है, जो आपकी सांसों से बाहर आ सकती है। साथ ही गैस को रोकने से डायवर्टिक्युलाइटिस की समस्या हो सकती है, जिसमें आहारनाल की लाइनिंग में पाउच जैसे बन जाते हैं और सूजन आ जाती है।
कहीं आपका बच्चा तो नहीं करता स्मोकिंग, जानने और इस लत को छुड़ाने के लिए आजमाएं ये तरीके
क्यों आती है बदबू
हम जो खाते हैं, उसके पाचने में कुछ गैस भी निकलती है। यही हम फार्ट के रूप में निकालते हैं। फार्ट से बदबू इसलिए आती है क्योंकि हम जो खाते हैं उसमें सल्फर भी होता है। डाइजेशन की प्रक्रिया में इस सल्फर से हाइड्रोजन सल्फाइड गैस बनती है जो बदबूदार होती है। हालांकि, अधिक बदबूदार फार्ट करना सही नहीं है। यह डाइजेशन से संबंधित कोई समस्या हो सकती है। यह कब्ज से लेकर कई बड़ी समस्याओं का संकेत भी हो सकता है। पत्तागोभी, बीन्स, चीज, सोडा और अंडे आदि में सल्फर मौजूद होता है। इनके सेवन से हमारे शरीर में ज्यादा बदबूदार गैस बनती है।
गैस पास करने से नहीं होता कैंसर
एक्सीटर यूनिवर्सिटी में हुए अध्ययन में कहा गया है कि फार्ट मारना आपके साथ-साथ आपके आस-पास के लोगों के लिए भी लाभदायक होता है। यूके में हुई नई रिसर्च में यह खुलासा हुआ है कि फार्ट में कैंसर व अन्य जानलेवा रोगों से लड़ने की क्षमता होती है। किसी को भी फार्ट को जबरदस्ती नहीं रोकना चाहिए। मानव गैसों में हाइड्रोजन सल्फाइड की मात्रा होती है, लेकिन नई रिसर्च के मुताबिक इसकी सीमित मात्रा फायदेमंद है। इसके रिलीज होने से स्ट्रोक, डिमेंशिया, कैंसर जैसी बीमारियों के खतरे कम होते हैं।