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शोध में हुआ खुलासा, टेस्टोस्टेरॉन थेरेपी से कम हो सकता है हार्ट अटैक, स्ट्रोक का खतरा

टेस्टोस्टेरॉन थेरेपी के जरिए उन पुरुषों में दिल का दौरे और स्ट्रोक में काफी हद तक कमी आ सकती है, जिनमें हार्मोन का लेवल अस्वाभाविक रूप से कम होता है।

Testosterone Therapy & Heart attack: आजकल की लाइफस्टाइल ऐसी होती जा रही है कि लोगों में हृदय रोग, स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। पुरुषों में कम उम्र में ही हार्ट अटैक आने की समस्या पहले से काफी बढ़ गई है। हालांकि, एक अच्छी खबर ये है कि टेस्टोस्टेरॉन थेरेपी (Testosterone Therapy) के जरिए उन पुरुषों में दिल का दौरे (Heart Attack) और स्ट्रोक (stroke) में काफी हद तक कमी आ सकती है, जिनमें हार्मोन का लेवल अस्वाभाविक रूप से कम होता है। यह शोध यूरोपियन एसोसिएशन ऑफ यूरोलॉजी कांग्रेस में पेश किया गया। इस शोध के निष्कर्ष से ये संकेत मिले हैं कि टेस्टोस्टेरॉन थेरेपी से पुरुषों की सेहत में भी अन्य उपायों से अधिक सुधार देखा गया।

शोध के निष्कर्ष के अनुसार... (Testosterone Therapy & Heart attack)

शोध के निष्कर्ष के अनुसार, टेस्टोस्टेरॉन थेरेपी के बाद मरीजों में बेहतर परिणाम देखने को मिले। मरीजों ने अपना वजन कम किया। उनमें नई मांसपेशियों का निर्माण हुआ, उनके कोलेस्ट्रॉल के स्तर और यकृत (Liver) के कार्य में सुधार हुआ। उनका डायबिटीज कंट्रोल हो गया और उनका रक्तचाप भी कम हो गया।

टेस्टोस्टेरॉन थेरेपी के लाभ (Benefits of Testosterone Therapy)

एक्सपर्ट के अनुसार, पुरुषों को कुछ मनोवैज्ञानिक और जैविक कार्यों के लिए टेस्टोस्टेरॉन की जरूरत होती है। केवल निम्न कोलेस्ट्रॉल स्तर वाले लोग जो अन्य लक्षण प्रदर्शित करते हैं, उनमें टेस्टोस्टेरॉन थेरेपी से लाभान्वित होने की संभावना अधिक रहती है।

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शोध के निष्कर्ष के अनुसार, "उन लोगों के लिए जो हार्ट अटैक और स्ट्रोक के उच्च जोखिम में हैं, जिनमें टेस्टोस्टेरॉन की कमी है, यह संभावना है कि हार्मोन को सामान्य स्तर पर वापस लाने से उन्हें अपने समग्र स्वास्थ्य में सुधार के लिए आवश्यक अन्य कदमों के लाभों को अधिकतम करने में मदद मिलती है।"

अध्ययन में शामिल किए गए 800 से अधिक लोग

अध्ययन के लिए टीम ने टेस्टोस्टेरॉन की कमी वाले 800 से अधिक पुरुषों को शामिल किया, जिनके पारिवारिक इतिहास, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल लेवल, डायबिटीज या वजन ने उन्हें दिल के दौरे (Heart Attack) या स्ट्रोक के उच्च जोखिम (Stroke Risk) में डाल दिया। केवल सामान्य से नीचे टेस्टोस्टेरॉन के स्तर वाले पुरुष, जिन्होंने कम टेस्टोस्टेरॉन के लक्षण (Symptoms of Low Testosterone) भी प्रदर्शित किए जैसे कि खराब मूड, भूख में कमी, अवसाद, स्तंभन दोष (Erectile Dysfunction), कामेच्छा में कमी या वजन बढ़ना अनुसंधान में शामिल थे।

पुरुषों ने चुना टेस्टोस्टेरॉन रिप्लेसमेंट थेरेपी

आधे से अधिक पुरुषों ने लंबे समय तक टेस्टोस्टेरॉन रिप्लेसमेंट थेरेपी का विकल्प चुना, जिससे शोधकर्ताओं ने इस समूह की तुलना उन लोगों से की जिनकी स्थिति का इलाज नहीं किया गया था। सभी पुरुषों को अपने हृदय स्वास्थ्य में सुधार के लिए आहार, शराब, धूम्रपान और व्यायाम के मामले में जीवनशैली में बदलाव करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। शोध में कहा गया है कि टेस्टोस्टेरॉन थेरेपी पर 412 पुरुषों में से 16 की मौत हो गई और किसी को भी दिल का दौरा या स्ट्रोक नहीं हुआ। टेस्टोस्टेरॉन की खुराक नहीं लेने वाले 393 पुरुषों में से 74 की मृत्यु हो गई, 70 को दिल का दौरा पड़ा और 59 को स्ट्रोक हुआ।

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