
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : November 6, 2020 4:43 PM IST
बार-बार मुंह में छाले होना भी हो सकता है माउथ कैंसर का लक्षण, जानें बचाव के तरीकेLuckily, many ingredients that you can easily find in your own kitchen can help heal your sore tongue. Here are five effective home remedies to soothe a sore tongue.
माउथ कैंसर (Mouth Cancer) को ओरल कैंसर (Oral Cancer) या मुंह का कैंसर भी कहते हैं। मुंह का कैंसर भारतीय पुरुषों को होने वाले मुख्य कैंसर में से एक है। इस कैंसर के चलते हर साल हजारों लोगों की मौत होती है। ओरल कैंसर होने का मुख्य कारण तंबाकू का अधिक सेवन करना है। आपको बता दें कि जब शरीर के ओरल कैविटी के किसी भी भाग में कैंसर होता है तो इसे ओरल कैंसर कहते हैं। ओरल कैविटी में जीभ, मसूड़े, होंठ, गाल, लार ग्रंथियां और टॉन्सिल आदि शामिल है। जब माउथ कैंसर की शुरुआत होती है तो मुंह में छाले होते हैं। 7 नवंबर को नेशनल कैंसर अवेयरनेस दिवस (National Cancer Awareness Day) मनाया जाता है। इसलिए आज इस लेख में हम आपको मुंह के कैंसर के लक्षण, कारण और घरेलू नुस्खे बता रहे हैं।
1. मुंह और गले में दर्द के साथ सूजन होना
2. हर वक्त गला खराब रहना
3. गले के साथ कान में भी हल्क दर्द होना
4. नाक का बहना या ब्लॉक होना
5. किसी भी चीज को निगलने में दिक्कतों का सामना करना
6. मुंह और होंठ का सुन्न पड़ जाना
7. मुंह के जिस भाग में आप तंबाकू रखते हैं उसका उठा हुआ होना
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के नेशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम (एनसीआरपी) के डेटा के मुताबिक, 2017 में भारत के चार बीमारू राज्यों- बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में ओरल कैंसर के 15.17 लाख मामले सामने आए। उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक 12.5 लाख मामले दर्ज किए गए हैं। मैक्स हैल्थकेयर के डिपार्टमेंट ऑफ ओंकोलॉजी के प्रिंसिपल कन्सल्टेंट डॉ. गगन सैनी ने कहा, “ओरल कैंसर के अन्य कारणों में पारिवारिक इतिहास भी अहम है। कैंसर मरीजों में आनुवांशिकी की भूमिका से इंकार नहीं किया जा सकता। लेकिन ओरल कैंसर के जो मरीज रेडिएशन थेरेपी के लिए आते हैं, उनके मामलों में ज्यादातर कारण तंबाकू सेवन ही होता है।”
मुंह में छाले आमतौपर कब्ज, सिगरेट या ई सिगरेट का अधिक सेवन, हार्मोनल बदलाव, पेट साफ ना रहना, पाचन क्रिया में गड़बड़ी होना, पेट में कीड़े होना और अधिक एसिडिटी आदि के कारण होते हैं। साथ ही आयरन की कमी, विटामिन बी एवं सी की कमी के कारण भी ये अल्सर हो जाते हैं। कई बार उन्हें यह अधिक परेशान करता है, जिनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है। आप इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं, कुछ आसान घरेलू उपचार को आजमाकर। हम कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताएंगे, जो आपके किचन में हमेशा उपलब्ध होती हैं।
1. हर दिन एक गिलास दूध पीना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। दूध में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मुंह के छालों, दर्द और जलन को कम करते हैं। दूध में मौजूद बायोएक्टिव गुण मुंह की सेहत को बनाए रखते हैं। बहुत ज्यादा गर्म दूध पीने से बचें। इससे छालों में जलन बढ़ सकती है। खासकर, जीभ के छालों में ठंडा दूध ही पिएं। फिर भी छाले ठीक ना हों, तो डॉक्टर को दिखाएं।
2. शहद का इस्तेमाल अगर घरेलू उपचार के रूप में किया जाए तो छालों की समस्या को ठीक कर सकता है। इसके लिए आप शायद को छाले वाली जगह पर लगाकर 3-4 मिनट के लिए छोड़ सकते हैं।
3. टी ट्री ऑयल में एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। छालों के ऊपर इन्हें लगाने से बहुत जल्दी फायदा होता है। एक दिन में तीन से चार बार इसे प्रभावित जगह पर लगाने से आराम होगा।
4. छालों के इलाज के लिए लहसुन बहुत ही कारगर है. दो से तीन लहसुन की कलियां लेकर उनका एक पेस्ट बना लें। अब इस पेस्ट को प्रभावित जगह पर लगाएं. लगाने के 15 मिनट बाद उसे धो लें।
5. घरेलू उपचार के रूप में इसके इस्तेमाल से भी लाभ मिलता है। मुंह के छालों की समस्या को ठीक करने के लिए एक गिलास पानी में आधा चम्मच हल्दी को अच्छी तरह उबाल लें और उसके बाद इस पानी से कुल्ला करें।