आयोडीन की कमी या अधिकता बिगाड़ सकती है आपका थायराइड? डॉक्टर बता रहे हैं कितना आयोडीन है जरूरी

Relationship Between Iodine and Thyroid Function: थायराइड और आयोडीन के बीच बहुत गहरा कनेक्शन हैं। डॉ. हिमिका चावला का कहना है कि आयोडीन की कमी होने पर थायराइड ग्रंथि पर्याप्त मात्रा में हार्मोन नहीं बना पाती, जिससे हाइपोथायरॉयडिज्म हो सकता है।

आयोडीन की कमी या अधिकता बिगाड़ सकती है आपका थायराइड? डॉक्टर बता रहे हैं कितना आयोडीन है जरूरी
VerifiedVERIFIED By: Dr. Himika Chawla

Written by Ashu Kumar Das |Published : January 9, 2026 1:26 PM IST

Relationship Between Iodine and Thyroid Function: आज के समय में थायराइड की समस्या तेजी से बढ़ रही है। भारत में हर 10 में से लगभग 1 व्यक्ति किसी न किसी प्रकार की थायराइड बीमारी से प्रभावित है। आमतौर पर थायराइड जीवनशैली से जुड़ी बीमारी मानी जाती है, लेकिन थायराइड डिसऑर्डर का सबसे बड़ा कारण आयोडीन असंतुलन (Thyroid mein Iodine ki Bhumika) है। कुछ लोग आयोडीन की कमी से परेशान हैं, तो वहीं कुछ लोग ज्यादा आयोडीन लेने के कारण थायराइड हार्मोन के असंतुलन का शिकार हो जाते हैं।

दिल्ली के पीएसआरआई हॉस्पिटल की एंडोक्रिनोलॉजी में सीनियर कंसल्टेंट डॉ. हिमका चावला (Dr. Himika Chawla, Senior Consultant in Endocrinology at PSRI Hospital) के अनुसार, थायराइड जैसी बीमारी से बचाव के लिए हम सभी का ये समझना बहुत जरूरी है कि ही कारण है कि यह समझना बेहद जरूरी है कि आयोडीन क्या है, ये थायराइड पर कैसे असर डालता है, ज्यादा या कम आयोडीन लेने से क्या नुकसान (Thyroid ke Mariz ko ek Din Main kitne Iodine Lena Chaiye) हो सकता है और थायराइड के मरीज को रोजाना कितना आयोडीन लेना चाहिए।

आयोडीन और थायराइड के बीच संबंध- Connection between Iodine and Thyroid

आयोडीन सीधे तौर पर थायराइड हार्मोन के निर्माण में इस्तेमाल होता है। आयोडीन थायराइड हार्मोन (T3 और T4) का निर्माण करते हैं। डॉ. हिमका चावला का कहना है कि बिना आयोडीन के शरीर थायराइड हार्मोन बना ही नहीं सकता है। आयोडीन की कमी होने पर थायराइड ग्रंथि पर्याप्त मात्रा में हार्मोन नहीं बना पाती, जिससे हाइपोथायरॉयडिज्म, वजन बढ़ना, थकान, बाल झड़ना और ठंड ज्यादा लगने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

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लंबे समय तक आयोडीन की कमी रहने पर घेंघा यानी गॉयटर की समस्या भी हो सकती है। T3 हार्मोन में 3 आयोडीन अणु होते हैं। वहीं, T4 हार्मोन में 4 आयोडीन अणु होते हैं। इस बात से स्पष्ट होता है कि शरीर में कम आयोडीन होने पर हम थायराइड हार्मोन का निर्माण होगा। इसके विपरीत ज्यादा आयोडीन होने पर शरीर ज्यादा थायराइड हार्मोन का प्रोडक्शन करेगा।

आयोडीन की कमी से थायराइड कैसे बिगड़ता है?

  1. हाइपोथायरायडिज्म (Hypothyroidism)- डॉक्टर बताते हैं कि जब शरीर में पर्याप्त मात्रा में आयोडीन नहीं बन पाता है, तो इससे थायराइड हार्मोन भी कम बनता है। इस प्रक्रिया के कारण हाइपोथायरायडिज्म जैसी बीमारी देखी जाती है। हाइपोथायरायडिज्म के लक्षणों में वजन तेजी से बढ़ना, शारीरिक थकान, ठंड ज्यादा लगना, बालों का तेजी से झड़ना, कब्ज और महिलाओं के इर्रेगुलर पीरियड्स शामिल हैं।
  2. घेंघा रोग (Goiter)- आयोडीन की कमी से थायराइड ग्रंथि को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे वह फूल जाती है और गर्दन में सूजन दिखाई देने लगती है। गर्दन पर नजर आने वाली इस सूजन को मेडिकल भाषा में घेंघा कहा जाता है।
  3. दिमागी विकास में कमी- किसी महिला में प्रेग्नेंसी के दौरान आयोडीन की कमी आती है, तो इससे थायराइड हार्मोन के साथ-साथ बच्चे के दिमागी विकास पर भी असर पड़ता है। आयोडीन की कमी से बच्चे के सीखने की क्षमता और आईक्यू लेवल कम हो सकता है।

ज्यादा आयोडीन लेने से थायराइड कैसे बिगड़ता है?

  1. हाइपरथायरायडिज्म (Hyperthyroidism) - डॉ. हिमका का कहना है कि कई लोग सोचते हैं कि अगर वो ज्यादा मात्रा में आयोडीन का सेवन करेंगे, तो इससे थायराइड की समस्या नहीं होगी, लेकिन सच्चाई इसके बिल्कुल विपरीत है। अधिक आयोडीन लेने से थायराइड हार्मोन अत्यधिक बनने लगता है। इससे हाइपोथायरायडिज्म जैसी बीमारी देखी जाती है। हाइपोथायरायडिज्म के लक्षणों में वजन तेजी से घटना, दिल की धड़कन तेज, घबराहट, पसीना ज्यादा आना, नींद न आना और हाथ कांपना शामिल है।
  2. ऑटोइम्यून थायराइड रोग- शरीर की जरूरत से ज्यादा आयोडीन लेने से ऑटोइम्यून थायराइड रोग का खतरा भी बढ़ता है। ज्यादा आयोडीन हाशिमोटो थायरॉयडिटिस ग्रेव्स डिजीज जैसी ऑटोइम्यून बीमारियों को ट्रिगर कर सकता है।

थायराइड में 1 दिन में कितना आयोडीन लेना चाहिए

भारत जैसे देशों में आयोडीन के लिए आयोडाइज्ड नमक का इस्तेमाल किया जाता है। सामान्य व्यक्ति के लिए रोजाना सीमित मात्रा में आयोडीन युक्त नमक का सेवन पर्याप्त माना जाता है। संतुलित आहार लेने वालों को आमतौर पर अलग से आयोडीन सप्लीमेंट की जरूरत नहीं होती। लेकिन थायराइड जैसी बीमारी में मरीज के आधार पर आयोडीन की मात्रा निर्धारित की जाती है। अगर आप थायराइड के मरीज हैं तो अपनी स्थिति के आधार पर आयोडीन का सेवन कर सकते हैं।

S, No उम्रप्रतिदिन आयोडीन (mcg)
1वयस्क150 mcg
2गर्भवती महिला220 -250 mcg
3बच्चे90- 120 mcg

डॉक्टर के अनुसार, कई लोग थायराइड की समस्या होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के आयोडीन सप्लीमेंट, कैप्सूल या हर्बल प्रोडक्ट्स लेना शुरू कर देते हैं। इस तरह की चीजों का सेवन थायराइड के मरीजों के लिए फायदेमंद नहीं बल्कि नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए थायराइड में आयोडीन की भूमिका संतुलन पर आधारित है। न तो इसकी कमी ठीक है और न ही अधिकता। अगर थायराइड से जुड़ी समस्या है, तो आयोडीन का सेवन बढ़ाने या घटाने से पहले जांच और डॉक्टर की सलाह जरूरी है।

आयोडीन के नेचुरल सोर्स

भारत में आज भी ज्यादातर लोगों को ऐसा लगता है कि आयोडीन सिर्फ नमक में पाया जाता है। लेकिन कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे भी हैं, जिनमें आयोडीन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

  • दूध और दही
  • अंडा
  • मछली
  • झींगा
  • पनीर

निष्कर्ष

आयोडीन थायराइड के लिए जितना जरूरी है, उतना ही खतरनाक भी हो सकता है। इसलिए थायराइड के मरीजों को संतुलित मात्रा में आयोडीन का सेवन करना चाहिए। हमें ये समझना चाहिए आयोडीन की सही मात्रा ही स्वस्थ थायराइड हार्मोन का निर्माण करती है। जो लोग थायराइड को मैनेज करने के लिए किसी प्रकार की गोली या दवा ले रहे हैं, उनके लिए प्रतिदिन कितना आयोडीन का सेवन सही है, इस विषय पर जानने के लिए अपने डॉक्टर से बात जरूर करें।

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Highlights

  • आयोडीन के बिना थायराइड हार्मोन नहीं बनता है।
  • थायराइड के मरीजों के लिए सही आयोडीन लेना जरूरी है।
  • आयोडीन के लिए नमक के अलावा झींगा और मछली भी खा सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।