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क्यों जरूरी होता है नियमित हेल्थ चेकअप? जानिए कब और कैसे कराएं जांच

Importance of Regular Medical Check Ups : नियमित रूप से हेल्थ चेकअप्स बहुत ही जरूरी होता है, ताकि आगे होने वाली परेशानियों का समय पर पता चल सके। आइए जानते हैं क्यों जरूरी है नियमित रूप से हेल्थ चेकअप्स?

क्यों जरूरी होता है नियमित हेल्थ चेकअप? जानिए कब और कैसे कराएं जांच
Importance of Regular Health Check-Ups
VerifiedVERIFIED By: डॉ शेली (मित्तल) महाजन

Written by Mishra Kishori |Updated : January 7, 2025 6:31 PM IST

Importance of Regular Health Check-Ups : सर्दियों में कई तरह के शारीरिक और लाइफस्टाइल फैक्टर के कारण हृदय संबंधी समस्याओं के होने का खतरा बढ़ जाता है। इस वजह से सक्रिय देखभाल और नियमित स्वास्थ्य जांच को प्राथमिकता देना जरूरी हो जाता है। अध्ययनों से पता चलता है कि ठंड के महीनों में हार्ट अटैक की घटनाओं में 25% की वृद्धि होती है, क्योंकि कम तापमान रक्त वाहिकाओं को सिकोड़ देता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और हृदय को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, और हार्ट अटैकि से संबंधित मौतों में 40% की वृद्धि होती है। इस मौसम में इन्फ्लूएंजा जैसे सांस से संबंधित संक्रमणों में वृद्धि मौजूदा बीमारियों वाले व्यक्तियों में हृदय की समस्याओं को बढ़ा सकती है, सर्दियों के महीनों के दौरान हृदय के स्वास्थ्य पर ज्यादा ध्यान देना जरूरी हो जाता है। ठंड का यह मौसम 60 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों या क्रोनिक बीमारियों से पीड़ित लोगों को कई बीमारिया होने के लिए खतरा पैदा करता हैं। आइए डॉ शेली (मित्तल) महाजन, लैब डायरेक्टर & क्लीनिकललीड, महाजन इमेजिंग लैब्स से जानते हैं  नियमित हेल्थ चेकअप क्यों जरूरी (Regular Health Check Ups Kyu Jaruri Hai ) है?

नियमित हेल्थ स्क्रीनिंग का महत्व

बीमारी की जल्दी पहचान होना

नियमित हेल्थ स्क्रीनिंग से हाइपरटेंशन या प्री-डायबिटीज जैसी छिपी हुई बीमारियों की जल्दी पहचान की जा सकती है, ताकि गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में बदलने से पहले ही उनकी पहचान करके समाधान कर लिया जाए। जांच में बीपी और फास्टिंग ग्लूकोज का स्तर जांचना चाहिए। ब्लड प्रेशर का स्तर 120/80 80 mm Hg से कम होना चाहिए। हालांकि ठंडे महीनों के दौरान, वासोकोनस्ट्रिक्शन के कारण ब्लड प्रेशर की रीडिंग बढ़ सकती है, ठंडे तापमान की प्रतिक्रिया में रक्त वाहिकाओं के सिकुड़ने से हृदय पर अतिरिक्त तनाव पड़ता है। फास्टिंग ग्लूकोज का स्तर आदर्श रूप से 100 100 mg/dL. से कम होना चाहिए।

रिस्क को समझना

स्क्रीनिंग सेएलडीएल कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड्स या मोटापे जैसे जोखिम फैक्टर्स का पता लगाया जा सकता है। एलडीएल ('खराब' कोलेस्ट्रॉल) आदर्श रूप से 100 mg/dL से कम होना चाहिए, जबकि एचडीएल ('अच्छा' कोलेस्ट्रॉल) 60 mg/dL से ज्यादा होना चाहिए।

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पर्सनालाइज़्ड रोकथाम योजनाएं

स्क्रीनिंग से मिली जानकारी व्यक्ति के लाइफस्टाइल फैक्टर्स और फैमिली हिस्ट्री को ध्यान में रखते हुए उनके अनुसार लाइफस्टाइल और मेडिकल इंटरवेंशन का मार्गदर्शन करती है। ये हस्तक्षेप न केवल विशेष प्रकार के जोखिम फैक्टर्स का समाधान करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए भी हैं।

मॉनिटरिंग प्रोसेस

जिन लोगों को पहले से ही हृदय संबंधी समस्या है, उनके लिए चल रहे उपचारों की प्रभावशीलता को ट्रैक करने के लिए नियमित जांच बहुत ज़रूरी होती है। इन अपॉइंटमेंट्स से हेल्थकेयर प्रोवाइडर को ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और हृदय के कार्य जैसे प्रमुख स्वास्थ्य संकेतकों को ट्रैक करने, सर्वोत्तम संभव परिणाम सुनिश्चित करने और बीमारियों को रोकने के लिए आवश्यकतानुसार इलाजों को एडजस्ट करने की सहूलियत मिलती है।

सर्दी में हृदय के स्वास्थ्य को बेहतर रखने के लिए कुछ जरूरी उपाय

शारीरिक रूप से एक्टिव रहें

नियमित शारीरिक गतिविधि बनाए रखने के तरीके खोजें, जैसे कि दिन के हल्के समय के दौरान इनडोर वर्कआउट या तेज चलें। नियमित शारीरिक गतिविधि और वजन मैनेजमेंट से लंबे समय के लिए हृदय के स्वास्थ्य को अच्छा रखा जा सकता है।

हृदय के स्वास्थ्य के अनुसार डाइट

ओमेगा-3 फैटी एसिड, साबुत अनाज और पालक और केल जैसी मौसमी सब्जियों से भरपूर खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करें। इनसे हृदय के स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलता है। मछली, जैसे सैल्मन और अलसी में पाए जाने वाले ओमेगा-3 सूजन को कम करने और कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं।

ओट्स और क्विनोआ जैसे साबुत अनाज ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार करके हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं। पालक और केल जैसी पत्तेदार सब्जियां विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर से भरपूर होती हैं, इन्हें खाने से सभी रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ और हृदय के कार्य को बेहतर बनाए रखा जा सकता हैं।

गर्म और हाइड्रेटेड रहें

गर्म कपड़ों के साथ खुद को ठंड से बचाएं और अचानक ठंडे तापमान के संपर्क में आने से बचें। सर्दियों में भले ही प्यास न लगे फिर भी पानी पिए। हाइड्रेटेड रहने से हृदय का कार्य अच्छा रहता है। डि-हाइड्रेशन हृदय पर दबाव डाल सकता है और ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकता है। सुनिश्चित करें कि आप पर्याप्त पानी पिएं ,भले ही आपको प्यास न लगे, ताकि ठंड के महीनों के दौरान आपका शरीर ठीक से काम करता रहे।

निष्कर्ष

सर्दियों में आपके हृदय की सेहत के लिए जागरूकता और सक्रिय देखभाल बहुत ज़रूरी है। नियमित स्वास्थ्य जांच को प्राथमिकता देकर और हृदय को स्वस्थ रखने वाली लाइफस्टाइल अपनाकर आप अपने हृदय संबंधी स्वास्थ्य की रक्षा कर सकते हैं और सर्दियों के मौसम से जुड़े खतरों को कम कर सकते हैं। याद रखें, इस सर्दी में आपका हृदय आपके लिए बिना रुके, बिना थके काम करता है, इसलिए सुनिश्चित करें कि आप भी इसके लिए काम करें।

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Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।