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हवाई चप्पल पहनने वाले ध्यान दें! Flip Flop पहनने से पैरों को हो सकते हैं ये 5 नुकसान, बरतें ये सावधानियां

खुली हुई चप्पलें पहनने से पैरों में कई तरह की प्रॉब्लम्स हो सकती हैं।

Written by Sadhna Tiwari |Updated : September 8, 2022 4:21 PM IST

Flip-Flops Health Hazards: दिनभर टाइट शूज और मोजे पहनने के बाद जब लोग घर पहुंचते हैं तो स्लीपर्स या चप्पलें पहनकर ही घर में घूमना या बाहर जाना पसंद करते हैं। फ्लिप फ्लॉप्स या चप्पलें पहनना अधिक आरामदायक महसूस होता है और इसीलिए लोग इन्हें पहनकर कई बार बाजार, सैलून और अपने दोस्तों या रिश्तेदारों के घर भी चले जाते हैं। खासकर, गर्मियों में पैरों का पसीने और उमस से बचाने के लिए लोग चप्पलें पहनते हैं। खुली चप्पल पहनने से पैरों को हवा भी अच्छी तरह लगती है और पैर इंफेक्शन्स से बचे रहते हैं। इसी तरह बरसात के दिनों में भी चप्पलें पहनना काफी सुविधाजनक साबित होता है। क्योंकि, खुले होने के कारण जूतों की तरह इनमें पानी जमा नहीं होता और पैर पानी क सम्पर्क में आने के बाद भी तेजी से सूख जाते हैं और इस तरह स्किन इंफेक्शन से लेकर ठंड लगने जैसी समस्याओं से भी बचाव होता है। (benefits of wearing footwear)

चप्पल पहनने से बिगड़ सकती है पैरों की सेहत

चप्पल पहनना सुविधाजनक तो होता है लेकिन इन्हें पहनने के कई नुकसान भी हैं। खुली हुई चप्पलें पहनने से पैरों में कई तरह की प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। कुछ स्टडीज में भी यह पाया गया है कि फ्लिप फ्लॉप्स पहनना आपके पैरों के कई बार नुकसानदायक भी साबित हो सकता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार थोड़ी देर के लिए खुली चप्पलें पहनना तब ठीक होता है लेकिन बहुत लम्बे समय तक इन्हें पहनने से पैरों में तकलीफ बढ़ सकती है। जैसे आसपास कहीं जाना हो या घर के आसपास चहलकदमी करनी हो तो स्लीपर्स पहनकर आप जा सकते हैं। लेकिन, चप्पल पहनकर बहुत दूर तक जाना या गली में क्रिकेट खेलने जैसे काम करने से बचना चाहिए। क्योंकि इससे पैरों में चोट लगने और अन्य कई प्रकार की समस्याओं की संभावना बढ़ जाती है। आइए जानें चप्पल पहनने के क्या नुकसान (Flip-flops side effects) हैं और इनसे कैसे बचा जा सकता है। (Flip-Flops Health Hazards In Hindi)

चप्पल पहनने के नुकसान (Side effects of wearing Flip-flops)

  1. हाई हील्स की तरह ही फ्लैट चप्पल पहनने से भी आपके पैरों में दर्द और एड़ियों में तकलीफ हो सकती है।
  2. इससे एड़ियों और पैरों की नसों पर दबाव बन सकता है जिससे एड़ियों में दर्द और खिंचाव महसूस हो सकता है।
  3. पांवों के सामने वाले हिस्से में मौजूद नसों पर तब दवाब अधिक बनता है और इससे बार-बार छोटी-मोटी चोट लगने की संभावना बढ़ जाती है।
  4. चप्पलें पहनने से पैरों की स्किन छिलने, उसमें घाव होने और नासूर बनने का खतरा भी बढ़ सकता है।
  5. पैरों में लगी चोट को ठीक होने में समय लग सकता है। जिससे, पैरों में इंफेक्शन होने का डर भी बढ़ जाता है।

पैरों का ऐसे रखें ख्याल

  • मौसम और तापमान के अनुसार जूते और चप्पल का इस्तेमाल करें। गर्मियों में हवादार या जालीदार जूते पहने जिनसे पैरों को चोट लगने और नाखूनों को टूटने से बचाया जा सके।
  • इसी तरह सर्दियों में घर के बाहर जूते पहनें और घर में आरामदायक सूती मोजे पहन सकते हैं।
  • जूते-चप्पल खरीदते समय सिंथेटिक मटेरियल से बचने फुटवेयर खरीदने से बचें।
  • रोजाना घर लौटने के बाद अपने पैरों की जांच करें और चोट या खरोंच जैसी समस्याएं हों तो उनका उपचार करें।
  • अपने जूते-चप्पलों को साफ-सुथरा रखें।

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