ये 5 कारण युवाओं में बढ़ाते हैं Throat Cancer का खतरा, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलतियां!

Throat Cancer: पहले गले का कैंसर उम्रदराज लोगों में देखने को मिलता था, लेकिन अब कम उम्र या युवाओं में भी गले के कैंसर के मामले सामने आ रहे हैं। ये जोखिम कारक, युवाओं में गले के कैंसर का खतरा बढ़ाते हैं।

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Written By: Anju Rawat | Updated : February 26, 2026 12:33 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Deepanshu Gurnani

Gale ka Cancer: आज का युवा तेज रफ्तार जिंदगी जीता है। वह सुबह से लेकर रात तक, किसी-न-किसी काम में उलझा रहता है। काम का दबाव, सोशल लाइफ, देर रात तक जागना और असंतुलित खानपान युवाओं दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। इसी बीच युवाओं में कुछ आदतें या यूं कहे कि गलतियां, उनमें गले के कैंसर के खतरे को बढ़ा रही हैं। इन आदतों की वजह से गले के कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। पहले गले का कैंसर ज्यादा उम्र के लोगों में देखने को मिलता था, लेकिन अब कम उम्र या युवाओं में भी गले के कैंसर के मामले सामने आ रहे हैं। आइए, नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर के सीनियर कंसल्टेंट-ईएनटी, हेड एंड नेक ऑन्कोलॉजी डॉ. दिपांशु गुरनानी (Dr. Deepanshu Gurnani, Sr. Consultant - ENT, Head & Neck Oncology) से जानते हैं गले के कैंसर के आम कारण क्या हैं?

1. तंबाकू और वेपिंग का बढ़ता चलन

आजकल युवाओं में सिगरेट पीने और वेपिंग का ट्रेंड काफी बढ़ गया है। सिगरेट, बीड़ी, हुक्का और चबाने वाला तंबाकू गले के कैंसर के मुख्य कारण माने जाते हैं। जो लोग लंबे समय से तंबाकू का सेवन कर रहे हैं, उनमें गले के कैंसर का खतरा काफी बढ़ जाता है।

वेपिंग भी गले के कैंसर को विकसित कर सकता है। वेपिंग एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण (जैसे ई-सिगरेट, वेप पेन या मॉड) का उपयोग करके निकोटीन, फ्लेवर और अन्य रसायनों वाले लिक्विड को गर्म करके भाप के रूप में सांस से अंदर लेने की प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया से फेफड़ों तक पहुंचने वाला भाप गले के कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है।

2. अल्कोहल का अधिक सेवन

युवाओं में अत्यधिक शराब पीने का चलन भी बढ़ रहा है। अत्यधिक शराब का सेवन, गले के कैंसर का एक बड़ा जोखिम कारक बनता है। खासकर, जब तंबाकू और शराब का एक साथ सेवन किया जाता है, तो इस बीमारी का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। शराब गले की सतह को संवेदनशील बनाती है, जिससे तंबाकू के रसायन आसानी से अंदर तक असर डालते हैं। लंबे समय तक शराब और तंबाकू का सेवन करने से धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंच सकता है और गले के कैंसर का कई गुना खतरा बढ़ सकता है।

3. एचपीवी इंफेक्शन

पिछले कुछ वर्षों से ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV Infection) की वजह से भी गले के कैंसर के मामलों में वृद्धि देखने को मिल रही है। असुरक्षित यौन संबंध, एचपीवी वायरस को बढ़ाने का एक प्रमुख कारण बनता है। HPV संक्रमण लंबे समय तक बिना लक्षण के शरीर में मौजूद रहता है। कुछ प्रकार का HPV गले की कोशिकाओं में बदलाव करता है और इससे कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। इस कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीन लगवाना बहुत जरूरी है।

4. जंक फूड्स का सेवन

जंक फूड्स कई सामान्य से लेकर गंभीर बीमारियों का कारण बनता है। बहुत ज्यादा जंक फूड, गले के कैंसर को भी न्यौता दे सकता है। दरअसल,फास्ट फूड, प्रोसेस्ड मीट और कम पोषण वाला भोजन खाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। जब शरीर का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है, तो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है। इसलिए शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए फलों, सब्जियों और दालों को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें। एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर फूड्स कैंसर से लड़ने में मदद कर सकते हैं।

गले के कैंसर के लक्षण

  • लगातार गले में खराश
  • आवाज में बदलाव
  • निगलने में कठिनाई
  • गले में गांठ नजर आना
  • लंबे समय तक खांसी रहना

अगर ये लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए। वरना, भविष्य में स्थिति गंभीर रूप ले सकती है और गले के कैंसर की वजह से व्यक्ति की जान तक जा सकती है। ज्यादातर युवा इन लक्षणों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं और काम की व्यस्तता में जांच करवाना जरूरी नहीं समझते हैं।

गले के कैंसर से बचाव कैसे करें?

  • गले के कैंसर से बचाव के लिए तंबाकू और शराब से पूरी तरह दूरी बनाकर रखें।
  • बैलेंस डाइट लें। अपनी डाइट में प्रोटीन, एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर शामिल करें।
  • रेगुलर एक्सरसाइज जरूर करें और सुरक्षित संबंध बनाएं।
  • एचपीवी वैक्सीन जरूर लगवाएं।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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