इस एज ग्रुप में मोटापा मतलब कैंसर का खतरा, एक्सपर्ट से समझें Obesity और कैंसर के बीच कनेक्शन

कुछ स्टडीज के अनुसार, अधिक वजन वाले लोगों में कैंसर का रिस्क (Risk of cancer in obese people ) भी बहुत अधिक होता है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : March 14, 2023 9:21 AM IST

Risk of cancer in obese people: मोटापा मॉडर्न लाइफस्टाइल की एक देन है क्योंकि, बीते कुछ दशकों में मोटापे से पीड़ित लोगों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। मोटापा उन लोगों में अधिक देखा जा रहा है जो शहरी इलाकों में रहते हैं और लगातार बैठकर काम करते हैं। मोटापे को कई बीमारियों की शुरूआत कहा जाता है क्योंकि, मोटापे के साथ-साथ हाई ब्लड प्रेशर और हाई शुगर लेवल जैसी हेल्थ प्रॉब्लम्स बढ़ जाती है। वहीं, जैसे ही शरीर का वजन बढ़ने लगता है लिवर, हार्ट और डाइजेस्टिव सिस्टम पर दबाव भी बढ़ने लगता है जिससे इन अंगों को काम करने में दिक्कत होने लगती है। मोटापा डायबिटीज और बीपी बढ़ाने के अलावा थायरॉइड और पीसीओडी जैसी बीमारियों का रिस्क भी बढ़ाता है। वहीं, कुछ स्टडीज के अनुसार, अधिक वजन वाले लोगों में कैंसर का रिस्क भी बहुत अधिक होता है। (Risk of cancer in obese people in Hindi)

क्यों मोटे लोगों को है कैंसर का रिस्क ज्यादा? (Reasons overweight people are at higher risk of cancer)

डॉ. तौसिफ अहमद थंगलवाड़ी (Dr. Tausif Ahmed Thangalvadi, Medical Director, NURA, Bengaluru) का कहना है कि, यह एक चिंता की बात है कि तेजी से बढ़ता मोटापा लोगों के स्वास्थ्य के लिए कई बड़े खतरे उत्पन्न कर सकता है। मोटापे को कई बीमारियों से जोड़कर देखा जाता है। इंसुलिन रेजिस्टेंस ( insulin resistance), प्री-डायबिटीड ( prediabetes), टाइप 2 डायबिटीज (type 2 diabetes), हार्ट डिजिज ( heart disease), हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल (high cholesterol levels), स्ट्रोक (stroke) और अल्ज़ाइमर्स (Alzheimer's disease) जैसी गम्भीर स्थितियां और बीमारियों की एक बड़ी वजह मोटापे को बताया जाता है।

वहीं, हाल ही में कुछ स्टडीज में यह देखा गया कि मोटापे की वजहसे 13 अलग-अलग प्रकार के कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है। मोटापे की वजह से लोगों में कैंसर का खतरा डेढ़ से 4 गुना अधिक हो सकता है। मोटे लोगों में पेट, लिवर, पैंक्रियाज, कोलोरेक्टल, गॉलब्लैडर, किडनी, थायरॉइड और ब्रेन से जुड़े कैंसर का रिस्क 50% से 400% अधिक हो सकता है।

मोटापे के साइड-इफेक्ट्स (Side effects of obesity and growth of cancer)

  • अधिक वजह से इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है और इससे कैंसर से लड़ने वाली सेल्स (Cells fighting cancer) भी कमजोर हो जाती हैं और कैंसर का रिस्क (risk of cancer) बढ़ जाता है।
  • ट्यूमर का सामना करने वाली टी सेल्स (T-Cells) को मोटापे से नुकसान पहुंचता हैऔर इससे कैंसर का रिस्क बढ़ता है।
  • शरीर में फैट बढ़ जाने से कैंसरस सेल्स (cancerous cells) का विकास भी तेजी से होता है और इससे ट्यूमर बढ़ सकता है।

महिलाओं में कैंसर होने का खतरा कई गुना ज्यादा

डॉ. तौसिफ अहमद के मुताबिक, मोटापे से पीड़ित महिलाओं में कैंसर का रिस्कदूसरों से अधिक होता है। उनमें प्रजनन अंगों से जुड़े कैंसर (risk of developing reproductive organ cancers) जैसे एंड्रोमेट्रिअल कैंसर (Endometrial cancer) का रिस्क अन्य महिलाओं की तुलना में 4 से 7 गुना अधिक होता है। इसी तरह ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क 150% अधिक और ओवेरियन कैंसर का खतरा 1.1 गुना अधिक होता है। जबकि, पुरुषों में मोटापे की वजह से होने वाले कैंसर में कोलोरेक्टल कैंसर का रिस्क सबसे अधिक देखा गया जो कि सामान्य वजन वाले पुरुषों की तुलना में 30% अधिक था।

आंकड़ों के अनुसार, मोटापा आज 25- 50 वर्ष की महिलाओं और पुरुषों में एक आम समस्या है और इसीलिए, इस आयु वर्ग के लोगों में कैंसर पनपने का रिस्क भी अधिक है।

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