
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : August 25, 2025 3:42 PM IST
Medically Verified By: Dr. Aparna Govil Bhasker
Gallbladder Cancer In India-गॉलब्लैडर या पित्ताशय का कैंसर दुर्लभ होता है, लेकिन आंकड़ों के अनुसार यह कैंसर इन दिनों बहुत तेजी से बढ़ रहा है। गॉलब्लैडर के कैंसर को अक्सर “साइलेंट किलर” कहा जाता है, क्योंकि इस कैंसर के शुरुआती समय में कोई विशेष लक्षण (Gallbladder mein cancer ke lakshan) नहीं दिखायी देते। इसीलिए, जब तक मरीजों में कैंसर का डायग्नोसिस होता है तब तक यह कैंसर पित्ताशय के साथ-साथ अन्य अंगों तक भी फैल चुका होता है। ऐसे में कैंसर का इलाज जटिल हो सकता है। इसलिए समय रहते गॉलब्लैडर में कैंसर का डायग्नोसिस हो तो इससे कैंसर का इलाज आसान हो सकता है। एल.एच. हिरानंदानी अस्पताल मुंबई में बेरिएट्रिक, हर्निया और लैप्रोस्कोपिक सर्जन,डॉ. अपर्णा गोविल भास्कर बता रही हैं कि गॉलब्लैडर में कैंसर होने के बाद किस तरह के लक्षण दिखायी देते हैं और इस प्रकार के कैंसर का इलाज क्या है।
आंकड़ों और रिपोर्ट्स के अनुसार भारत में गॉलब्लैडर का कैंसर एक गंभीर समस्या बनकर उभर रहा है। वैश्विस स्तर पर हर साल गॉलब्लैडर के जितने मामले सामने आते हैं उनमें से लगभग 10% मामलों भारत में ही पाए जाते है। यह उत्तर भारत, उत्तर-पूर्व, मध्य और पूर्वी भारत में ज़्यादा देखा जाता है। इसी तरह भारत में गॉलब्लैडर कैंसर के मरीजों की उम्र पश्चिमी देशों में मरीजों की तुलना में भी काफी कम होती है। भारत में आमतौर पर 50-60 वर्ष और उससे कम उम्र वाले लोगों में गॉलब्लैडर में कैंसरके मामले अधिक पाए जाते हैं।
पित्ताशय में पथरी होने के बाद कैंसर का रिस्क 5 गुना बढ़ सकता है। चूंकि पथरी की समस्या बहुत आम है, इसीलिए, पथरी होने पर कैंसर का रिस्क भी बढ़ सकता है। हालांकि, हर किसी को पित्ताशय का कैंसर नहीं होता। लेकिन, अगर आपको पथरी है तो आपको इसे नजरअंदाज भी नहीं करना है।
गॉल ब्लैडर में कैंसर के ज्यादातर लक्षण सामान्य डाइजेस्टिव सिस्टम से जुड़ी समस्याओं जैसे ही महसूस होते हैं। ऐसे में कई बार उन्हें नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है। लेकिन, अगर किसी को इस तरह के लक्षण बार-बार दिखायी दे रहे हैं तो तुरंत अपने डॉक्टर को दिखाएं और उनकी सलाह लें।
शुरुआती स्टेज में पित्ताशय को सर्जरी से निकाला जाता हैं। लेकिन अगर कैंसर अन्य अंगों तक भी फैल चुका हो या गम्भीर हो चुका हो तो ऐसी स्थिति में कीमोथेरपी, रेडिएशन थेरपी, टार्गेटेड दवाईयां और पैलिएटिव केयर जैसे तरीकों की मदद से कैंसर का इलाज किया जाता है।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
पेट में दर्द, उल्टी, अचानक से वजन कम हो जाना.खाने के बाद पेट में भारीपन और पेट फूलने जैसी समस्याएं पित्ताशय या गॉलब्लैडर में कैंसर के लक्षण हो सकता है।
पित्ताशय में लगातार सूजन होना, गांठें बनना, शरीर का वजन बढ़ जाने, संक्रमण और उम्र बढ़ने के साथ पित्ताशय में कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।