... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Editorial Team | Updated : November 27, 2017 5:37 PM IST
डायबिटीज एक खतरनाक समस्या है जो भारत में तेजी से बढ़ती जा रही है। इससे आपको कई अन्य गंभीर रोगों का खतरा होता है। यही कारण है कि डॉक्टर डायबिटीज के मरीजों को अपना अच्छी तरह ध्यान रखने की सलाह देते हैं। अधिकतर लोग केवल इतना जानते हैं कि डायबिटीज के मरीजों का ब्लड ग्लूकोज लेवल सिर्फ हाई होता है लो नहीं। आपको बता दें कि डायबिटीज के मरीजों के ब्लड ग्लूकोज लेबल में उतार-चढ़ाव होता रहता है और इसलिए आपको हाइपोग्लाइसीमिया (hypoglycaemia) का भी खतरा हो सकता है। कुल मिलाकर आपको नॉर्मल ग्लाइसेमिक लेवल बनाये रखना जरूरी है। मुंबई स्थित श्रेया डायबिटीज सेंटर में डायबिटोलॉजिस्ट डॉक्टर प्रदीप गाडगे आपको बता रहे हैं कि ब्लड ग्लूकोज लेवल कंट्रोल रखना क्यों जरूरी है।
ब्लड ग्लूकोज लेवल कम होने के कारण
इस मामले में आपको इंसुलिन, फूड और एक्टिविटी (आईएफए) को ध्यान रखना बहुत जरूरी है। अगर इन तीन चीजों में से किसी भी गड़बड़ है, तो यह ब्लड ग्लूकोज लेवल कम हो सकता है और आपको हाइपोग्लाइसीमिया का खतरा हो सकता है।
हाइपोग्लाइसीमिया के दौरान क्या होता है?
आपने इस बारे में लोगों से अलग-अलग बातें सुनी होंगी। हाइपोग्लाइसीमिया की सही रीडिंग तब होती है, जब आपका ब्लड ग्लूकोज लेवल 70 एमजी / डीएल से नीचे चला जाता है। ऐसा होने पर हाइपोग्लाइसीमिया के लक्षण जैसे पसीना, कंपकंपी और बेचैनी शुरू हो सकते हैं। यह इसके सामान्य लक्षण हैं। दुर्लभ मामलों में आप अजीब तरीके से व्यवहार कर सकते हैं जैसे कि आपके बॉस को थप्पड़ मारना, कपड़े फेंकने आदि।
Read this in English
अनुवादक – Usman Khan
चित्र स्रोत - Shutterstock
Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.