
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Updated : January 1, 2025 1:01 PM IST
Winter health issues: सर्दियों में घंटों कंबल और रजाई में दुबक कर आराम करना एक बेहतरीन अनुभव होता है। ठंडी हवाओं से बचते हुए गर्माहट का एहसास बेहद सुखद होता है। कंबल में लिपटे हुए एक कप चाय या कॉफी पीते हुए आराम करना सर्दी के मौसम का आनंद दोगुना कर देता है। ये पल खास होते हैं, जब बाहर की ठंडक को नजरअंदाज करते हुए, घर के आराम में बिताए जाते हैं। सर्दियों में ये क्षण न केवल शरीर को आराम देते हैं, बल्कि मन को भी शांति और संतुष्टि का अनुभव कराते हैं। लेकिन अगर घंटों कंबल और रजाई में रहने के बाद भी पैरों में ठंडक महसूस हो रही हो, तो यह कुछ स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है। ठंडे पैरों की समस्या सर्दियों में सामान्य हो सकती है, लेकिन अगर यह लगातार बनी रहे तो यह शरीर के कुछ अंदरूनी असंतुलन को भी दर्शा सकता है। यहां 5 मुख्य समस्याएं दी जा रही हैं, जो ठंडे पैरों का कारण बन सकती हैं।
पैरों में ठंडक का एक सामान्य कारण खराब रक्त संचार हो सकता है। जब रक्त का प्रवाह ठीक से नहीं हो पाता, तो शरीर के निचले हिस्से, खासकर पैरों में गर्मी नहीं पहुंच पाती। इससे पैरों में ठंडक का अनुभव होता है। यह समस्या अधिकतर वृद्धों में या उन लोगों में होती है, जो लंबे समय तक एक ही अवस्था में रहते हैं।
डायबिटीज के रोगियों में रक्त वाहिकाओं और नसों पर दबाव बढ़ने से रक्त का संचार प्रभावित हो सकता है, जिससे पैरों में ठंडक या सुन्नापन महसूस हो सकता है। यह समस्या न्यूरोपैथी के कारण होती है, जो न्यूरो तंत्र को प्रभावित करती है। डायबिटीज के मरीजों को इन समस्याओं का खास ध्यान रखा जरूरी है, क्योंकि लंबे समय तक ऐसा होना स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है।
थायरॉयड ग्रंथि के असंतुलन के कारण भी शरीर का तापमान नियंत्रित नहीं रह पाता। हाइपोथायरायडिज्म के कारण शरीर की तापमान संवेदनशीलता प्रभावित होती है, जिससे पैरों में ठंडक महसूस हो सकती है। यदि ठंडे पैरों की समस्या बार-बार हो रही है या लम्बे समय तक बनी रहती है, तो यह गंभीर थायराइड की समस्या का संकेत हो सकती है। इसलिए डॉक्टर से संपर्क करें।
जब शरीर में रक्त की कमी होती है (एनीमिया), तो शरीर के विभिन्न हिस्सों में पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती, जिससे पैरों में ठंडक और थकावट महसूस हो सकती है। यह विशेष रूप से उन लोगों में आम है जो आयरन की कमी से पीड़ित होते हैं। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। रक्त संचार को बेहतर करने के लिए नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और आवश्यक उपचार को ध्यान में रखना चाहिए।
नसों में सूजन, जैसे कि रेनॉड सिंड्रोम या सर्कुलेटरी समस्याएं, जैसे कि एथेरोस्क्लेरोसिस (धमनी में जंग लगना), पैरों में ठंडक का कारण बन सकती हैं। इनमें रक्त वाहिकाओं में अवरोध के कारण रक्त प्रवाह कम हो जाता है, जिससे पैरों में गर्मी नहीं पहुंच पाती। तंत्रिकाओं से जुड़ी समस्याओं का ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि बाद में यह गंभीर स्थिति पैदा कर सकती हैं।