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Ratan Tata Death Reason: टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा का बुधवार रात लगभग 11 बजे के आसपास निधन हो गया। उनके निधन की खबर सुनने के बाद से पूरा देश शोक में डूबा हुआ है। वहीं, कई लोग जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर उनकी मौत किस वजह से हुई है? बता दें कि हाल ही में उन्हें बढ़ती उम्र की समस्याओं के चलते मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल की इंटेसिव केयर यूनिट (ICU) भर्ती कराया गया था। उनके अस्पताल में जाने के बाद से कई लोग घबरा गए है, लेकिन कुछ समय बात उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लोगों को तसल्ली दी कि वे ठीक हैं और बढ़ती उम्र की समस्याओं के चलते अस्पताल आए हैं। वहीं, मीडिया और लोगों से अपील की थी कि उनके स्वास्थ्य को लेकर किसी तरह की अफवाहें न फैलाएं, लेकिन इस घटना के कुछ दिन के अंदर ही उनके निधन की खबर सामने आई। रात में इस खबर के सामने आने के बाद से हर कोई उनके बारे में जानने की कोशिश कर रहा है। आइए विस्तार से जानते हैं रतन टाटा की किन समस्याओं के चलते हुई मौत और क्या हैं इसके लक्षण और कारण?
बता दें कि रतन टाटा बढ़ती उम्र की कई समस्याओं से जूझ रहे थे, लेकिन फिलहाल उन्हें लो ब्लड प्रेशर अचानक से गिरने की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया था। खबरों के मुताबिक, अचानक से ब्लड प्रेशर गिरने के कारण उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल की इंटेसिव केयर यूनिट (ICU) भर्ती कराया गया था। अस्पताल में भर्ती कराने के बाद भी उनकी हालत में सुधार हुई हुआ। इसके चलते उनके शरीर के कई अंगों में काम करना बंद कर दिया था। बुजुर्गों में इस तरह की परेशानी होना सामान्य है। वहीं, डिहाइड्रेशन की वजह से भी लो ब्लड प्रेशर की परेशानी होने लगती है।
लो ब्लड प्रेशर या हाइपोटेंशन की शिकायत होने पर शरीर में कई तरह के संकेत नजर आते हैं, जिसपर ध्यान देकर आप स्थिति की जांच करा सकते हैं। आइए जानते हैं हाइपोटेंशन के कुछ लक्षण-
लो ब्लड प्रेशर या हाइपोटेंशन होने के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें बढ़ती उम्र शामिल है। इसके अलावा कई अन्य कारणों से लो ब्लड प्रेशर की शिकायत हो सकती है। आइए जानते हैं लो ब्लड प्रेशर की शिकायत के कारण-
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एम्बुलेटरी ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग - इससे ब्लड प्रेशर जांचने के लिए आपको एक पोर्टेबल डिवाइस 24 से 48 घंटे पहनना होता है। यह डिवाइस आपकी सामान्य दिनचर्या के दौरान नियमित ब्लड प्रेशर का पता लगाया जा सकता है।
इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम : यह एक टेस्ट है, जिसमें हृदय की विद्युत गतिविधि को मापा जाता है।
टिल्ट टेबल टेस्ट : इस टेस्ट के जरिए हृदय की अलग-अलग स्थितियों का पता लगाया जाता है, जैसे- हृदय गति, हृदय ताल और ब्लड प्रेशर को कैसे प्रभावित करती हैं