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Written By: Editorial Team | Published : September 4, 2018 11:09 AM IST
दूषित पानी और मिट्टी से फैलती है यह बीमारी। © Shutterstock
पिछले महीने केरल में आई जबरदस्त बाढ़ के बाद अब वहां महामारियों का प्रकोप फैल रहा है! इसमें सबसे ज्यादा खतरनाक है 'रैट फीवर'! इसे लैप्टोसपोरोसिस भी कहा जाता है। कहा जा रहा है कि अभी तक रैट फीवर से 43 लोगों की मौत हो चुकी है। रैट फीवर यानि लैप्टोसपाइरोसिस से तीन और मौतें होने के बाद रविवार को केरल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस रोग के बचाव के उपाय अपनाने शुरू कर दिए हैं. साथ ही केरल के हेल्थ सर्विस डायरेक्टोरेट (DHS) ने 1 अगस्त से 2 सितंबर के बीच 10 लोगों की मौत की ही पुष्टि की है।
'रैट फीवर' एक बैक्टीरिया से फैलने वाली बीमारी है जो दूषित मिट्टी या पानी में मौजूद बैक्टीरिया से फैलती है। रैट फीवर का बैक्टीरिया दूषित पानी में किसी पीड़ित किसी जानवर के जरिए पहुंचता है। इन 10 में से 4 मौतें शनिवार और रविवार को ही हुई हैं।
केरल में इस बीमारी की ख़बरें बाढ़ आने के साथ ही आनी शुरू हो गई थीं। केवल अगस्त में इसके 559 केस और 34 संभावित मौतों की बात कही जा रही है। हालांकि केरल के स्वास्थ्य विभाग ने अगस्त महीने में केवल 229 केस और 6 संभावित मौतों के आंकड़े की पुष्टि की है
कैसे फैलता है रैट फीवर
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि अभी केरल में जैसे हालत हैं, उसमें बारिश, बाढ़ और दूसरी तरह की आपदाओं के चलते पानी और मिट्टी के उस बैक्टीरिया से दूषित होने की बहुत आशंका है जिससे लैप्टोसपोरोसिस यानि रैट फीवर के फैलने की संभावना होती है। जंगली और घरेलू दोनों ही तरह के जानवरों का इन बैक्टीरिया को फैलाने में बहुत रोल होता है। अगर किसी इंसान की त्वचा डूबने या तैरने के दौरान इस बैक्टीरिया के संपर्क में होती है तो यह बीमारी हो जाती है। अगर त्वचा कटी या छिली है तो इसके जल्दी संपर्क में आने की संभावना होती है। इसके बैक्टीरिया उस भीगी मिट्टी, घास या पौधों में जिंदा रहते हैं जिनपर इस बैक्टीरिया से ग्रसित जानवर ने पेशाब किया होता है। कभी-कभी इसका संक्रमण बैक्टीरिया से दूषित खाना खाने, कोई दूषित चीज चुभ जाने या फिर किसी बैक्टीरिया से दूषित पेय पदार्थ पीने से भी हो सकता है।
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ये अंग होते हैं प्रभावित
इस बीमारी से किडनी, दिमाग और लीवर सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। इसका संक्रमण दिमाग में मेनिनजाइटिस जैसी जानलेवा बीमारी का भी कारण बन सकता है। वहीं लीवर प्रभावित होने के साथ ही मरीज को सांस लेने में परेशानी हो सकती है। इसके अलावा सांस की नली से जुड़े कई रोग हो सकते हैं।
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केरल सरकार की अपील
बीमारी के कहर को देखते हुए राज्य सरकार ने लोगों से अतिरिक्त सावधानी बरतने का अलर्ट जारी किया है। स्वास्थ्य मंत्री कुमारी शैलजा ने कहा कि राज्य सरकार सभी ज़रूरी और एहतियाती कदम उठा रही है। उन्होंने बाढ़ के पानी के संपर्क में आने वाले लोगों से अपील की है कि वह अतिरिक्त निगरानी रखें।
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उन्होंने कहा कि जो लोग सफाई के काम में लगे हैं उन्हें 'डॉक्सीसाइलिन' की खुराक ले लेनी चाहिए। हालांकि उन्होंने लोगों को खुद से दवा लेने से मना किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों और व सरकारी अस्पतालों में ज़रूरत से ज़्यादा दवाएं मौजूद हैं।