आवाज बैठी, खांसी बढ़ी… और सामने आया दिल से जुड़ी खतरनाक बीमारी

कई बार सामान्य सी दिखने वाली हल्की खांसी आपके लिए जानलेवा साबित हो सकती है। ठीक ऐसा ही मामला यशोदा हॉस्पिटल में आया। आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से-

WrittenBy

Written By: Kishori Mishra | Published : April 23, 2026 12:29 PM IST

अक्सर जब हमें हल्का बुखार या फिर सामान्य सर्दी जुकाम की परेशानी होती है, तो हम इसे इग्नोर कर देते हैं। कुछ लोग तो ऐसी स्थितियों में डॉक्टर के पास जाना भी सही नहीं समझते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि यह सामान्य है और अपने काम ठीक हो जाएगी। लेकिन ऐसा हर व्यक्ति के साथ नहीं होता है। कुछ मामलों में हल्की खांसी भी जानलेवा साबित हो सकती है। एक ऐसा ही मामला हैदराबाद के यशोदा हॉस्पिटल में सामने आया, जिसमें  जिसने यह साबित कर दिया कि कभी-कभी सामान्य दिखने वाले लक्षण भी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकते हैं।

महाराष्ट्र के नांदेड़ के रहने वाले 38 वर्षीय रवि जयनाथ राव चव्हाण को पिछले कुछ समय से बुखार, लगातार खांसी, खांसते समय खून आना और आवाज बैठने जैसी समस्याएं हो रही थीं। शुरुआत में ये लक्षण आम संक्रमण जैसे लगे, लेकिन जब परेशानी बढ़ती गई, तो उन्होंने डॉक्टर से संपर्क किया। हॉस्पिटल में भर्ती होने के बाद डॉक्टर्स की टीम द्वारा मरीज की जांच की गई।

जांच में चौंका देने वाली बात आई सामने

मरीज की कई तरह की जांच हुई, जिसमें एडवांस इमेजिंग तकनीक, सीटी एओर्टोग्राम से पता चला कि उनकी एओर्टा के आर्च हिस्से में एक असामान्य उभार है। इस स्थिति को एओर्टिक आर्च एनेययूस्म कहा जाता है। यह एक गंभीर और जानलेवा स्थिति होती है, क्योंकि अगर यह धमनी फट जाए तो मरीज की अचानक से जान जाने का भी खतरा रहता है।

हार्ट फंक्शन था बेहतर

हालांकि, राहत की बात यह रही कि जांच में उनका दिल सही तरीके से काम कर रहा था और उनकी हार्ट फंक्शन लगभग 65% थी। साथ ही उनकी शरीर की स्थिति भी स्थिर थी, जिससे डॉक्टरों को इलाज की योजना बनाने में मदद मिली।

TEVAR टेक्नीक से हुआ मरीज का इलाज

कार्डियोथोरेसिक एक्सपर्ट की टीम ने इस जटिल स्थिति के लिए एक आधुनिक और कम जोखिम वाला इलाज चुना। उन्होंने थोरैसिक एंडोवास्कुलर एओर्टिक रिपेयर (TEVAR) नाम की तकनीक अपनाने का निर्णय लिया। यह एक हाइब्रिड और मिनिमली इनवेसिव प्रक्रिया है, जिसमें बिना बड़ी सर्जरी के शरीर के अंदर स्टेंट डालकर कमजोर हिस्से को सुरक्षित किया जाता है, ताकि धमनी फटने का खतरा टाला जा सके।

इलाज से पहले अस्पताल में मरीज को स्थिर किया गया। उन्हें एंटीबायोटिक्स दिए गए, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित किया गया और जरूरी सपोर्टिव केयर दी गई। कुछ दिनों की देखभाल के बाद उनकी स्थिति में सुधार हुआ और उन्हें घर भेज दिया गया, साथ ही सख्त फॉलो-अप की सलाह भी दी गई।

कभी-कभी हल्की खांसी भी हो सकती है जानलेवा

इस मामले पर डॉक्टरों का कहना है कि कम उम्र में इस तरह की बीमारी कम देखने को मिलती है, लेकिन जब होती है तो बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। खासतौर पर अगर किसी व्यक्ति को बिना वजह लगातार खांसी, आवाज बैठना या खून वाली खांसी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर सही जांच से बीमारी का पता लगाना और इलाज करना संभव हो जाता है, जिससे बड़ी सर्जरी और गंभीर खतरे से बचा जा सकता है।

यह घटना एक महत्वपूर्ण सीख देती है कि शरीर के छोटे-छोटे संकेतों को भी गंभीरता से लेना चाहिए। सही समय पर डॉक्टर से सलाह लेना और जांच करवाना जीवन बचा सकता है। आधुनिक चिकित्सा तकनीकों और विशेषज्ञों की मदद से आज जटिल से जटिल बीमारियों का इलाज भी संभव है बस जरूरत है जागरूक रहने की।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.