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Written By: Atul Modi | Published : March 15, 2023 8:06 PM IST
आंखों में मांस का बढ़ना या आंख में नाखूना या टेरिजियम (Pterygium) एक गुलाबी रंग की ग्रोथ होती है जो धीरे-धीरे आंख में कॉर्निया के पास बढ़ती ही जाती है। यह नाक के पास वाली साइड में बढ़ती है और प्यूपिल की ओर बढ़ती जाती है। यह शुरू में कंजंक्टिवाइटिस में उत्पन्न होती है और कॉर्नेल लिंबस और उसके पीछे की ओर बढ़ती जाती है। यह ग्रोथ काफी धीरे-धीरे बढ़ती है और किसी एक प्वाइंट के बाद बढ़ना बंद हो जाती है। बहुत ही कम ऐसा होता है कि इसकी वजह से विजन से जुड़ी समस्या देखने को मिले। यह पूरी तरह से हानि रहित होती है लेकिन इसके कारण आपको आंख में लालपन और इरीटेशन देखने को मिल सकता है। यह ग्रोथ कई बार एक आंख में तो कई बार दोनों में भी देखने को मिल सकती है। जब यह समस्या दोनों आंखों में देखने को मिलती है तो इसे बाईलेटरल टेरीजियम (दोतरफा आंखों में मांस का बढ़ना) कहा जाता है।
टेरिजियम यूवी लाइट, धूल-मिट्टी और हवा से जुड़ी हुई स्थिति है। इसलिए यह उन लोगों में ज्यादा देखने को मिलती है जो इक्वेटर लाइन के नजदीक रहते हैं या फिर ज्यादातर धूप में बाहर रहते हैं। अगर आपके आस पास का वातावरण ज्यादा धूल भरा है या ज्यादा विंडी है तो भी आपको यह स्थिति देखने को मिल सकती है। डेमोग्राफिक्स का भी इस स्थिति में रोल देखने को मिलता है। पुरुषों को इसका खतरा महिलाओं से अधिक होता है। उम्र भी इसका एक रिस्क फैक्टर है क्योंकि वृद्ध लोगों में इसका खतरा जवानों से ज्यादा होता है।
प्रदूषण, पॉलेन, अन्य आई इरिटेंट्स भी इसके रिस्क फैक्टर है। जो लोग ज्यादा धूप में रहते हैं वह यूवी रेडिएशन के संपर्क में ज्यादा आते हैं और इसलिए उन्हें इस स्थिति का खतरा ज्यादा होता है। इसलिए इन सभी रिस्क फैक्टर्स को अवॉयड करने की कोशिश करनी चाहिए।
यह स्थिति आंख के सर्फेस पर उत्पन्न होती है और उसके बाद ही कॉर्निया में फैलती है। यह एक तरह की नॉन कैंसरस टिश्यू ग्रोथ होती है जो आंख में ज्यादा गहराई तक नहीं फैलती है।
जैसे-जैसे यह बढ़ती है तो इसका आकार त्रिकोण जैसा लगता है। यह आंख की शेप को भी बदल सकती है। इससे आंखों में काफी असहज महसूस करने को मिल सकता है। अगर यह बढ़ती रही तो इससे विजन से जुड़ी समस्या भी देखने को मिल सकती हैं। इसके लक्षणों में इन्फ्लेमेशन, आंख में खुजली और इरीटेशन होना, थोड़ा-थोड़ा आंख में दर्द होना आदि शामिल है।
दवाइयां: अगर आपको आंख में ज्यादा इरीटेशन या फिर लाल पन हो रहा है तो कुछ आंखों के ऑइंटमेंट्स का प्रयोग कर सकते हैं।
सर्जरी: अगर दवाइयों से किसी तरह की राहत नहीं मिलती है और यह बढ़ती ही जाती है तो आपके डॉक्टर सर्जरी भी सुझा सकते है।
(Inputs By: Dr. Shazia Shafi, Senior Consultant, Sharp Sight Eye Hospitals)