प्रोस्टेट कैंसर के कौन से शुरुआती संकेत हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?

प्रोस्टेट कैंसर की शुरुआत धीमी और चुपचाप होती है, लेकिन शरीर कुछ छोटे संकेत देने लगता है। रात में बार-बार पेशाब आना, मूत्र की धारा कमजोर पड़ना या मूत्राशय का पूरी तरह खाली न होना इसके प्राथमिक लक्षण हो सकते हैं।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : August 4, 2026 8:26 PM IST

सिर्फ महिलाएं ही नहीं बल्कि पुरुषों के लिए भी कुछ हेल्थ कंडीशन्स के बारे में शेयर करना मुश्किल हो जाता है और प्रोस्टेट से जुड़ी समस्याएं भी उनमें से एक है। यहां तक कि प्रोस्टेट कैंसर भी पुरुषों में होने वाली एक ऐसी हेल्थ कंडीशन है, जिसके बारे में बात करने में वे अक्सर थोड़ा झिझकते हैं और इस कारण से कई बार इसके शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर दिया जाता है। कुछ लोगों की आदत होती है कि वे स्वास्थ्य से जुड़ी शुरूआती समस्याओं को इग्नोर करते रहते हैं और बाद में स्थिति गंभीर हो जाती है और ऐसे में अगर प्रोस्टेट कैंसर जैसी जानलेवा समस्या बन सकती है। डॉ. सुशील खरबंदा सीनियर कंसल्टेंट, RG हॉस्पिटल दिल्ली ने इस बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं, जिनके बारे में हम इस लेख में जानेंगे।

प्रोस्टेट कैंसर के लक्षणों को नजरअंदाज न करें

प्रोस्टेट कैंसर शुरुआती चरण में अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के विकसित हो सकता है। इसलिए 50 वर्ष से अधिक आयु के पुरुषों तथा जिनके परिवार में प्रोस्टेट कैंसर का इतिहास रहा हो, उन्हें नियमित जांच करानी चाहिए। हालांकि, कुछ शुरुआती संकेत ऐसे हैं जिन्हें कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए जो इस प्रकार हो सकते हैं -

  • बार-बार पेशाब आना
  • रात में कई बार उठना
  • पेशाब शुरू करने या रोकने में कठिनाई
  • पेशाब का कमजोर प्रवाह
  • पेशाब या वीर्य में खून आना
  • पेशाब के दौरान जलन या दर्द
  • लगातार पीठ, कूल्हों या पेल्विस में दर्द

हालांकि, जरूरी नहीं है किये लक्षण प्रोस्टेट कैंसर से जुड़े ही हों, क्योंकि कई बार ये लक्षण किसी सामान्य सवास्थ्य समस्या के भी हो सकते हैं। लेकिन ऐसे में ध्यान रखना होगा कि अगर गलती से भी ये लक्षण प्रोस्टेट कैंसर से जुड़े हों तो जल्दी जांच की मदद सेस्थिति को गंभीर होने से पहले ही उसका ट्रीटमेंट शुरु किया जा सकता है।

डॉक्टर को कब दिखाएं

ऐसा नहीं है कि अगर आपको कोई लक्षण पहली बार दिख रहा है और ज्यादा गंभीर लक्षण नहीं है, फिर भी आप डॉक्टर के पास दौड़ पड़ो। लेकिन अगर लक्षण गंभीर हैं और बार-बार दिख रहे हैं या फिर लंबे समय से लगातार कोई लक्षण दिख रहा है तो ऐसे में डॉक्टर से बात कर लेनी चाहिए। ऐसे में जल्द से जल्द किसी अच्छे डॉक्टर को दिखाने की सलाह दी जाती है। समय पर जांच, जैसे Prostate-Specific Antigen टेस्ट और आवश्यकतानुसार अन्य परीक्षण, बीमारी की शीघ्र पहचान में मदद करते हैं। प्रारंभिक अवस्था में प्रोस्टेट कैंसर का उपचार अधिक प्रभावी होता है और रोगी के स्वस्थ जीवन की संभावना भी काफी बढ़ जाती है।

डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल प्रोस्टेट कैंसर से जुड़ी जानकारी देना है और इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।