प्रोस्टेट कैंसर के शुरुआती संकेत जिन्हें ज्यादातर पुरुष आम समझ कर इग्नोर कर देते हैं

प्रोस्टेट कैंसर की शुरुआत अक्सर बेहद शांत और मामूली लक्षणों से हो सकती है और अक्सर देखा गया है कि कई बार पुरुष इन लक्षणों को कोई आम समस्या समझ बैठते हैं। जानिए वे कौन-से शुरुआती संकेत हैं जो एक वॉर्निंग साइन हो सकते हैं।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : August 6, 2026 7:21 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Anindya Mukherjee

भारत में पुरुषों के लिए प्रोस्टेट कैंसर एक चुनौती बनता जा रहा है और स्थिति ऐसी हो गई है कि अब इस तेजी से बढ़ती समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। हर साल प्रोस्टेट कैंसर के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है और एक्सपर्ट का मानना है कि अगर समय रहते स्थिति का ध्यान न दिया जाए तो ये मामले आने वाले समय में और तेजी से बढ़ रहे हैं। हर भारतीय पुरुष के लिए अब इस स्थिति को नजरअंदाज करना सुरक्षित नहीं है और अगर ऐसा होता है तो स्थिति और ज्यादा प्रभावित हो सकती है। प्रोस्टेट कैंसर के मामलों में वृद्धि का एक मुख्य कारण यह भी है कि इसके शुरुआती मामलों को पुरुष आमतौर पर सामान्य समस्याएं समझ कर नजरअंदाज करते रहते हैं और जब तक उन्हें कुछ असामान्य महसूस होता है तब तक यह एडवांस्ड स्टेज में चला जाता है। ShardaCare - Healthcity के इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर केयर में सीनियर कंसल्टेंट (मेडिकल ऑन्कोलॉजी) डॉ. अनिंद्य मुखर्जी ने इस बारे में कई जरूरी जानकारियां दी हैं जिनके बारे में हम इस लेख में आगे जानेंगे।

प्रोस्टेट कैंसर के लक्षणों को क्यों समझ लिया जाता है आम समस्या

अक्सर देखा है कि भारतीय पुरुष छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याओं पर इतना ध्यान नहीं देते हैं। यही कारण है कि कई बार प्रोस्टेट कैंसर के शुरुआती लक्षणों को भी अक्सर सामान्य उम्र बढ़ने या यूरिन की सामान्य समस्या समझ लिया जाता है। कुछ लोग यह भी मानते हैं कि प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण बहुत जल्दी दिखने लग जाते हैं, जबकि हर व्यक्ति के केस में एक अलग-अलग स्थिति हो सकती है। असल में इस बीमारी के शुरुआती स्टेज में अक्सर कोई लक्षण नहीं दिखते।

cancer sign men cancer sign men (AI generated image)

प्रोस्टेट कैंसर के शुरुआती लक्षण

पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर के दौरान देखे जाने वाले कुछ लक्षण आमतौर पर इस प्रकार हो सकते हैं -

  • पेशाब की धार कमजोर होना
  • पेशाब शुरू करने में कठिनाई
  • रात में बार-बार पेशाब आना
  • ऐसा लगना कि ब्लैडर पूरी तरह से खाली नहीं हुआ
  • पेशाब या वीर्य के साथ खून आना
  • पीठ के निचले हिस्से, कूल्हों या पेल्विस में दर्द महसूस होना

हालांकि, जरूरी नहीं है कि ये लक्षण प्रोस्टेट कैंसर के ही हों लेकिन फिर भी अगर किसी पुरुष को कुछ समय से इस तरह के लक्षण महसूस होते हैं तो उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। जरूरी

किन लोगों को ध्यान रखना चाहिए?

वैसे तो आपको सलाह दी जाती है कि किसी भी व्यक्ति को इस तरह के लक्षणों को इग्नोर नहीं करना चाहिए, लेकिन खासतौर पर जिन पुरुषों की उम्र 50 से ज्यादा हो गई है या फिर जिनके परिवार में किसी पुरुष को पहले से प्रोस्टेट कैंसर हुआ हो तो उन्हें हर लक्षण को एक वॉर्निंग साइन की तरह लेना चाहिए और जल्द से जल्द डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

जटिलताओं को कम करने के लिए जरूरी सलाह

कैंसर के इलाज के बारे में कहा जाता है कि कैंसर जितना जल्दी मिलता है, उसका इलाज उतना ही आसान होता है और उसके सफल होने की संभावना भी उतनी ही ज्यादा होती है। वहीं अगर इलाज लेट हो जाता है, तो खुद कैंसर और उसके इलाज से मरीज को कुछ जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है। भारत में एक और चिंता की बात यह है कि कई पुरुषों को यह कैंसर तब चलता है जब कैंसर एडवांस स्टेज में पहुंच चुका होता है। ऐसी स्थिति में इलाज अधिक जटिल हो सकता है और कई बार उपचार के विकल्प भी सीमित हो जाते हैं।

डिसक्लेमर: यह याद रखना जरूरी है कि शुरुआती प्रोस्टेट कैंसर में अक्सर कोई लक्षण नहीं होते। इसलिए जोखिम वाले पुरुषों को नियमित स्वास्थ्य जांच के बारे में अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। इस लेख में दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के लिए नहीं है और और इसका उद्देश्य केवल शैक्षणिक एवं सूचनात्मक है। Thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।