Premenstrual Syndrome: क्या होता है पीएमएस? क्या है यह एक गम्भीर बीमारी, जानें PMS के लक्षण, कारण और इलाज

PMS की समस्या पीरियड्स शुरू होने से 8-10 दिनों पहले से ही महसूस होने लगती है। पीएमएस का महिलाओं की मानसिक और शारीरिक सेहत पर असर साफ दिखायी देता है। यहां पढ़ें PMS के कारण, लक्षण और उपचार के बारे में विस्तार से। (Premenstrual Syndrome)

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : February 9, 2021 10:13 PM IST

Premenstrual Syndrome : महिलाओं के जीवन के हर महीने के 5-7 दिन पीरियड्स में गुज़रते हैं। यह वह समय है जब शरीर में हार्मोंन्स का स्तर बहुत ही नाटकीय तरीके से बदलता है। महिलाएं कई प्रकार की तकलीफें झेलते हुए ये दिन बिताती हैं। पीरियड्स यानि माहवारी से जुड़ी एक ऐसी ही समस्या है पीएमएस (PMS) जिसके बारे में अब लोग खुलकर बातें करने लगे हैं।

क्या होता है पीएमएस? क्या है यह एक गम्भीर बीमारी?

प्री मेंस्ट्रुएशन सिंड्रोम (PreMenstrual Syndrome) दुनियाभर में लाखों महिलाओं को महसूस होने वाली एक समस्या है। वैसे तो यह कोई नयी समस्या नहीं है लेकिन अब लोगों ने इसे गम्भीरता से लेना शुरू किया है। पीएमएस की समस्या पीरियड्स शुरू होने से 8-10 दिनों पहले से ही महसूस होने लगती है। पीएमएस का महिलाओं की मानसिक और शारीरिक सेहत पर असर साफ दिखायी देता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार हर लड़की या महिला को पीएमएस के दौरान अलग-अलग प्रकार के लक्षण दिखायी देते हैं।

क्या है पीएमएस के कारण ? (PMS Causes):

हर माह पीएमएस के संकेत मेंस्ट्रुअल साइकल के उन्हीं दिनों में होते हैं। पीएमएस का असली कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। ऐसा माना जाता है कि ये हार्मोनल असंतुलन की वजह से होता है, परंतु इस संतुलन का सही कारण कोई नहीं जानता। आमतौर पर बच्चे का जन्म, गर्भपात जैसी स्थितियों में महिलाओ के शरीर में हार्मोन्स के स्तर में बहुत अधिक अंतर आ जाते हैं। हार्मोन्स के इस असंतुलन को पीएमएस की एक वजह माना जाता है। इसके अलावा,ये भी सकती हैं पीएमएस की वजहें-

  • डिप्रेशन या मानसिक तनाव
  • अनुवांशिक कारण
  • नशे की लत
  • पोस्टपार्टम डिप्रेशन
  • बर्थ कंट्रोल पिल्स का साइड-इफेक्ट

पीएमएस के लक्षण (Symptoms of PMS ):

आमतौर पर PMS के लक्षण बहुत गम्भीर या नुकसानदायक नहीं होते। जर्नल अमेरिकन फैमिली फिजिशियन (journal American Family Physician) की एक रिपोर्ट के अनुसार, 80 प्रतिशत महिलाओं को पीएमएस के ऐसे लक्षण महसूस होते हैं, जिससे उनकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में कोई बड़ी अड़तन नहीं आती। लेकिन, 32 प्रतिशत महिलाओं को मध्यम से गम्भीर लक्षण महसूस होते हैं। इस रिपोर्ट के अनुसार, सभी महिलाओं को अलग-अलग परेशानियां महसूस होती हैं। वहीं, कई महिलाओं को हर महीने लक्षण भी अलग-अलग महसूस होते हैं। ये समस्याएं हो सकती हैं पीएमएस के लक्षण-

  • चिड़चिड़ापन
  • चीखना-चिल्लाना
  • वॉटर रिटेंशन की वजह से चेहरा और शरीर का फूल जाना
  • ब्रेस्ट में सूजन
  • मुहांसे
  • सिर दर्द, पीठ दर्द और जोड़ों का दर्द
  • मूड उखड़ा रहना
  • सोने में तकलीफ
  • क्रेविंग्स
  • आत्महत्या के विचार आना
  • बात-बात पर झगड़ा करना

PMS का इलाज क्या है?

जब महिलाओं को मूड स्विंग या आत्महत्या के विचार बार-बार आते हैं तो ऐसी स्थिति में उन्हें अपने डॉक्टर से सम्पर्क करना चाहिए। पीएमएस के साथ डायरिया, एनिमिया, क्रोनिक फटिग सिंड्रोम और एंड्रोमेट्रिसॉसिस जैसी समस्याओं का खतरा भी उत्पन्न हो जाता है। इसीलिए, डॉक्टर से सलाह-विमर्श कर इसका समय पर इलाज कराएं। इसके साथ ही आप अपने स्तर पर ये उपाय अपना सकती हैं।  (PMS Treatment and Home Remedies)

  • पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं, इससे पेट फूलने  की समस्या कम होगी।
  • संतुलित आहार लें। मौसमी फल और सब्ज़ियों का सेवन करें।
  • चाय, सिगरेट, शक्कर, नमक कॉफी और कैफीनयुक्त ड्रिंक्स से परहेज करेँ।
  • विटामिन डी, विटामिन बी-6, फॉलिक एसिड, कैल्शियम और मैग्नेशियम का सेवन करें।
  • 8 घंटे की नींद लें
  • हल्की-फुल्की एक्सरसाइज़ेस करें, वॉक पर जाएं और स्ट्रेचिंग करें।
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