शादी से पहले ज़रूर कराएं ये 3 ब्लड टेस्ट, इन गम्भीर बीमारियों से मिलेगी सुरक्षा

यह समझना ज़रूरी है कि शादी से पहले आपको अपने होने वाले पति या पत्नी का ब्लड ग्रुप पता होना चाहिए। इसके साथ आरएच ब्लड टाइप (Rh blood type) की भी जानकारी एक-दूसरे को देना ज़रूरी है। ( Premarital Blood Tests), क्योंकि, इन ब्लड ग्रुप्स के रिज़ल्ट्स के आधार पर आपको भविष्य में एक हेल्दी ज़िंदगी जीने और एक हेल्दी फैमिली पाने में मदद हो सकती है। आइए जानते हैं कैसे-

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : September 9, 2020 8:13 AM IST

Blood Test before Marriage : शादी से पहले लोगों को की तरह से तैयारियां करनी पड़ती हैं, प्लान्स बनाने पड़ते हैं और कई प्रकार से एक-दूसरे के साथ तालमेल बिठाने की कोशिशें करते हैं। कुंडली मिलाने, कद-काठी और करियर से जुड़ी जानकारियां एक-दूसरे को दी जाती हैं। लेकिन, शायद ही ऐसा होता है कि लोग मेडिकल चेकअप्स कराते हैं या हेल्थ से जुड़ी जानकारियां जैसे पारिवारिक हिस्ट्री, अनुवांशिक बीमारियां आदि के बारे में चर्चा करते हैं। लेकिन, यह समझना ज़रूरी है कि शादी से पहले आपको अपने होने वाले पति या पत्नी का ब्लड ग्रुप पता होना चाहिए। इसके साथ आरएच ब्लड टाइप (Rh blood type) की भी जानकारी एक-दूसरे को देना ज़रूरी है। ( Premarital Blood Tests), क्योंकि, इन ब्लड ग्रुप्स के रिज़ल्ट्स के आधार पर आपको भविष्य में एक हेल्दी ज़िंदगी जीने और एक हेल्दी फैमिली पाने में मदद हो सकती है। आइए जानते हैं कैसे-

क्यों पता करना चाहिए शादी से पहले ब्लड ग्रुप? (Premarital Blood Tests Importance):

ब्लड ग्रुप (Blood Group) की जानकारी प्राप्त करना भविष्य में गर्भधारण और बच्चे के स्वस्थ जीवन के लिए ज़रूरी है। क्योंकि, माता-पिता के ब्लड ग्रुप्स के आधार पर बच्चे के लिए भविष्य में कई गम्भीर बीमारियों का ख़तरा बढ़ सकता है। तो वहीं अगर माता-पिता में से अगर दोनों का ब्लड ग्रुप केवल नेगेटिव या केवल पॉज़िटिव है तो, इस तरह की समस्याएं हो सकती हैं। (Knowing your partner's Blood Group before marriage) एक्सपर्ट्स के अनुसार अगर माता-पिता में से किसी एक का ब्लड ग्रुप निगेटिव है तो ऐसी स्थिति में डिलिवरी के दौरान बहुत अधिक ब्लड फ्लो जैसी परेशानियां हो सकती हैं। (Ways to prevents Complications during Labor)

शादी से पहले ज़रूर कराएं ये ब्लड टेस्ट

थैलेसीमिया ब्लड टेस्ट

गौरतलब है कि कुछ बीमारियां अनुवांशिक कारणों से कई पीढ़ियों को प्रभावित करती हैं। जिनमें, टाइप 1 डायबिटीज़ (Type 1 Diabetes) से लेकर थैलेसिमिया (Thalassemia) जैसी गम्भीर और लाइलाज बीमारियां भी हैं। थैलेसीमिया एक प्रकार का रक्त विकार है जिसका स्थायी इलाज अभी तक उपलब्ध नहीं है। हालांकि, बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसे तरीकों से काफी हद तक इसका इलाज करने में सफलता मिली है, जो किए एक बहुत ही खर्चीला इलाज का तरीका है।  ऐसे में, जो लोग जल्द ही शादी के बंधन में बंधने की प्लानिंग कर रहे हैं उन्हें भविष्य में माता-पिता के तौर पर एक स्वस्थ संतान के लिए शादी से पहले ब्लड टेस्ट कराने चाहिए।

ब्लड ग्रुप कम्पैटिबिलिटी टेस्ट

इस प्रकार के टेस्ट में दोनों पार्टनर्स का ब्लड आरएच ग्रुप पता लगाया जाता है। अगर, आरएच ग्रुप्स में अंतर होता है तो इससे भविष्य में गर्भधारण के समय कई दिक्कतें हो सकती हैं। (Blood Test for Couples)

एचआईवी टेस्ट

एड्स/ एचआईवी (AIDS/HIV) एक लाइलाज बीमारी के तौर पर पूरी दुनिया में चिंता का विषय बनी हुई है। ऐसे में अगर, शादी से पहले इस इंफेक्शन से संबंधित ब्लड टेस्ट करा लिया जाए तो, दोनों पार्टनर्स चिंतामुक्त होकर भविष्य से जुड़े फैसले ले सकते हैं।  कुछ देशों में शादी से पहले एचआईवी टेस्ट अनिवार्य है। वहीं, भारत में भी एड्स/एचआईवी की रोकथाम की दिशा में महाराष्ट्र (Maharashtra)  और गोवा (Goa) राज्य की सरकारे काफी समय से विवाह से पहले एचआईवी ब्लड टेस्ट अनिवार्य करने की दिशा में कार्य कर रही हैं। (Premarital Blood Tests Brides and Grooms Must get done)

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