Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
-
- हिंदी
Premanand ji Maharaj Health Update: प्रेमानंद महाराज वैसे तो हमेशा ही चर्चा का विषय रहते हैं, इंस्टा की फीड हो या इंटरनेट की खबरें उसमें प्रेमानंद जी का नाम जरूर आता है। लेकिन आजकल उनसे भी ज्यादा उनका स्वास्थ्य चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रेमानंद महाराज काफी समय से बीमार चल रहे हैं, जिसके चलते उनकी हर दिन निकलने वाली तीर्थयात्रा को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया है। हर कोई उनके ठीक होने की प्रार्थना कर रहा है और चाहता है कि प्रेमानंद महाराज फिर से अपनी बातों से लोगों का मन मोह लें। हालांकि, लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि प्रेमानंद महाराज किस बीमारी से पीड़ित है और क्या यह खतरनाक है? अगर आपके मन में प्रश्न है तो इस बारे में इस लेख में हम जानेंगे।
जानकारी के मुताबिक प्रेमानंद महाराज को पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज (PKD) नामक बीमारी है, जो कि जेनेटिक होती है। इस कारण से उनकी दोनों ही किडनी फेल होने की स्थिति में आ चुकी हैं। इस रोग में किडनियों के अंदर सिस्ट (द्रव से भरी थैलियां) बनने लगती हैं, जो धीरे-धीरे बढ़ती जाती हैं और किडनी के फिल्टर करने की क्षमता को कम कर देती हैं। समय के साथ-साथ ये सिस्ट बड़ी होती रहती हैं, जिससे किडनी की संरचना प्रभावित होती है और एक समय के बाद किडनी काम करना ही बंद कर देती है।
(और पढ़ें - किडनी खराब होने के लक्षण)
रिपोर्ट्स के अनुसार, महाराज की दोनों किडनियां पूरी तरह असमर्थ हो चुकी हैं और उन्हें डायलिसिस पर निर्भर रहना पड़ता है। पहले उन्हें सप्ताह में पांच दिन डायलिसिस करना पड़ता था, लेकिन अब उनकी स्थिति में गंभीरता बढ़ी है और डायलिसिस की फ्रीक्वेंसी बढ़ गई है यानी डायलिसिस की जरूरत अब ज्यादा बार पड़ने लगी है। आप प्रेमानंद महाराज के पास ट्रांसप्लांट का ही विकल्प बचा है। हालांकि प्रेमानंद महाराज ने कहा है कि वे “इस शरीर को त्यागना चाहते हैं और किसी और का दिया हुआ अंग लेना नहीं चाहते”
(और पढ़ें - किडनी रोग क्यों होता है)
किडनी की यह बीमारी जेनेटिक होती है और धीरे-धीरे बढ़ती है। अगर समय रहते इसका उचित इलाज किया जाए और अन्य देखभाल की जाए तो इसके बढ़ने की गति और धीमी पड़ जाती है। वहीं अगर इलाज व देखभाल समय रहते न किया जाए तो इससे समस्या और तेजी से बढ़ने लगती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि जब किडनी पूरी तरह काम करना बंद कर देती है, तो शरीर में विषैले पदार्थ जमा हो जाते हैं। डायलिसिस इस कारक को नियंत्रित करने में मदद करता है, लेकिन यह केवल एक सहायता उपाय है, यह बीमारी को पूरी तरह ठीक नहीं करता।
वहीं यदि मरीज को अन्य स्वास्थ्य समस्याएं जैसे, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, संक्रमण आदि है, तो जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे मामलों में मृत्यु की संभावना बढ़ सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि डॉक्टरों ने कुछ समय पहले महाराज को उनकी स्थिति के आधार पर केवल 2 से 2.5 वर्ष का जीवन‑काल बताया था। लेकिन उसके बाद भी उनका स्वास्थ्य स्थिर है। हालांकि, अभी भी उन्हें स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां हो रही हैं, लेकिन उनके स्वास्थ्य को स्थिर बताया जा है।
पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज पूरी तरह ठीक नहीं होती, लेकिन समय रहते इलाज से इसकी गति को धीमा किया जा सकता है। दवाइयाँ, डायलिसिस, सही खानपान और नियमित जांच से मरीज की हालत संभाली जा सकती है। अगर किडनी के साथ अन्य अंग भी खराब होने लगें, तो जान का खतरा बढ़ जाता है। फिर भी प्रेमानंद महाराज जैसे लोग यह साबित करते हैं कि मजबूत मनोबल, सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक विश्वास से इस गंभीर बीमारी का सामना भी लंबे समय तक किया जा सकता है।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।