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Written By: Anshumala | Published : July 18, 2018 6:37 PM IST
It is not difficult to delay or prevent diabetes ©Shutterstock
डायबिटीज भारत में बहुत तेजी से बढ़ रही है। कई बार कुछ लोगों को इस बीमारी का तब पता चलता है, जब इससे शरीर के कुछ भागों (आंखों, किडनी, हार्ट) को नुकसान पहुंचने लगता है। शुरुआत में ही इसके लक्षणों को पहचान लिया जाए, तो इसे काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। डायबिटीज का किडनी पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। किडनी खराब होने से जान पर बन आती है। ऐसे में प्रीडायबिटीज के लक्षणों के बारे में जान लेना आपके लिए जरूरी है। प्रीडायबिटीज तब होता है, जब आपका ब्लड ग्लूकोज लेवल जितना होना चाहिए उससे अधिक हो, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आपको डायबिटीज है। प्रीडायबिटीज डायबिटीज का प्री-डायग्नोसिस है। मधुमेह तब होता है, जब आपके शरीर में रक्त शर्करा और इंसुलिन के स्तर की मात्रा अधिक होती है। यदि आपको अपने शरीर में इस तरह के लक्षण नजर आ रहे हैं, तो आप शुगर टेस्ट जरूर करवा लें।
थकान महसूस होना
सारा दिन काम करके आपको थकान महसूस हो, तो कोई परेशानी की बात नहीं, लेकिन जब आप काम के दौरान या दिन भर थका-थका महसूस करते हैं, तो ये प्रीडायबिटीज के लक्षण हो सकते हैं। ऐसा शुगर के कारण हो सकता है। हो सकता है शुगर आपके ब्लडस्ट्रीम में हो, लेकिन कोशिकाओं में नहीं जा रही हो, जहां इसे जाना चाहिए और ऊर्जा को सही तरीके से शरीर में पुहंचाना चाहिए।
सारा दिन आलसी बने रहते हैं, कम काम करने के बाद ही थकावट महसूस करने लगते हैं या फिर पूरी रात सोने के बाद भी आपको थकान महसूस होती है, तो अपना शुगर टेस्ट जरूर करवा लें।
बालों का अधिक गिरना
तनाव, दवाओं का सेवन और जेनेटिक्स जैसे कारकों के साथ ही बाल कई अन्य कारणों से भी झड़ते हैं। इसमें इंसुलिन प्रतिरोध उनमें से एक है। इंसुलिन प्रतिरोध प्रीडायबिटीज और टाइप 2 मधुमेह का संकेत है। यदि आपके बाल हद से ज्यादा गिर रहे हैं, तो आपको अपने रक्त शर्करा के स्तर की जांच कराने की आवश्यकता है। रक्त शर्करा का स्तर इंसुलिन प्रतिरोध के कारण बढ़ता है, जिसका मतलब ये है कि शुगर कोशिकाओं में ठीक से स्थानांतरित नहीं हो पा रहा है।
त्वचा पर खुजली या लाल रैशेज
अध्ययनों के अनुसार, लाल, भूरे या पीले रंग की त्वचा पर कोई पैच, रैशेज नजर आएं, जिसे नेक्रोबायोसिस लिपिडिक कहा जाता है, तो ये प्रीडायबिटीज के लक्षण हो सकते हैं। त्वचा पर जब अधिक डार्क पैचेज हों या फिर वेलवेटी पैच हों, तो इस तरफ इशारा करता है कि आपके रक्त में बहुत अधिक इंसुलिन है। ऐसे में डॉक्टर से जरूर संपर्क करें।
प्यास नहीं फिर भी पीते हों पानी
यह सच है कि जब ब्लड ग्लूकोज अधिक होता है, तो तरल पदार्थ की अधिक जरूरत पड़ती है, लेकिन जब आप अत्यधिक पानी पीते हैं, तो यह हानिकारक हो सकता है। प्री़डायबिटीज के महत्वपूर्ण लक्षणों में से एक यह है कि आप सिर्फ अपनी प्यास बुझाने के लिए ही पानी नहीं पीते बल्कि तब भी पीते हैं, जब आपका पेट भरा हुआ हो या आपको प्यास न लगी हो। पीने का पानी उच्च रक्त शर्करा के प्रभाव को कम करने के लिए एक स्वस्थ समाधान है, लेकिन पानी अधिक पीना भी अच्छी बात नहीं होती है।
बार-बार बाथरूम जाना
जब शरीर में ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है, तो बार-बार पेशाब आने लगता है। शरीर में इकट्ठा हुआ शुगर पेशाब के जरिए शरीर से बाहर आने लगता है। खासकर, जब आप अधिक पानी पीते हैं, तो आपको बार-बार पेशाब करने जाना पड़ता है। आप इसे नजरअंदाज करते हैं, क्योंकि आपको लगता है कि ऐसा अधिक पानी पीने से हो रहा है। लेकिन आपको अपने लू जाने पर नजर रखनी होगी, क्योंकि जब आप बार-बार पेशाब करते हैं, तो आपका शरीर उससे ज्यादा पानी खो देता है, जितना की आप पीते हैं। रंग, गंध और अपनी यूरिनेटरी साइकिल पर नजर रखें। यदि आपको लगता है कि यह अप्राकृतिक है, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
चित्रस्रोत: Shutterstock.