
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : March 2, 2023 4:12 PM IST
डायबिटीज के मामले हमारे देश में तेजी से बढ़ रहे हैं। दरअसल, यह बीमारी हमारी लाइफस्टाइल से जुड़ी है और आजकल खराब हो रही लाइफस्टाइल के कारण स्वस्थ लोगों के बीच भी इसके मामले तेजी से बढ़ते हुए दिख रहे हैं। लेकिन बहुत ही कम लोग जानते हैं कि कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनमें अन्य की तुलना में डायबिटीज होने का खतरा बहुत ज्यादा होता है। मेडिकल भाषा में इन लोगों को प्रीडायबिटिक या बॉर्डरलाइन डायबिटीज कहा जाता है। इन लोगों को अपनी सेहत का खास ध्यान रखने की जरूरत होती है और न करने पर उन्हें डायबिटीज हो सकता है। प्रीडायबिटिक को समय-समय पर डॉक्टर की सलाह की जरूरत होती है। वैशाली के मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में एंडोक्राइनोलॉजी व डायबिटीज की स्पेशलिस्ट और कंसल्टेंट ऐश्वर्या कृष्णमूर्ति ने प्रीडायबिटिक यानी बॉर्डरलाइन डायबिटीज के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। डॉक्टर ऐश्वर्या के अनुसार प्रीडायबिटीज या बॉर्डरलाइन डायबिटीज मेलिटस का मतलब है कि आपके ब्लड में शुगर लेवल बढ़ गया है लेकिन इतना भी नहीं बढ़ा है कि डायबिटीज विकसित हो सके।
डॉक्टर ऐश्वर्या के अनुसार इस प्रीडायबिटीज एक गंभीर स्थिति है, जो संकेत देती है कि आपको भविष्य में डायबिटीज होने का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ गया है। प्रीडायबिटीज बीमारी की सबसे खतरनाक बात यह है कि कई बार इससे किसी प्रकार के लक्षण नहीं हो पाते हैं और ग्रसित व्यक्ति को तब तक पता नहीं चल पाता जब तक वह किसी अन्य कारण से टेस्ट नहीं करवा लेता। आईसीएमआर की एक रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 10 प्रतिशत लोगों को प्री-डायबिटीज की समस्या है।
डॉक्टर ऐश्वर्या कृष्णमूर्ति द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार प्रीडायबिटीज को सिर्फ इसलिए खतरनाक नहीं माना जाता है क्योंकि इससे डायबिटीज विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है, बल्कि प्रीडायबिटिक लोगों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी जानलेवा स्वास्थ्य समस्याएं होने का खतरा भी बढ़ जाता है। डॉक्टर ऐश्वर्या के अनुसार जिन लोगों के शरीर का वजन जरूरत से ज्यादा बढ़ गया है या फिर जो लोग पूरी तरह से मोटापे के शिकार हैं, उन्हें प्री-डायबिटीज की समस्या जल्दी हो सकती है। इसके अलावा जिन लोगों के शरीर में पहले किसी को डायबिटीज है या फिर जिन लोगों का लाइफस्टाइल खराब है, उन्हें भी प्रीडायबिटीज होने के खतरा ज्यादा रहता है।
डॉक्टर ऐश्वर्या ने आगे बताया कि सबसे अच्छी बात यह है कि प्रीडायिटीज की रोकथाम करना संभव है और डायबिटीज विकसित होने से भी इसकी रोकथाम की जा सकती है। दवाओं को कुछ सामान्य सावधानियों का पालन करके प्रीडायबिटीज की रोकथाम की जा सकती है। ये सावधानियां इस प्रकार हैं -
डॉक्टर ऐश्वर्या कृष्णमूर्ति के अनुसार प्रीडायबिटीज को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए, सही इलाज और सावधानियों की मदद से इसकी पूरी तरह से रोकथाम और जड़ से इलाज किया जा सकता है।