
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : September 17, 2018 1:26 PM IST
आयुर्वेद की मदद से आप डायबिटीज़ के मरीज़ बनने से खुद को बचा सकते हैं। © Shutterstock
डायबिटीज़ हाई ब्लड शुगर लेवल के बाद दिखने वाला परिणाम है और हम में से ज़्यादातर लोगों को इस समस्या के बारे में जानकारी है। लेकिन डायबिटीज़ से पहले के स्टेज़ेस के बारे में क्या आपको सही जानकारी है, डायबिटीज़ से पहले का स्तर यानि प्री-डायबिटिक क्या है और इसे डायबिटीज़ में बदलने से रोकने के लिए क्या करना चाहिए, यही सब हम बता रहे हैं इस आर्टिकल में। श्री श्री आयुर्वेदा, आर्ट ऑफ लिविंग की फाउंडर-डायरेक्टर निशा मनिकंटन ने बतायीं कुछ बातें जो प्री-डायबिटिक स्तर के लोगों के लिए जानना आवश्यक है।
डायबिटीज़ को नियंत्रित करने के लिए जो बात सबसे ज़रूरी है वह यही है कि आप इस बात को समझ सकें कि आपको कब और क्या खाना चाहिए। आयुर्वेद में हमें ‘द्विकाल भोजनम’ की सलाह दी जाती है, जिसका मतलब है कि हमें दिन में दो बार खाना खाना चाहिए। जबकि प्री-डायबिटीक स्टेज पर ज़्यादा से ज़्यादा तीन बार खाना खाना चाहिए। जब आप एक दिन में कई बार खाना खाते हैं तो आपका शरीर बहुत अधिक इंसुलिन उत्पन्न करता है और आपका शरीर इंसुलिन की इतनी बड़ी मात्रा को खपा नहीं पाता। इस स्थिति को इंसुलिन रेजिस्टेंस कहते हैं। खाने-पीने से जुड़े नियमों का पालन ना करना भी डायबिटीज़ मेलिटस की समस्या का कारण बनता है।
आपके रक्त में ग्लूकोज़ के स्तर को बढ़ने से रोकने के लिए आप इन आयुर्वेदिक टिप्स की मदद ले सकते हैं-