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Written By: Atul Modi | Published : February 9, 2024 4:35 PM IST
आपने कभी महसूस किया है कि जब आपका पेट खराब होता है तो आप चिड़चिड़े हो जाते हैं, आपको कुछ भी अच्छा नहीं लगता। यह सिर्फ तबीयत खराब होने की बात नहीं है, बल्कि इसके पीछे साइंस छिपी है। आंतों और तनाव का गहरा रिश्ता है। क्या है आंतों और तनाव के बीच का यह रिश्ता, चलिए यह जान लेते हैं।
बड़े-बुजुर्ग अक्सर कहते हैं सारी बीमारियां पेट से जुड़ी हैं। साइंस भी इस बात को मानती है। स्वस्थ आंतों में सेहतमंद शरीर का राज छिपा है। इतना ही नहीं आपकी आंतों की सेहत बिगड़ने से आपका मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है। यह आपके तनाव को ट्रिगर करने का काम करता है। आंतों और तनाव के हार्मोन कोर्टिसोल का गहरा संबंध है। जैसे ही आपकी आंतें बीमार होती हैं, ये शरीर में कोर्टिसोल का बैलेंस खराब कर देती हैं, जिसके कारण आप तनाव महसूस करने लगते हैं।
आंते हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है। इसे सेहतमंद रखने के लिए एक पूरा सिस्टम काम करता है, जो एक दूसरे से जुड़ा होता है। आंतों में कई प्रकार के माइक्रोबायोम होते हैं। ये माइक्रोबायोम आंतों को सेहतमंद रखते हैं। खराब आहार, संक्रमण आदि के कारण आंतों में मौजूद माइक्रोबायोम का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे आंतों की परतों को नुकसान होता है। यह परत अत्यधिक महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि यही हानिकारक पदार्थों को ब्लड में मिलने से रोकती है। जब ये हानिकारक पदार्थ ब्लड में मिल जाते हैं तो सूजन शुरू होती है। यह सूजन मस्तिष्क को संकेत पहुंचाती है, जिससे तनाव का हार्मोन कोर्टिसोल का स्राव बढ़ जाता है। कोर्टिसोल आपके तनाव को बढ़ा देता है।
आपकी आंतें आपके शरीर के न्यूरोट्रांसमीटर का उत्पादन करती हैं, जो आपके मूड और भावनाओं को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि आपकी आंतों का स्वास्थ्य खराब है तो यह न्यूरोट्रांसमीटर के असंतुलन का कारण बन सकता है, जिससे तनाव और चिंता बढ़ जाती है।
अगर आपकी आंतें ठीक से काम नहीं कर रही हैं तो वे आपके शरीर को आवश्यक पोषक तत्वों को अवशोषित नहीं करने देती हैं। ऐसे में शरीर को वो आवश्यक तत्व भी नहीं मिलते जो आपके तनाव को कम करते हैं। ऐसे में आपकी एंग्जायटी ट्रिगर होती है।
आपके शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ाने और बनाए रखने में आपकी आंतें महत्वपूर्ण रोल निभाती हैं। जब आंतें कमजोर होती हैं तो ये आपकी सेहत को भी कमजोर कर देती है। खराब इम्यूनिटी भी आपके तनाव के स्तर को बढ़ाती है।