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Written By: Jitendra Gupta | Updated : November 11, 2022 10:43 AM IST
बच्चों के शरीर में दिखाई देने वाले ये 8 बदलाव हैं निमोनिया का संकेत! जानें किस उम्र में सबसे ज्यादा होता है निमोनिया
pneumonia in kids : बच्चों में निमोनिया (pneumonia in kids) होने की संभावना सर्दी के मौसम में ज्यादा रहती है। यह एक प्रकार का फेफड़ों में होने वाला संक्रमण है जो ज़्यादातर वायरस , बैक्टीरियल एवं फंगस के कारण होता है। मेदांता हॉस्पिटल, लखनऊ के पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर में सीनियर कंसलटेंट डॉ. अनिल गुप्ता का कहना है कि जब किसी बच्चे के शरीर में निमोनिया ग्रस्त कीटाणु प्रवेश करते हैं तब उनके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता उन कीटाणुओं से नहीं लड़ पाती है तब बच्चों में निमोनिया (Why pneumonia in kids) हो जाता है। इसलिए सर्दी के मौसम में बच्चों की सेहत का खास ख्याल रखना चाहिए। हालांकि निमोनिया होने पर उचित इलाज के बाद बच्चा 10 से 12 दिनों में ठीक हो जाता है। आइए विश्व निमोनिया दिवस 2022 (World Pneumonia Day 2022) के मौके पर जानते हैं कि इस बदलते मौसम में बच्चों को किस तरह निमोनिया से बचाया जा सके।
बच्चों में निमोनिया होने पर दिखाई देने वाले लक्षणों में शामिल हैं
1-उन्हें बहुत खांसी होना
2-बच्चों को सांस लेने में तकलीफ होती है
3- इसके साथ ही उन्हें तेज बुखार भी आता है।
4-कुछ बच्चे निमोनिया से पीड़ित होने पर तेजी से सांस लेने का अनुभव करते हैं।
5-इसके अलावा अत्यधिक थकान रहना
6-भूख में कमी
7- पसीना और ठंड लगना
8- उल्टी और दस्त जैसे लक्षण भी होते हैं।
डॉ. अनिल गुप्ता का कहना है कि यह फेफड़ों का संक्रमणहै इसलिए इसके आम लक्षण फेफड़ों से ही संबंधित होते हैं इसीलिए उन्हें खांसी व सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखाई पड़ते हैं।
2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में निमोनिया होने का खतरा ज्यादा रहता है इसलिए इन्हें सर्दी के मौसम में बहुत ही सावधानीपूर्वक रखना चाहिए जिससे उन्हें निमोनिया से बचाया जा सके।
बच्चों में निमोनिया होने पर उन्हें तुरंत ही नजदीकी बच्चों के डॉक्टर से दिखाना चाहिए, उन्हें स्वयं खांसी की दवा ना दें। बच्चों को एंटीबायोटिक या अन्य प्रकार की कोई भी दवा डॉक्टर की सलाह पर ही दें, हालांकि बच्चों में होने वाले बैक्टीरियल निमोनिया के इलाज में एंटीबायोटिक की जरूरत होती है जबकि वायरल निमोनिया बिना किसी इलाज के कुछ दिनों के अंदर ही ठीक हो जाता है। इसलिए बच्चों में यदि निमोनिया के लक्षण दिख रहे हैं तो तुरंत नजदीकी बच्चों के डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
बच्चों को निमोनिया से बचाने के लिए न्यूमोकोकल कॉन्जुगेट वैक्सीन (पीसीवी) का टीका लगाना बहुत आवश्यक है। भारत में निमोनिया पर नियंत्रण पाने के लिए सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर पीसीवी का टीका निशुल्क उपलब्ध है।