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Piles In Females: पाइल्स यानी बवासीर एक गंभीर समस्या है, जो आमतौर पर खराब जीवनशैली और खराब खानपान के कारण होती है। जिन लोगों को कब्ज की शिकायत रहती है, उनमें यह बीमारी ज्यादा देखने को मिलती है। इस बीमारी में गुदा के अंदर और बाहरी हिस्से में सूजन आ जाती है, जिसकी वजह से मल त्यागने में काफी परेशानी होती है। इसके अलावा मलद्वार में जलन, खुजली और चुभन भी महसूस होती है। कई बार मल त्याग के दौरान ब्लीडिंग भी होने लगती है। पाइल्स की समस्या केवल पुरुषों में ही नहीं, बल्कि महिलाओं को भी हो सकती है। अधिकांश महिलाएं अपने जीवन में कभी न कभी इस समस्या का सामना करती हैं। महिलाओं में बवासीर के लिए कब्ज के अलावा कई अन्य कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं। जिसमें लंबे समय तक एक जगह पर बैठे रहना, मोटापा और प्रेगनेंसी शामिल हैं। आइए, इस लेख में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ प्रोमिला जोशी से जानते हैं कि महिलाओं में बवासीर के कारण क्या है (Piles In Women Causes) और इससे बचाव कैसे करें?
आहार में फाइबर की कमी के कारण महिलाओं में बवासीर की समस्या हो सकती है। अगर आप कम मात्रा में फाइबर का सेवन करती हैं, जो आपको कब्ज की शिकायत हो सकती है। इसके कारण बवासीर होने का खतरा बढ़ जाता है। इससे बचने के लिए अपनी डाइट में साबुत अनाज, सब्जियां, फल और बीन्स को शामिल करें।
अक्सर कई महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान बवासीर की समस्या का सामना करना पड़ता है। दरअसल, गर्भावस्था के दौरान ब्लैडर पर अधिक दवाब पड़ने के कारण गुदा के आसपास सूजन हो सकती है। इसके अलावा, प्रेग्नेंसी में हार्मोनल बदलाव के कारण भी पाइल्स की शिकायत हो सकती है।
भारी वजन उठाने के कारण भी महिलाओं को बवासीर होने का खतरा रहता है। दरअसल, भारी वजन उठाने से मलाशय पर अधिक दबाव पड़ता है। इसके कारण गुदा के आसपास सूजन जाती है और बवासीर की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
कब्ज के कारण मल त्यागते समय बहुत जोर लगाना पड़ता है। इसके कारण गुदा के बाहरी और अंदरूनी हिस्सों में सूजन आ सकती है, जिससे बवासीर की समस्या हो सकती है।
Disclaimer: हमारे लेखों में साझा की गई जानकारी केवल इंफॉर्मेशनल उद्देश्यों से शेयर की जा रही है इन्हें डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या विशिष्ट हेल्थ कंडीशन के लिए स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य होना चाहिए। डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही इलाज की प्रक्रिया शुरु की जानी चाहिए।