Pfizer & AstraZeneca Vaccine Antibodies: फाइज़र-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन लगने के 3 महीने बाद दिखी एंटीबॉडीज में 50 फीसदी तक गिरावट, लैंसेट की नयी स्टडी में खुलासा

एक नयी स्टडी के अनुसार, एंटीबॉडीज के स्तर में यह गिरावट 10 सप्ताह में 50 फीसदी से भी अधिक देखी गयी। जिसके बाद कोविड-19 वैक्सीन की बूस्टर डोज़ की ज़रूरत भी बढ़ने लगी।( Pfizer & AstraZeneca Vaccine Antibodies in Hindi)

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : July 27, 2021 9:45 PM IST

Pfizer & AstraZeneca Vaccine Antibodies: कोविड वैक्सीन्स की 2 खुराकों के बीच जहां कुछ महीनों तक के अंतर को अब तक सुरक्षित माना जा रहा था। वहीं, फाइजर और एस्ट्राजेनेका वैक्सीन लगने के बाद बननेवाली कुल एंटीबॉडीज का स्तर 6 सप्ताह बाद से ही घटने लगती है। एक नयी स्टडी के अनुसार, एंटीबॉडीज के स्तर में यह गिरावट 10 सप्ताह में 50 फीसदी से भी अधिक देखी गयी। जिसके बाद कोविड-19 वैक्सीन की बूस्टर डोज़ की ज़रूरत भी बढ़ने लगी।( Pfizer & AstraZeneca Vaccine Antibodies in Hindi)

2 खुराक लेने के बाद भी एंटीबॉडीज़ का स्तर गिरा

यूनिवर्सिटी कॉलेज, लंदन के रिसर्चर्स की एक टीम ने इस स्टडी का के दौरान विभिन्न पहलुओं और मानदंडों पर वैक्सीन के प्रभाव की जांच की गयी। स्टडी के दौरान पाया गया कि  वैक्सीन लेने वाले व्यक्ति की उम्र, उनकी पुरानी बीमारियों और जेंडर आदि वर्गों को आधार ना बनाया जाए तो भी वैक्सीन की खुराक का असर हर कैटेगरी के लोगो में समान स्तर का पाया गया। (Pfizer & AstraZeneca Vaccine Antibodies)  दि लैंसेट (Lancet study) में प्रकाशित रिसर्च पेपर में  लिखा गया कि,

  • स्टडी 600 से अधिक लोगों का डेटा शामिल किया गया और पाया गया कि एस्ट्राजेनेका जैब की 2 खुराकें लेने वालों की तुलना में फाइजर वैक्सीन की 2 खुराकें लेने वालों में एंटीबॉडी का स्तर काफी अधिक है।
  • वे पहले सार्स-कोवि-2 संक्रमण वाले लोगों में भी बहुत अधिक हैं।
  • फाइजर के लिए एंटीबॉडी का स्तर 21-41 दिनों में 7506 यू/एमएल के औसत से घटकर 70 या अधिक दिनों में 3320 यू/एमएल हो गया।
  • एस्ट्राजेनेका के लिए, एंटीबॉडी का स्तर 1201 यू/एमएल के औसत से 0-20 दिनों में घटकर 190 यू/एमएल (67-644) 70 या अधिक दिनों में हो गया।

एंटीबॉडीज़ स्तर में गिरावट चिंताजनक

यूसीएल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के मैडी श्रोत्री ने कहा, एस्ट्राजेनेका या फाइजर वैक्सीन की दोनों खुराक के बाद एंटीबॉडी का स्तर शुरू में बहुत अधिक था, जो कि गंभीर कोविड -19 के खिलाफ इतने सुरक्षात्मक क्यों हैं, इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा होने की संभावना है। उन्होने कहा, हालांकि, हमने पाया कि इन स्तरों में दो से तीन महीनों के दौरान काफी गिरावट आई है। यदि वे इस दर पर गिरते रहते हैं, तो हम चिंतित हैं कि टीकों के सुरक्षात्मक प्रभाव भी कम हो सकते हैं, खासकर नए रूपों के खिलाफ; लेकिन हम अभी यह अनुमान नहीं लगा सकते कि यह कितनी जल्दी हो सकता है।

यूसीएल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ इंफॉर्मेटिक्स के प्रोफेसर रॉब एल्ड्रिज ने कहा,इसके अलावा, जिन लोगों को एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के साथ टीका लगाया गया था, जिनमें अधिकांश देखभाल करने वाले घर के निवासी शामिल हैं, उनमें फाइजर वैक्सीन के साथ टीकाकरण करने वालों की तुलना में बहुत कम एंटीबॉडी स्तर होने की संभावना है। इसलिए इस पर भी विचार करने की आवश्यकता हो सकती है कि कब प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

इस प्रकार, शोधकतार्ओं ने नोट किया है कि अतिरिक्त शोध यह स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण है कि क्या गंभीर बीमारी से सुरक्षा के लिए आवश्यक एंटीबॉडी स्तर की सीमा है।

(आईएएनएस)

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