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कमर और कूल्हों में लगातार दर्द? प्रोस्टेट कैंसर का हो सकता है संकेत

50 साल से ज्यादा उम्र के पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर खतरा ज्यादा रहता है। लेकिन, अगर समय पर जांच और निदान किया जाए तो इस बीमारी का इलाज संभव है। हालांकि, इसके शुरुआती लक्षणों की पहचान करना मुश्किल हो सकता है।

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Written By: Anju Rawat | Published : June 26, 2026 12:54 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Srikanth Munna

क्या आप एक पुरुष हैं और लंबे समय से कमर के निचले हिस्से में दर्द से परेशान हैं? क्या आपको कूल्हों और ग्रोइन (जांघ और पेट के बीच का हिस्सा) में लगातार दर्द या असहजता महसूस होती है? हम ऐसा इसलिए पूछ रहे हैं, क्योंकि ये प्रोस्टेट कैंसर के संकेत हो सकते हैं।  हालांकि, ये लक्षण आमतौर पर फैल चुके प्रोस्टेट कैंसर में अधिक देखे जाते हैं, जबकि शुरुआती प्रोस्टेट कैंसर अक्सर बिना लक्षण के भी हो सकता है या सामान्य लक्षण दिख सकते हैं। American Cancer society के अनुसार प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों में होने वाली एक गंभीर बीमारी है और 50 साल की उम्र के बाद इस कैंसर के होने की संभावना तेजी से बढ़ सकती है। रिसर्च में बताया गया है कि लगभग 10 में से 6 प्रोस्टेट कैंसर 65 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुषों में पाए जाते हैं। वहीं, 40 वर्ष से कम उम्र के पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर के मामले बेहद कम देखने को मिलते हैं।

KIMS हॉस्पिटल, हैदराबाद के कंसल्टेंट यूरोलॉजिस्ट और एंड्रोलॉजिस्ट डॉ. श्रीकांत मुन्ना बताते हैं कि प्रोस्टेट एक अखरोट के आकार की ग्रंथि होती है, जो मूत्राशय के नीचे और मलाशय के सामने स्थित होती है। जब प्रोस्टेट स्वस्थ होता है, तो पेशाब और प्रजनन संबंधी कार्य सामान्य रूप से चलते हैं। लेकिन, जब इस ग्रंथि में असामान्य रूप से कोशिकाएं बढ़ने लगती हैं तो यह कैंसर का रूप ले सकता है। इसकी वजह से पेल्विक एरिया में दर्द हो सकता है। प्रोस्टेट कैंसर की वजह से प्रोस्टेट में सूजन, यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन और पेशाब से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं।

प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण क्या हैं?

डॉ. श्रीकांत मुन्ना के अनुसार, प्रोस्टेट कैंसर होने पर शुरुआत में इन लक्षणों का अनुभव हो सकता है-

  • रात में बार-बार पेशाब आना
  • पेशाब रोकने में कठिनाई होना
  • पेशाब का प्रवाह कमजोर होना
  • पेशाब या वीर्य में खून आना
  • इरेक्टाइल डिसफंक्शन होना
  • बिना वजह वजन कम होना

ये प्रोस्टेट कैंसर के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। हालांकि, हर बार ये प्रोस्टेट कैंसर के संकेत नहीं होते हैं। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। अगर इस तरह का कोई लक्षण दिखे तो बिना देरी के डॉक्टर के पास जाएं और स्क्रीनिंग जरूर कराएं।

प्रोस्टेट कैंसर के गंभीर लक्षण

जब प्रोस्टेट कैंसर आसपास के ऊतकों और अंगों तक फैल चुका होता है, तो ये लक्षण महसूस हो सकते हैं-

शुरुआती जांच क्यों है जरूरी?

डॉ. श्रीकांत मुन्ना बताते हैं कि प्रोस्टेट कैंसर धीरे-धीरे विकसित होता है। इसके लक्षण भी धीरे-धीरे महूसस होते हैं। इसलिए अगर शुरुआती चरण में इसकी जांच करवा ली जाए, तो कैंसर को गंभीर होने से बचाया जा सकता है। 50 वर्ष से ज्यादा उम्र के पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर आम माना जाता है। वहीं, जिन लोगों के परिवार में इस बीमारी का इतिहास रहा है, उनमें कम उम्र में भी इसका खतरा बढ़ सकता है।

प्रोस्टेट कैंसर के लिए कौन-सी जांच की जाती है?

जब किसी पुरुष में प्रोस्टेट कैंसर जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो डॉक्टर इन टेस्ट को करवाने की सलाह दे सकते हैं। इनमें शामिल हैं-

  • प्रोस्टेट-स्पेसिफिक एंटीजन (PSA) ब्लड टेस्ट
  • MRI इमेजिंग
  • बायोप्सी

Disclaimer: पेल्विक एरिया, कमर दर्द या कूल्हों के दर्द को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ये संकेत प्रोस्टेट कैंसर हो सकते हैं। हालांकि, हर मामला प्रोस्टेट कैंसर से जुड़ा नहीं होता है। इसलिए समय पर जांच कराना बहुत जरूरी है। अगर प्रोस्टेट कैंसर का समय पर जांच और निदान हो तो इसका इलाज संभव है।