पैरों में दिखने वाले ये 5 लक्षण कहीं Bad Cholesterol का संकेत तो नहीं, कभी भी बढ़ सकता है हार्ट अटैक का खतरा

Pero me Bad Cholesterol ke Lakshan: शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना कई हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। पैरों में व उनके आसपास दिखने वाले कुछ संकेत भी बढ़ते बैड कोलेस्ट्रॉल का संकेत हो सकते हैं।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : June 26, 2025 7:43 AM IST

Bad Cholesterol Symptoms in Feet: आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, फास्ट फूड का अत्यधिक सेवन, शारीरिक गतिविधियों की कमी और असंतुलित खानपान के कारण शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) का स्तर तेजी से बढ़ता जा रहा है, जो धीरे-धीरे दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। अक्सर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह धीरे-धीरे शरीर में गंभीर बीमारियों को जन्म देता है। सबसे बड़ा खतरा यह है कि खराब कोलेस्ट्रॉल का असर सिर्फ दिल तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसके लक्षण शरीर के अन्य हिस्सों में, खासकर पैरों में भी नजर आने लगते हैं। तो आइए जाने पैरों में दिखने वाले उन संभावित लक्षणों के बारे में जो बैड कोलेस्ट्रॉल का संकेत हो सकते हैं।

लगातार दर्द रहना (Constant pain)

बैड कोलेस्ट्रॉल धमनियों में जमा होकर रक्त प्रवाह को बाधित करता है, जिससे यह दर्द होता है। ऐसे में यदि आपके पैरों में बिना किसी भारी काम या थकावट के लगातार दर्द बना रहता है, तो यह संकेत हो सकता है कि बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ रहा है। (और पढ़ें: शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल के लक्षण)

एड़ी में दर्द (Pain in the Heel)

एड़ी में सूजन या तीव्र दर्द का कारण भी ब्लड सर्कुलेशन की कमी हो सकता है। अगर यह समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है, क्योंकि यह भी बैड कोलेस्ट्रॉल का एक मुख्य संकेत होता है। यह दर्द आमतौर पर लगातार रहता है, जिससे कई बार अन्य कई परेशानियों का सामना भी करना पड़ता जाता है, जैसे ठीक से चल न पाना आदि।

तलवों में दर्द या झनझनाहट (Numbness and Tingling in Foot Sole)

पैरों के तलवों में जलन, झनझनाहट या सुन्नपन की समस्या खराब कोलेस्ट्रॉल के कारण नसों में अवरोध या सूजन का संकेत हो सकती है, जिससे रक्त प्रवाह बाधित होता है और तंत्रिका तंत्र प्रभावित होता है। अगर किसी व्यक्ति को अचानक से ऐसे लक्षण महसूस होने लगे हैं, तो उन्हें डॉक्टर से इस बारे में संपर्क कर लेना चाहिए।

त्वचा का रंग बदलना (Change in the Skin color)

शरीर के निचले हिस्से, विशेष रूप से पैरों की त्वचा का रंग नीला या गहरा हो जाना रक्त प्रवाह की कमी का संकेत हो सकता है। यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब धमनियों में ब्लॉकेज होने लगता है। स्किन के रंग में होने वाले बदलाव कई बार अन्य किसी बीमारी का संकेत भी हो सकते हैं, इसलिए डॉक्टर से जांच कराकर ही सुनिश्चित करना चाहिए।

समय पर उपचार जरूरी (Treatment on time is important)

अगर इन लक्षणों को नजरअंदाज किया जाए, तो यह आगे चलकर हार्ट अटैक या स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। इसलिए जरूरी है कि समय रहते ब्लड टेस्ट कराएं, हेल्दी डाइट लें और नियमित व्यायाम करें।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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