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Written By: Kishori Mishra | Published : July 8, 2020 2:46 PM IST
Some women experience more severe menstrual cramps, making them unable to do their everyday activities.
Periods Problem : हर महीने पीरियड्स आने की सामान्य अवधि 28 दिन की होती है, लेकिन 21 से 35 दिनों के बीच होने वाले पीरियड्स को भी सामान्य माना जाता है। हर एक महिलाओं की पीरियड्स अवधि अलग-अलग होती है। लेकिन अगर आपको 1 या दो महीने में पीरियड्स होने लगे या फिर महीने में दो से तीन बार पीरियड्स हों, तो उसे इररेगुलर पीरियड कहा जाता है। यह महिलाओं की बहुत ही सीरियस समस्या (Periods Problem) होती है।
अपनी इन्हीं समस्याओं के कारण कुछ महिलाओं को मां बनने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही कई अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने लगती हैं। इसलिए जितनी जल्दी हो सके इस समस्या से छुटकारा पाना चाहिए। कुछ ऐसी महिलाएं होती हैं, जिन्हें महज दो सप्ताह का मासिक चक्र होता है, जबकि कुछ महिलाओं के लिए ये एक अस्थाई समस्या है। अगर आपको पीरियड्स में आकस्मिक बदलाव (Periods Problem) का अनुभव हो रहा है, तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
अगर आपके परिवार में अल्सर, फाइब्रॉएड, या जल्द ही मेनोपॉज का इतिहास रहा है, तो ये समस्याएं आपको हो सकती हैं। साथ ही महीने में दो बार पीरियड्स होने का खतरा भी बढ़ा सकती हैं। इसके साथ ही जिन महिलाओं को अनियमित ब्लीडिंग की शिकायत होती हैं, उन्हें भी ऐसी समस्याएं हो सकती हैं। अधिक और लगातार ब्लीडिंग का कारण एनीमिया भी हो सकता है, जो ब्लड में आयरन की कमी के कारण होता है। आइए जानते हैं अन्य कारण-
पेट में अल्सर के कारण भी भारी ब्लीडिंग होने की समस्या हो सकती है। इस ब्लीडिंग को कई लोग मासिक चक्र की ब्लीडिंग समझ लेते हैं, क्योंकि ये एक नियमित अवधि तक होती है। साथ ही इसमें रक्त के थक्के भी निकलते हैं।
बहुत से लोगों का मानना होता है कि प्रेग्नेंसी का अर्थ होता है पीरियड का रूक जाना। लेकिन आपको बता दें कि प्रेग्नेंसी के बीच-बीच में भी ब्लीडिंग हो सकती है। ये एक आम बात है। खासकर शुरुआत के तीन महीनों में ब्लीडिंग की समस्या आम बात है। ये सेक्स या फिर एक्सरसाइज करने से भी ब्लीडिंग होती है।
गर्भाशय में किसी वजह से भ्रूण नष्ट होने को गर्भपात कहते हैं। लगभग 15 से 18 फीसदी गर्भावस्था गर्भपात में समाप्त होती है। गर्भावस्था से पहले तीसरे महीने में वैजाइनल ब्लीडिंग का अनुभव होना होता है। यह एक आम बात है, लेकिन यह गर्भपात का संकेत भी हो सकता है। ऐसे में जरूरी है कि आप अपने डाक्टर से संपर्क करें। इस तरह के संकेत को नजरअंदाज ना करें। वरना ये आपके और आपके बच्चे के लिए हानिकारक हो सकता है।
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